आर्म्स एक्ट में तीन साल की जेल
Updated at : 29 Jul 2017 4:39 AM (IST)
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अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी ने सुनाया फैसला थाना प्रभारी के बयान पर 26 जून 2011 को दर्ज हुआ था मामला चाईबासा : आर्म्स एक्ट मामले में आरोपी निर्मल जेराई को अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी राजेंद्र कुमार सिन्हा की अदालत ने दोषी करार देते हुए एक मामले में तीन वर्ष और दूसरे मामले में छह माह […]
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अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी ने सुनाया फैसला
थाना प्रभारी के बयान पर 26 जून 2011 को दर्ज हुआ था मामला
चाईबासा : आर्म्स एक्ट मामले में आरोपी निर्मल जेराई को अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी राजेंद्र कुमार सिन्हा की अदालत ने दोषी करार देते हुए एक मामले में तीन वर्ष और दूसरे मामले में छह माह की सजा सुनायी. दोनों सजा साथ-साथ चलेगी. दोषी किरीबुरू थानांतर्गत चेरवालोर के निवासी हैं. किरीबुरू के तत्कालीन थाना प्रभारी चार्ल्स डिक्रुश के बयान पर 26 जून 2011 को थाने में प्राथमिकी दर्ज हुआ था. प्राथमिकी में बताया गया कि माओवादियों के विरुद्ध विशेष अभियान चल रहा थे. सीआरपीएफ और पुलिस जवानों ने चेरवालोर गांव की घेराबंदी की. उसी दौरान बाइक से एक व्यक्ति तेज रफ्तार से आते देखा.
पुलिस ने रोकने का इशारा किया, तो वह जंगल रास्ते से होकर भागने लगा. पुलिस व सीआरपीएफ जवानों ने खदेड़ कर पकड़ा. उसने अपना नाम निर्मल जेराई बताया. उसकी कमर से लोडेड देसी पिस्टल और बैग से नक्सली कागज व पोस्टर तथा 16 सौ रुपये बरामद किये गये. पिस्टल व नक्सली कागजात के बारे में स्पष्ट जवाब नहीं दिया. दूसरी ओर नक्सलियों का चिट्ठी रखने के मामले में अदालत ने रीना उर्फ रानी गोप को दोषी करार देते हुए छह माह साधारण कारावास की सजा सुनायी है.
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