अधूरी योजना के उधार के पानी से बुझ रही लोगों की प्यास

Updated at : 16 May 2018 5:20 AM (IST)
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अधूरी योजना के उधार के पानी से बुझ रही लोगों की प्यास

चाईबासा की वर्तमान पेय जलापूर्ति योजना है 60 साल पुरानी नयी परियोजना का कार्य 70 प्रतिशत पर अटका काम छोड़ने वाले पुराने संवेदक से सरकार पूरा करायेगी कार्य चाईबासा : अधूरी पड़ी चाईबासा शहरी जलापूर्ति योजना के उधार के पानी से इन दिनों चाईबासा शहर की प्यास बुझ रही है. शहर की जनसंख्या बढ़ने के […]

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चाईबासा की वर्तमान पेय जलापूर्ति योजना है 60 साल पुरानी

नयी परियोजना का कार्य 70 प्रतिशत पर अटका
काम छोड़ने वाले पुराने संवेदक से सरकार पूरा करायेगी कार्य
चाईबासा : अधूरी पड़ी चाईबासा शहरी जलापूर्ति योजना के उधार के पानी से इन दिनों चाईबासा शहर की प्यास बुझ रही है. शहर की जनसंख्या बढ़ने के कारण 60 साल पुरानी जलापूर्ति योजना शहर की प्यास बुझाने में असफल है, जिसके कारण अधूरी पड़ी नयी चाईबासा शहरी जलापूर्ति योजना के फिल्टर प्लांट से पानी लेकर चाईबासा के लोगों की प्यास बुझाई जा रही है. हालांकि इसके बावजूद चाईबासा वासियों को तय मानक के अनुरूप पानी नहीं मिल रहा है.
सरकारी मानकों के मुताबिक चाईबासा में प्रति व्यक्ति रोजाना 130 लीटर पानी पाइप के जरिये उपलब्ध कराना है. लेकिन वर्तमान में पेयजल व स्वच्छता विभाग बमुश्किल दैनिक 70 लीटर पानी ही उपलब्ध करा पा रहा है. पेयजल की पुरानी परियोजना से चाईबासा को केवल दिन में एक ही बार पानी सप्लाई होती है, जबिक नयी अधूरी योजना के पानी से दिन में एक बार पानी की सप्लाई की जाती है. नयी परियोजना के तहत जलापूर्ति के लिए जहां शहर के अधिकतर हिस्सों में दस इंच की पाइप बिछाई गई है, वहीं पुरानी परियोजना में आज भी मात्र चार इंच की पाइप के जरिये ही जलापूर्ति की जा रही है, जिससे लोगों को जरूरत के मुताबिक पानी उपलब्ध कराने में विभाग विफल है.
पुराने संवेदक के जरिये ही नयी परियोजना का काम कराया जायेगा पूरा
चाईबासा शहरी जलापूर्ति योजना को बीच में ही छोड़कर भागे पुराने संवेदक के जरिये ही उसे पूरा कराने का सरकार ने निर्णय लिया है. पुराने संवेदक से इसके लिए वार्ता चल रही है. नयी योजना का काम लगभग 70 फीसदी हो चुकी है. लेकिन इसका संवेदक किसी कारण से काम बीच में ही छोड़ गया, जिससे विभाग ने संवेदक को काली सूची में डालकर अधूरे कार्य को किसी और संवेदक के जरिये पूरा कराने का निर्णय लिया था. लेकिन इसमें आनेवाली अड़चनों के मद्देनजर सरकार ने अधूरे कार्य को पूरा कराने के लिए नया टेंडर कराने से इन्कार कर दिया है, जिसके कारण विभाग दुबारा पुराने संवेदक को ही काम पूरा कराने के लिए मनाने में जुटी है.
यह सही है कि अधर में पड़ी नयी परियोजना के उधार के पानी से वर्तमान चाईबासा के लोगों को पेयजल की आपूर्ति की जा रही है. पुरानी परियोजना के जरिये यह संभव नहीं है. वहीं अधूरी पड़ी नयी परियोजना के पुराने संवेदक से पूरा कराने के सरकार मिले निर्देश के बाद इस दिशा में कार्य चल रहा है.
प्रभुदयाल मंडल, कार्यपालक अभियंता, पीएचइडी चाईबासा
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