चार माह से नहीं मिला मानदेय, घर चलाना हुआ मुश्किल
Published by : Prabhat Khabar News Desk Updated At : 20 Feb 2026 10:26 PM
चार माह से नहीं मिला मानदेय, घर चलाना हुआ मुश्किल
सिमडेगा. झारखंड प्रदेश विद्यालय रसोइया संयोजिका अध्यक्ष संघ सिमडेगा के बैनर तले शुक्रवार को मध्याह्न भोजन योजना की व्यवस्था को लेकर आवाज बुलंद की गयी. संघ की ओर से आरोप लगाया गया कि रसोइयों के अनिश्चितकालीन हड़ताल पर रहने के कारण कई विद्यालयों में शिक्षकों व बच्चों से ही मध्याह्न भोजन (एमडीएम) बनवाया जा रहा है. संघ के प्रतिनिधियों ने कहा कि शिक्षक पढ़ाने के लिए हैं या मध्याह्न भोजन बनाने के लिए. उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ विद्यालयों में गरीब रसोइयों के बच्चों से एमडीएम बनवाया जा रहा है, जिससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है. संघ का कहना है कि अधिकारी अपने बच्चों को निजी स्कूलों में पढ़ाते हैं, जबकि सरकारी विद्यालयों में पढ़ने वाले गरीब परिवारों के बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है. रसोइयों ने बताया कि वे वर्ष 2004 से सरकारी विद्यालयों में मध्याह्न भोजन बनाने का कार्य कर रही हैं. लेकिन अब तक उनके स्थायीकरण को लेकर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है. संघ का आरोप है कि पिछले चार माह से मानदेय का भुगतान नहीं हुआ है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति दयनीय हो गयी है और परिवार चलाना मुश्किल हो गया है. रसोइयों ने कहा कि वे प्रतिदिन सुबह नौ बजे से दोपहर तीन बजे तक विद्यालय में कार्य करती हैं. इसके बावजूद उन्हें उचित मजदूरी नहीं मिलती. महंगाई को देखते हुए मनरेगा के तहत निर्धारित मजदूरी के बराबर मानदेय देने की मांग की गयी है.
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