शिक्षकों के हक के लिये कोर्ट में रिव्यू पीटीशन दायर करने का निर्णय

अखिल भारतीय प्राथमिक शिक्षक संघ, नई दिल्ली के राष्ट्रीय अध्यक्ष वासवराज गुरिकर की अध्यक्षता में टीईटी अनिवार्यता से उत्पन्न संकट पर बैठक हुई.
फोटो: 14 एसआईएम: 22- बैठक में उपस्थित शिक्षक संघ के अधिकारी व शिक्षक प्रतिनिधि बानो. अखिल भारतीय प्राथमिक शिक्षक संघ, नई दिल्ली के राष्ट्रीय अध्यक्ष वासवराज गुरिकर की अध्यक्षता में टीईटी अनिवार्यता से उत्पन्न संकट पर बैठक हुई. सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार, दो वर्षों में टीईटी उत्तीर्ण नहीं करने वाले शिक्षकों को सेवा छोड़नी होगी, जिसे संघ ने शिक्षक विरोधी और घोर निंदनीय बताया. संघ ने शिक्षा अधिकार अधिनियम में 2017 के संशोधन का हवाला देते हुए कहा कि नियुक्ति के समय निर्धारित योग्यता के आधार पर वर्षों से सेवा दे रहे शिक्षकों पर नई परीक्षा की बाध्यता अनुचित है. राष्ट्रीय अध्यक्ष वासवराज गुरिकर और महासचिव कमलकांत त्रिपाठी ने शिक्षकों के अधिकारों की रक्षा हेतु हरसंभव प्रयास का संकल्प लिया। सोमवार को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से संघ का प्रतिनिधिमंडल मुलाकात करेगा और शिक्षा अधिकार अधिनियम में संशोधन की मांग रखेगा. संघ ने रिव्यू पिटीशन के साथ चार अन्य केस दाखिल करने का निर्णय लिया है. देशव्यापी आंदोलन की योजना बनाई गई है, जिसमें जिला स्तर पर धरना, सांसदों और उपायुक्तों के माध्यम से मुख्यमंत्री व प्रधानमंत्री को ज्ञापन सौंपा जायेगा. बैठक में उमाशंकर सिंह, योगेंद्र तिवारी, विनोद ठाकरान, अर्जुन सिंह, हरि गोविंदन, सीमा माथुर, रतुल गोस्वामी, चंद्रशेखर, विश्वनाथ गोराई, रंगराजन सहित कई राष्ट्रीय शिक्षक नेता उपस्थित थे। संघ ने स्पष्ट किया कि शिक्षकों की आजीविका की रक्षा के लिए कोई कोर-कसर नहीं छोड़ी जायेगी.
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