पेसा नियमावली के क्रियान्वयन के लिए विभागों के बीच समन्वय व संतुलन जरूरी : डीसी
Published by : Prabhat Khabar News Desk Updated At : 03 Jun 2026 9:56 PM
पेसा नियमावली 2025 को लेकर जिला स्तरीय राउंड टेबल कॉन्फ्रेंस का आयोजन
सिमडेगा. सिमडेगा. समाहरणालय सभागार में पंचायत उपबंध (अनुसूचित क्षेत्रों पर विस्तार) झारखंड नियमावली, 2025 यानी पेसा विषय पर जिला स्तरीय राउंड टेबल कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया. कार्यक्रम का उद्घाटन उपायुक्त कंचन सिंह, उपविकास आयुक्त दीपांकर चौधरी, अपर समाहर्ता ज्ञानेंद्र, परियोजना निदेशक आइटीडीए सरोज तिर्की, राज्य पेसा समन्वयक सुधीर पाल तथा जिला आपूर्ति पदाधिकारी नरेश रजक ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया. कार्यक्रम की अध्यक्षता उपायुक्त कंचन सिंह ने की. उन्होंने कहा कि पेसा नियमावली 2025 के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सभी विभागों के बीच समन्वय और संतुलन आवश्यक है. उन्होंने मौजूदा प्रशासनिक व्यवस्था और पेसा लागू होने के बाद उत्पन्न होने वाले प्रभावों के अनुरूप कार्य प्रणाली को ढालने पर बल दिया. उन्होंने ग्रामसभा अध्यक्ष के चयन की प्रक्रिया को व्यवस्थित करने और ग्रामसभा स्तर पर विवादों का समाधान आपसी सुलह, समझौता और सद्भाव के माध्यम से करने की बात कही. उपायुक्त ने जिले की 10 प्रखंडों की 94 पंचायतों की 252 ग्रामसभाओं के ग्राम अध्यक्षों की सूची तैयार करने का निर्देश दिया. उपविकास आयुक्त दीपांकर चौधरी ने पेसा कानून की पृष्ठभूमि, उद्देश्य और महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि अनुसूचित क्षेत्रों में मुंडा, मानकी, मांझी और पाहन जैसी पारंपरिक स्वशासन व्यवस्थाएं लंबे समय से स्थानीय लोकतंत्र की मजबूत आधारशिला रही हैं. पेसा कानून इन परंपराओं का सम्मान करते हुए पंचायती राज व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाता है. उन्होंने कहा कि पेसा को लेकर जागरूकता की कमी और कई भ्रांतियां भी हैं, जिन्हें दूर करना आवश्यक है. उन्होंने राज्य सरकार द्वारा तैयार समावेशी पेसा नियमावली के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए विभागीय नियमों में सामंजस्य की जरूरत बतायी. राज्य पेसा समन्वयक सुधीर पाल ने पेसा नियमावली-2025 के प्रमुख प्रावधानों की विस्तृत जानकारी दी. उन्होंने ग्रामसभा की शक्तियों, अधिकारों, दायित्वों, निर्णय प्रक्रिया, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण, स्थानीय विकास योजनाओं में समुदाय की भागीदारी और अनुसूचित क्षेत्रों में स्वशासन को मजबूत बनाने से जुड़े पहलुओं पर प्रकाश डाला. कार्यक्रम में पेसा कानून से जुड़ी भ्रांतियों को दूर करने, जनजागरूकता बढ़ाने तथा इसके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए विभागों, पंचायत प्रतिनिधियों और सिविल सोसाइटी के समन्वित प्रयासों पर जोर दिया गया. अंत में प्रतिभागियों से सुझाव भी आमंत्रित किये गये. बैठक में जिला एवं प्रखंड स्तरीय पदाधिकारी, पंचायत प्रतिनिधि, विभिन्न विभागों के अधिकारी तथा पारंपरिक ग्रामसभा के अध्यक्ष उपस्थित थे.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar News Desk
यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










