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वर्ष 2025 में राष्ट्रीय लोक अदालत से 97 हजार से अधिक मामलों का हुआ निष्पादन

Updated at : 04 Jan 2026 8:18 PM (IST)
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वर्ष 2025 में राष्ट्रीय लोक अदालत से 97 हजार से अधिक मामलों का हुआ निष्पादन

न्याय प्रशासन द्वारा आमजनों को त्वरित,सुलभ और निःशुल्क न्याय उपलब्ध कराने की दिशा में किये जा रहे प्रयास अब धरातल पर स्पष्ट रूप से दिखाई देना लगा है.

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मो इलियास सिमडेगा. न्याय प्रशासन द्वारा आमजनों को त्वरित,सुलभ और निःशुल्क न्याय उपलब्ध कराने की दिशा में किये जा रहे प्रयास अब धरातल पर स्पष्ट रूप से दिखाई देना लगा है. राष्ट्रीय लोक अदालत, लोक अदालत, विशेष लोक अदालत एवं स्थायी लोक अदालत के माध्यम से हजारों लोगों को वर्षों से लंबित मामलों से राहत मिली है. वर्ष 2025 में सिमडेगा जिले में कुल चार राष्ट्रीय लोक अदालतों का आयोजन किया गया. जिसमें निष्पादन के लिए 97,142 मामले रखे गये. इनमें से 97,012 मामलों का सफल निष्पादन आपसी समझौते के आधार पर किया गया. इन मामलों में कुल छह करोड़ 46 लाख 31 हजार 876 रुपये की राशि पर समझौता हुआ.जो लोक अदालत की प्रभावशीलता को दर्शाता है. निष्पादित मामलों में 96,347 प्री-लिटिगेशन से जुड़े मामले शामिल हैं, जबकि विभिन्न न्यायालयों में लंबित 663 मामलों का भी समाधान किया गया. लोक अदालत के माध्यम से लोगों को अदालतों और सरकारी कार्यालयों के अनावश्यक चक्कर लगाने से निजात मिली और समय व धन की बचत हुई. झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार के निर्देश पर जिला विधिक सेवा प्राधिकार के अध्यक्ष सह प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजीव कुमार सिन्हा के नेतृत्व में राष्ट्रीय लोक अदालत का सफल आयोजन किया गया. वर्ष 2025 में 8 मार्च,10 मई,13 सितंबर और 13 दिसंबर को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया था.जिसमें उक्त मामलों को निबटारा किया गया. बॉक्स सभी विभागों के सहयोग से संभव हुआ रिकॉर्ड निष्पादन : अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकार के अध्यक्ष सह प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजीव कुमार सिन्हा ने कहा कि विभिन्न विभागों के सहयोग से राष्ट्रीय लोक अदालत में इतनी बड़ी संख्या में मामलों का निष्पादन संभव हो पाया. इसके लिए न्यायिक, प्रशासनिक एवं पुलिस पदाधिकारी बधाई के पात्र हैं. उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत आम लोगों के लिए न्याय पाने का सबसे सरल और प्रभावी माध्यम है. यहां निःशुल्क,त्वरित और स्थायी समाधान मिलता है. लोक अदालत में हुए निर्णयों के विरुद्ध ऊपरी अदालत में अपील का प्रावधान नहीं होता, जिससे दोनों पक्षों के बीच आपसी सौहार्द बना रहता है. बॉक्स अधिक से अधिक लोगों तक न्याय पहुंचाना लक्ष्य : सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकार की सचिव मरियम हेमरोम ने कहा कि प्राधिकार द्वारा प्रत्येक वर्ष चार राष्ट्रीय लोक अदालतों का आयोजन किया जाता है. उद्देश्य यह रहता है कि अधिक से अधिक लोग लोक अदालत के माध्यम से अपने विवादों का समाधान कर सकें. उन्होंने बताया कि विभिन्न विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर जरूरतमंद लोगों तक न्याय और सहायता पहुंचायी जाती है. सभी विभागों के संयुक्त प्रयास से ही इतनी बड़ी संख्या में मामलों का निष्पादन संभव हो सका. सचिव ने कहा कि वर्ष 2026 में भी आयोजित होने वाली लोक अदालतों के माध्यम से अधिक से अधिक लोगों को लाभ दिलाने का प्रयास किया जायेगा. बॉक्स इस साल भी लगेंगी चार राष्ट्रीय लोक अदालत नालसा के द्वारा वर्ष 2026 में भी चार राष्ट्रीय लोक अदालत के आयोजन की स्वीकृति दी गयी है. पहली राष्ट्रीय लोक अदालत 14 मार्च,दूसरी नौ मई, तीसरी 12 सितंबर और चौथी राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन 12 दिसंबर को किया जायेगा.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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VIKASH NATH

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By VIKASH NATH

VIKASH NATH is a contributor at Prabhat Khabar.

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