काम आयी दवा, बच गयी सरबिल की मुनी की जान

चाईबासा : सदर अस्पताल के कुपोषण उपचार केंद्र में 22 दिनों तक चले इलाज के बाद मुनी पूरी तरह से स्वस्थ हो गयी है. ठीक होकर बुधवार को वह अपने माता-पिता के साथ घर लौट गयी. आठ जुलाई को जगन्नाथपुर प्रखंड के सरबिल गांव निवासी भीमसिंह तिरिया और सुनीबारी तिरिया की 13 माह की बेटी […]
चाईबासा : सदर अस्पताल के कुपोषण उपचार केंद्र में 22 दिनों तक चले इलाज के बाद मुनी पूरी तरह से स्वस्थ हो गयी है. ठीक होकर बुधवार को वह अपने माता-पिता के साथ घर लौट गयी.
आठ जुलाई को जगन्नाथपुर प्रखंड के सरबिल गांव निवासी भीमसिंह तिरिया और सुनीबारी तिरिया की 13 माह की बेटी मुनी तिरीया को कुपोषण उपचार केंद्र में मरणासन्न स्थिति में भरती कराया गया था. मुनी को एक माह से दस्त होने के कारण काफी गंभीर हालत में भरती कराया गया था.
लेकिन जांच में पता चला कि उसे निमोनिया, छाती में संक्रमण था और दोनों कान बह रहे थे. एक माह तक परिजन केवल झाड़-फूंक कराते रहे. 22 दिनों तक चले इलाज के बाद मुनी पूरी तरह स्वस्थ हो गयी. मुनी के माता-पिता के चेहरे पर खुशी झलक रही थी.
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