सिमडेगा में मुठभेड़, एक उग्रवादी ढेर, छह गिरफ्तार

Author : Prabhat Khabar News Desk Published by : Prabhat Khabar Updated At : 17 May 2020 10:54 PM

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बांसाजोर थाना क्षेत्र के जुनाडीह जंगल में रविवार को सर्च ऑपरेशन चलाया गया. इस दौरान पुलिस को देखते ही उग्रवादियों ने फायरिंग शुरू कर दी. पुलिस के जवानों ने भी मोर्चा संभालते हुए जवाबी कार्रवाई की

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सिमडेगा: उग्रवादियों और पुलिस के बीच रविवार को हुई मुठभेड़ में पुलिस को भारी सफलता हाथ लगी है. बांसजोर थाना क्षेत्र के जुनाडीह जंगल में पीएलएफआइ उग्रवादियों के छिपे होने की सूचना लगातार एसपी संजीव कुमार को मिल रही थी. इस पर एक टीम लगातार नक्सलियों के पीछे लगी हुई थी. बांसाजोर थाना क्षेत्र के जुनाडीह जंगल में रविवार को सर्च ऑपरेशन चलाया गया. इस दौरान पुलिस को देखते ही उग्रवादियों ने फायरिंग शुरू कर दी. पुलिस के जवानों ने भी मोर्चा संभालते हुए जवाबी कार्रवाई की. दोनों ओर से जबर्दस्त गोलीबारी हुई. मुठभेड़ में पुलिस ने पंडित नामक एक उग्रवादी को घटनास्थल पर ही मार गिराया. पुलिस की गोली से एक अन्य उग्रवादी प्रवीण कंडुलना घायल हो गया.

मुठभेड़ में घायल उग्रवादी प्रवीण कंडुलना को इलाज के लिए सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है. घायल नक्सली सहित छह नक्सलियों को गिरफ्तार करने में पुलिस ने सफलता हासिल की है. गिरफ्तार उग्रवादियों में दो महिलाएं भी शामिल हैं.जवानों ने दिखाया साहस एसपी संजीव कुमार ने बताया कि मुठभेड़ में पुलिस के जवानों ने अदम्य साहस का परिचय दिया है. सर्च ऑपरेशन के लिए झारखंड जगुआर की तीन कंपनी को लगाया गया था. एसपी ने बताया कि पीएलएफआई सूचित के दस्ते के साथ मुठभेड़ हुई है. एसपी संजीव कुमार ने बताया कि पुलिस की ओर से लगभग ढाई सौ राउंड गोलियां चली है.

मृत उग्रवादी – पंडितये पकड़े गये – प्रवीण कंडुलना बानो निवासी, बिरसा कोंगाड़ी महाबुआंग निवासी, सनीका कंडुलना खूंटी रनिया निवासी, हेमंती टोपना महाबुआंग निवासी, जॉनसन बरला रनिया खूंटी निवासी, मोयलेन बडिंग जलडेगा निवासी. बरामद हथियार व सामानएके 47-1 313 रायफल-4गोली- 150 पस्टिल-1आपाची बाइक-1 ट्रक में भेजा जा रहा था श्रमिकों का शव, हेमंत के हस्तक्षेप से मिला सम्मान ओरैया में सड़क हादसे में मृत श्रमिकों का पार्थिव शरीर बर्फ की सल्लियिों के बीच रख कर ट्रक से झारखंड भेजा जा रहा थाप्रमुख संवाददाता 4 रांची उत्तर प्रदेश के ओरैया में सड़क हादसे में मृत श्रमिकों का पार्थिव शरीर बर्फ की सल्लियिों के बीच रख कर ट्रक से झारखंड भेजा जा रहा था. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को ट्वीटर पर इसकी सूचना मिली.

श्री सोरेन ने उत्तर प्रदेश सरकार के कृत्य को अमानवीय एवं संवेदनहीनता की पराकाष्ठा बताया. उन्होंने बोकारो के उपायुक्त और झारखंड पुलिस को राज्य की सीमा में प्रवेश करते ही ट्रक से आ रहे घायलों का उचित इलाज सुनश्चिति करने के नर्दिेश दिये. कहा कि मृतकों के पार्थिव शरीर को पूरे सम्मान के साथ उनके घर तक पहुंचा कर सूचित करें. मुख्यमंत्री ने ट्वीट के माध्यम से उत्तर प्रदेश और बिहार के मुख्यमंत्रियों से भी शवों को सम्मान के साथ वापस भेजने का आग्रह किया था. हालांकि, दोनों ही राज्य सरकारों की ओर से मुख्यमंत्री के ट्वीट का कोई जवाब नहीं दिया गया.

मृतकों के परिजनों को दी जायेगी चार-चार लाख रुपये की सहायता मुख्यमंत्री ने औरैया दुर्घटना में मृत राज्य के सभी 11 श्रमिकों के परिवार को चार-चार लाख रुपये व प्रति घायल व्यक्ति को 50 हजार रुपये तत्काल सहायता देने की घोषणा की है. उन्होंने बोकारो जिला प्रशासन को घायलों के उचित इलाज की व्यवस्था करने का भी नर्दिेश दिया है. मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद बोकारो जिला प्रशासन द्वारा मृतकों के परिजनों को तत्काल 25-25 हजार रुपये की सहायता प्रदान की गयी. परिजनों की आर्थिक स्थिति देखते हुए उनको चावल भी उपलब्ध कराया गया.

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