माताओं ने व्रत रख कर संतानों की लंबी उम्र की कामना की

शहरी क्षेत्र सहित सभी प्रखंड क्षेत्रों में विधि विधान के साथ संतान के दीर्घायु व आरोग्य होने की कामना को लेकर महिलाओं ने श्रद्धापूर्वक जीवित्पुत्रिका व्रत किया
सिमडेगा. शहरी क्षेत्र सहित सभी प्रखंड क्षेत्रों में विधि विधान के साथ संतान के दीर्घायु व आरोग्य होने की कामना को लेकर महिलाओं ने श्रद्धापूर्वक जीवित्पुत्रिका व्रत किया. शनिवार को नहाय खाय के साथ शुरू हुए इस पर्व में माताओं ने अपने पुत्र के लंबी उम्र के लिए रविवार को निर्जला व्रत रखा. शहर के नीचे बाजार, गुलजार गली शिव मंदिर, साहू मुहल्ला, शिव पूरी मुहल्ला, ठाकुर टोली, सामटोली, सलडेगा, थाना परिसर स्थित हनुमान वाटिका मंदिर के अलावा अन्य स्थानों पर सामूहिक रूप से पूजा का आयोजन किया गया. जहां आसपास की सभी व्रतधारी माताओं ने आकर पूजा अर्चना कर जीवितपुत्रिका व्रत की कथा सुनी. थाना परिसर स्थित हनुमान वाटिका में जीवित्पुत्रिका पूजन में कथा सुनाते हुए पंडित शोमनाथ मिश्रा ने कहा कि जीवित्पुत्रिका-व्रत के साथ जीमूतवाहन की कथा जुड़ी है. इसमें गन्धर्वों के राजकुमार जीमूतवाहन अपने जीवन का दाव पर लगाकर नागवंश की रक्षा करते हैं. जीमूतवाहन के अदम्य साहस से नाग-जाति की रक्षा हुई और तबसे पुत्र की सुरक्षा हेतु जीमूतवाहन की पूजा की प्रथा शुरू हो गयी. जिउतिया पर्व मातृत्व के उस स्वरूप का प्रतीक है, जिसमें मां अपनी संतान की दीर्घायु और सुखी जीवन के लिए सबसे कठिन तपस्या करती है. यह केवल धार्मिक अनुष्ठान ही नहीं, बल्कि मां के त्याग और प्रेम का जीवंत उदाहरण है.
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