मौत के साये में पड़ रही भविष्य की नींव

Updated at : 03 Jul 2017 5:27 AM (IST)
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मौत के साये में पड़ रही भविष्य की नींव

चाईबासा. कभी भी गिर सकती है हॉस्टल की छत, जान जोखिम में डाल पढ़ाई कर रहे छात्र शौचालय भी जीर्ण-शीर्ण, खेत में शौच जाते हैं विद्यार्थी हॉस्टल के तीनों चापाकल खराब, नहाने व पानी लाने बाहर जाते हैं छात्र चाईबासा : चाईबासा स्थित आइटीआइ कॉलेज पूरी तरह जर्जर हो गया है. कॉलेज का क्लास रूम, […]

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चाईबासा. कभी भी गिर सकती है हॉस्टल की छत, जान जोखिम में डाल पढ़ाई कर रहे छात्र

शौचालय भी जीर्ण-शीर्ण, खेत में शौच जाते हैं विद्यार्थी
हॉस्टल के तीनों चापाकल खराब, नहाने व पानी लाने बाहर जाते हैं छात्र
चाईबासा : चाईबासा स्थित आइटीआइ कॉलेज पूरी तरह जर्जर हो गया है. कॉलेज का क्लास रूम, लैबोरेट्री समेत हॉस्टल, कॉमनरूम व शौचालय की छत टूट रही है. कॉलेज की दीवार जहां-तहां से टूटने लगी हैं. हॉस्टल और कॉमन रूम की छत जीर्ण-शीर्ण हो गयी है. बाहर से यह खंडहर जैसा दिखता है. हॉस्टल की छत कभी भी गिर सकती है. मौत के साये में विद्यार्थी भविष्य की नींव रख रहे हैं. जान जोखिम में डालकर हॉस्टल में छात्र पढ़ाई कर रह रहे हैं.
दीवार रिसने से कमरे में भर जाता है पानी, कमरा नंबर पांच छात्रों ने किया खाली : छत में किनारे-किनारे दरार पड़ने से पानी रिसकर कमरे में आ जाता है. इस कारण हॉस्टल रूम में पानी भर जाता है. कभी पूरब, कभी पश्चिम तो कभी दक्षिण दिशा में भाग-भागकर छात्र पानी से बचते हैं. हॉस्टल के कमरा नंबर पांच की स्थिति काफी खराब है. पानी रिसाव के कारण पांच नंबर कमरा में काफी मात्रा में पानी भर जाता है. तंग आकर छात्रों ने कमरा नंबर पांच छोड़ दिया है. छात्र दूसरे कमरों में शिफ्ट हुए हैं.
शौचालय भी जर्जर, डर से खेत में शौच जाते हैं छात्र : हॉस्टल के कमरे खस्ता हाल में हैं. वहीं आइटीआइ छात्रावास का शौचालय भी जहां-तहां गिर रहा है. जर्जर शौचालयों में डर से आधे से अधिक छात्र नहीं जाते हैं. डर के कारण छात्र खुले में शौच करने जाते हैं.
आइटीआइ कॉलेज छात्रावास के सभी कमरे हुए जर्जर
छात्रावास की मरम्मत के लिए कई बार प्राचार्य से मांग की गयी. इस पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है. कभी भी बड़ी दुर्घटना हो सकती है. बीच में मरम्मत का कार्य चल रहा था. कुछ दिनों से कार्य बंद है. छात्रावास में पेयजल की भी समस्या है. छात्रावास परिसर में तीन चापाकल है, लेकिन तीनों खराब है. पेयजल और नहाने के लिए महिला इंस्टीट्यूट और नवनिर्मित उपायुक्त कार्यालय भवन जाना पड़ता है. सबसे ज्यादा दिक्कत रात को होती है. वहीं छात्रावास का शौचालय जर्जर हो गया है. मजबूरी में छात्रों को खेत में शौच के लिए जाना पड़ता है.
सुला गूंजा, छात्र, आइटीआइ.
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