कुचाई में समानांतर स्कूल चला रहे ग्रामीण, पेड़ के नीचे पढ़ाई
Updated at : 09 May 2018 7:46 AM (IST)
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सरायकेला : कुचाई प्रखंड के तोरम्बा गांव में पत्थलगड़ी करने के साथ-साथ ग्रामीणों ने समानांतर स्कूल भी शुरू कर दिया है. ग्रामसभा ने गांव के ही दो युवकों को शिक्षक के रूप में नियुक्त किया है जो बच्चों को पेड़ के नीच पढ़ा रहे हैं. स्कूल भवन में ताला लटका दिया गया है. मध्याह्न भोजन […]
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सरायकेला : कुचाई प्रखंड के तोरम्बा गांव में पत्थलगड़ी करने के साथ-साथ ग्रामीणों ने समानांतर स्कूल भी शुरू कर दिया है. ग्रामसभा ने गांव के ही दो युवकों को शिक्षक के रूप में नियुक्त किया है जो बच्चों को पेड़ के नीच पढ़ा रहे हैं. स्कूल भवन में ताला लटका दिया गया है. मध्याह्न भोजन भी बंद है.
बताया जाता है कि गांव में 24 अप्रैल को पत्थलगड़ी हुई थी जबकि 20 अप्रैल से ही बच्चों ने उत्क्रमित मध्य विद्यालय तोरम्बा में पढ़ने जाना बंद कर दिया था. उक्त संबंध में प्राधानाध्यापक ने कुचाई बीईईओ को पत्र लिखकर जानकारी दी है. जानकारी के बाद बीईईओ ने सरायकेला-खरसावां के डीएसई को पत्र भेज इस संबंध में मार्गदर्शन मांगा है. हालांकि ग्रामीणों ने कहा है कि स्कूल Â बाकी पेज 15 पर
स्कूल से गायब रहते हैं शिक्षक : ग्रामीण
ग्रामीणों का कहना है कि स्कूल अक्सर बंद रहता है और शिक्षक भी गायब रहते हैं. एक शिक्षक आते भी हैं तो स्कूूल आकर सो जाते हैं. नतीजतन कक्षा आठ तक के बच्चे ढंग से अपना नाम तक लिखना नहीं जानते हैं. सामान्य जोड़-घटाव भी बच्चे हल नहीं कर पाते हैं. सरकारी स्कूल में सिर्फ खानापूर्ति की जा रही है. इसीलिए लोगों ने अलग पढ़ाई की व्यवस्था की है. लोगों ने पत्थलगड़ी से इनकार किया.
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