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बुजुर्गों का परिवार से अलग होना विदेशी संस्कृति का प्रतीक : पीडीजे

Updated at : 22 Aug 2025 11:05 PM (IST)
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बुजुर्गों का परिवार से अलग होना विदेशी संस्कृति का प्रतीक : पीडीजे

बुजुर्गों का परिवार से अलग होना विदेशी संस्कृति का प्रतीक : पीडीजे

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सिमडेगा. अंतरराष्ट्रीय वरिष्ठ नागरिक दिवस पर जिला विधिक सेवा प्राधिकार की तरफ से वृद्ध आश्रम में कार्यक्रम आयोजित किया गया. इसमें प्राधिकार के अध्यक्ष सह प्रधान जिला जज राजीव कुमार सिन्हा, एडीजे नरंजन सिंह, प्राधिकार के सचिव मरियम हेमरोम समेत अन्य मुख्य रूप से उपस्थित थे. प्रधान जिला जज ने बुजुर्गों को संबोधित करते हुए कहा कि परिवार में बुजुर्गों की सेवा और सम्मान करने की भावना ही असली संस्कार है. हम उनसे अच्छा व्यवहार करेंगे, तभी हमारे बच्चे भी हमें सम्मान देंगे. उन्होंने वृद्धाश्रम की परंपरा पर टिप्पणी करते हुए कहा कि बुजुर्गों का परिवार से अलग होना विदेशी संस्कृति का प्रतीक है, जिसे बढ़ावा देना गलत है. सचिव मरियम हेमरोम ने कहा कि वृद्धों की सेवा करने से उसका फल मिलता है. उन्होंने कहा कि सरकार ने भरण-पोषण अधिनियम लागू किया है, जिसके तहत बुजुर्गों की देखभाल न करने पर उनकी संतान पर दंडात्मक कार्रवाई हो सकती है. मौके पर अधिकारियों ने बुजुर्गों को आश्वासन दिया कि उनकी समस्याएं दूर करने की पहल की जायेगी. मौके पर आश्रम में रह रहे बुजुर्गों के बीच फल आदि का वितरण किया गया. साथ ही अधिकारियों ने सभी बुजुर्गों को बुके देकर और शॉल ओढ़ा कर सम्मानित किया. कार्यक्रम में कई लोग उपस्थित थे.

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