‘तुम रहे ना तुम’: प्यार के बीच जब ईगो बन जाए सबसे बड़ी दीवार, पहली बार लीड रोल में साथ दिखेंगे दिव्या दत्ता-जिमी शेरगिल

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दिव्या दत्ता और जिमी शेरगिल

पति-पत्नी के बीच प्यार और चिंता के बीच ईगो की दीवार कैसे खड़ी हो जाती है, और इसका असर बच्चों के भविष्य पर कैसे पड़ता है, यह कहानी दर्शाती है फिल्म 'तुम रहे ना तुम'. दिव्या दत्ता और जिमी शेरगिल पहली बार लीड रोल में नजर आएंगे.

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दुमका से आनंद जायसवाल की रिपोर्ट

रांची: पति-पत्नी के बीच प्यार हो, एक-दूसरे के लिए चिंता हो, लेकिन जब दोनों को अपनी-अपनी सोच ही सही लगने लगे तो रिश्ते में दरार पड़ने लगती है. बात समझाने से शुरू होती है और कब जिद, अधिकार और ईगो तक पहुंच जाती है, इसका अंदाजा दोनों को भी नहीं होता. सबसे मुश्किल स्थिति तब बनती है, जब इस टकराव का असर बच्चे के भविष्य पर पड़ने लगे. निर्देशक प्रेम प्रकाश मोदी की आने वाली फिल्म ‘तुम रहे ना तुम’ इसी जटिल पारिवारिक रिश्ते और मनोवैज्ञानिक टकराव की कहानी को पर्दे पर लेकर आ रही है.

फिल्म की सबसे खास बात यह है कि दिव्या दत्ता और जिमी शेरगिल पहली बार लीड रोल में एक साथ नजर आएंगे. दोनों फिल्म में पति-पत्नी की भूमिका में हैं और कहानी उनके रिश्ते के बदलते समीकरणों के इर्द-गिर्द घूमती है. फिल्म का निर्माण विन्नी चावला और सोनू कात्याल कर रहे हैं, जबकि स्क्रीनप्ले राकेश कुमार त्रिपाठी ने लिखा है.

जब बच्चे के भविष्य पर आमने-सामने होंगे पति-पत्नी

‘तुम रहे ना तुम’ की कहानी एक ऐसे दंपती की है, जो अपने परिवार और बच्चे के भविष्य के लिए बेहतर फैसला लेना चाहता है. परेशानी यह है कि दोनों की सोच अलग है. दोनों के पास अपनी बात के पक्ष में तर्क हैं और दोनों को लगता है कि वही परिवार के लिए सही फैसला कर रहे हैं.

शुरुआत में यह मतभेद सामान्य बातचीत और बहस तक सीमित रहता है, लेकिन धीरे-धीरे दोनों के बीच तनाव बढ़ने लगता है. बच्चे को किस दिशा में आगे बढ़ना चाहिए, उसके भविष्य के लिए क्या सही है और फैसला लेने का अधिकार किसके पास होना चाहिए, जैसे सवाल पति-पत्नी के रिश्ते को प्रभावित करने लगते हैं.

फिल्म की खूबसूरती यही है कि यहां कोई एक व्यक्ति पूरी तरह सही या गलत नहीं है. पति की अपनी सोच, अनुभव और महत्वाकांक्षाएं हैं, तो पत्नी के अपने सपने, इच्छाएं और तर्क हैं. दोनों अपने नजरिये से बच्चे और परिवार के लिए बेहतर भविष्य चाहते हैं. लेकिन जब अपनी बात सही साबित करने की जिद रिश्ते से बड़ी हो जाती है, तो प्यार और विश्वास के बीच दरार पैदा होने लगती है.

स्वीडिश नाटक ‘द फादर’ का भारतीय रूपांतरण

‘तुम रहे ना तुम’ स्वीडिश नाटककार ऑगस्ट स्ट्रिंडबर्ग के चर्चित नाटक ‘द फादर’ का रूपांतरण है. निर्देशक प्रेम प्रकाश मोदी ने मूल कहानी की भावभूमि को भारतीय परिवार और सामाजिक परिवेश में ढाला है.

फिल्म में प्रेम, अधिकार, असुरक्षा, पति-पत्नी के बीच ईगो और बच्चे को लेकर माता-पिता की अपेक्षाओं को कहानी का आधार बनाया गया है. फिल्म यह सवाल भी उठाती है कि जब दो लोग एक-दूसरे से प्यार करते हों, लेकिन अपनी सोच और अपेक्षाएं सामने वाले पर थोपने लगें, तो रिश्ते का भविष्य क्या होगा.

निर्देशक प्रेम प्रकाश मोदी के मुताबिक फिल्म रिश्तों के भीतर पैदा होने वाली उन परिस्थितियों को समझने की कोशिश करती है, जहां पति-पत्नी दोनों खुद को सही मानते हैं, लेकिन एक-दूसरे के नजरिये को स्वीकार नहीं कर पाते. ऐसे में विवाद सिर्फ दो लोगों के बीच नहीं रहता, बल्कि उसका असर पूरे परिवार और खासकर बच्चे पर पड़ता है.

दोनों सही, फिर भी बढ़ता जाएगा टकराव

फिल्म का सबसे दिलचस्प पहलू यही है कि दर्शक को किसी एक किरदार के साथ खड़ा होने का आसान मौका नहीं मिलेगा. पिता अपने बच्चे के भविष्य को अपनी सोच और महत्वाकांक्षा के हिसाब से देखता है, जबकि मां उसी भविष्य को अलग नजरिये से देखती है.

दोनों के बीच बहस धीरे-धीरे इस सवाल में बदल जाती है कि आखिर बच्चे की जिंदगी का फैसला कौन करेगा. इसी दौरान पुरानी बातों, निजी अनुभवों और अहं की परतें भी सामने आने लगती हैं. अपनी बात समझाने की कोशिश कब सामने वाले को बदलने की कोशिश बन जाती है, फिल्म इसी मनोवैज्ञानिक बदलाव को पकड़ती है.

दुमका से निकला रंगमंच का जुनून, अब बड़े पर्दे तक पहुंची कहानी

निर्देशक प्रेम प्रकाश मोदी का जुड़ाव झारखंड के दुमका के नोनीहाट से रहा है. बचपन में गांव में लोककथाओं और पौराणिक कथाओं पर आधारित नाटक देखते हुए उनके भीतर रंगमंच के प्रति रुचि पैदा हुई. आगे चलकर प्रेमचंद और फणीश्वरनाथ रेणु जैसे साहित्यकारों को पढ़ने से समाज और कहानी को देखने का उनका नजरिया और मजबूत हुआ.

रंगमंच को करियर बनाने के लिए वह कोलकाता पहुंचे. दिन में नौकरी और शाम को थिएटर का सिलसिला चलता रहा. बाद में उन्होंने नौकरी छोड़कर पूरी तरह रंगमंच को अपना लिया. इसी दौरान इरफान खान, आदित्य श्रीवास्तव और राजेंद्र गुप्ता जैसे कलाकारों के साथ काम करने का अवसर मिला.

राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता फिल्मकार गुल बहार सिंह के साथ सहायक के रूप में काम करना उनके फिल्मी सफर का महत्वपूर्ण पड़ाव रहा. कैमरे के पीछे काम करते हुए उन्होंने सिनेमा की भाषा और फिल्म निर्माण की बारीकियों को समझा और धीरे-धीरे निर्देशन की ओर बढ़े.

‘पंचलैट’ के बाद फिर साहित्य से सिनेमा तक

प्रेम प्रकाश मोदी ‘इति मृणालिनी’, ‘चतुरंग’, ‘द गोल’, ‘दत्तक’ और ‘गॉयनार बक्शो’ जैसी फिल्मों से जुड़े रहे हैं. बतौर निर्देशक उनकी पहली फिल्म अर्जुन समरेश मजूमदार के चर्चित उपन्यास पर आधारित बांग्ला फिल्म थी.

इसके बाद उन्होंने फणीश्वरनाथ रेणु की प्रसिद्ध कहानी पर हिंदी फिल्म पंचलैट बनाई. फिल्म को दर्शकों की सराहना मिली और 2019 में भारतीय अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव में भी इसका प्रदर्शन हुआ. ‘तुम रहे ना तुम’ के साथ भी उनका साहित्य और रंगमंच से जुड़ा रिश्ता बरकरार है, लेकिन इस बार आधार भारतीय रचना के बजाय ऑगस्ट स्ट्रिंडबर्ग का चर्चित नाटक है.

दिव्या दत्ता और जिमी शेरगिल की नई जोड़ी पर नजर

फिल्म में दिव्या दत्ता और जिमी शेरगिल की पहली लीड जोड़ी देखने को मिलेगी. दोनों अनुभवी कलाकार पति-पत्नी के बीच के भावनात्मक तनाव, असहमति और रिश्तों की जटिलता को पर्दे पर उतारेंगे.

दिव्या दत्ता ने फिल्म की कहानी को मानवीय और जटिल बताया है. उनके अनुसार फिल्म में कोई किरदार पूरी तरह निर्दोष या दोषी नहीं है. वहीं जिमी शेरगिल भी कहानी की इसी जटिलता से प्रभावित हुए हैं. उनका मानना है कि फिल्म दर्शकों को यह सोचने का मौका देगी कि एक ही रिश्ते को दो लोग कितने अलग-अलग नजरिये से देख सकते हैं. फिल्म में हर्ष छाया, जरीना वहाब और राजेश जायस भी महत्वपूर्ण भूमिकाओं में नजर आएंगे.

संगीत से तकनीकी टीम तक सब खास

‘तुम रहे ना तुम’ का प्रोडक्शन फैनैटिकली फिल्मी कर रहा है. विक्रमजीत रॉय एग्जीक्यूटिव प्रोड्यूसर हैं. फिल्म की सिनेमैटोग्राफी अनूप सिंह ने की है, जबकि साउंड डिजाइन की जिम्मेदारी दीपांकर जोजो चाकी ने संभाली है.

फिल्म की एडिटिंग मानस मित्तल और मनिंदर सिंह लोधी कर रहे हैं. संगीत अनूपम राय ने दिया है. फिल्म में श्रेया घोषाल की आवाज भी सुनने को मिलेगी.

कुल मिलाकर ‘तुम रहे ना तुम’ सिर्फ पति-पत्नी के झगड़े की कहानी नहीं है, बल्कि यह उस बारीक रेखा को समझने की कोशिश है जहां प्यार, अधिकार, जिद और ईगो एक-दूसरे में घुलने लगते हैं. यही वजह है कि दिव्या दत्ता और जिमी शेरगिल की नई जोड़ी के साथ प्रेम प्रकाश मोदी की यह फिल्म दर्शकों के बीच उत्सुकता पैदा कर रही है.


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वैभव विक्रम

लेखक के बारे में

By वैभव विक्रम

वैभव विक्रम डिजिटल पत्रकार हैं. बीते 5 सालों से झारखंड की सामाचार, खेल, लाइफस्टाइल, एजुकेशन, धर्म में रुचि है और इसी विषय पर अपने विचार प्रकट करना पसंद है. वर्तमान में प्रभात खबर के झारखंड डेस्क के रांची एडिशन के जिलों की खबरों को कवर कर रहे हैं. इससे पहले वह साल 2023-24 में प्रभात खबर के खेल डेस्क की खबरें लिखा करते थे.

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