बानो में मुठभेड़, पलामू के दारोगा सहित दो शहीद

Updated at : 10 Apr 2017 6:44 AM (IST)
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बानो में मुठभेड़, पलामू के दारोगा सहित दो शहीद

सिमडेगा/मेदिनीनगर : बानो में शनिवार की रात पुलिस व पीएलएफआइ के बीच हुई मुठभेड़ में बानो थाना प्रभारी विद्यापति सिंह सहित आरक्षी तुराम विरूली शहीद हो गये. विद्यापति सिंह पलामू के पाटन थाना के सीसीकला गांव के रहनेवाले थे. वहीं आरक्षी तुराम विरूली चाईबासा के रहनेवाले थे. जानकारी के मुताबिक बानो थाना प्रभारी विद्यापति सिंह […]

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सिमडेगा/मेदिनीनगर : बानो में शनिवार की रात पुलिस व पीएलएफआइ के बीच हुई मुठभेड़ में बानो थाना प्रभारी विद्यापति सिंह सहित आरक्षी तुराम विरूली शहीद हो गये. विद्यापति सिंह पलामू के पाटन थाना के सीसीकला गांव के रहनेवाले थे. वहीं आरक्षी तुराम विरूली चाईबासा के रहनेवाले थे. जानकारी के मुताबिक बानो थाना प्रभारी विद्यापति सिंह को सूचना मिली कि गिरजाटोली में पीएलएफआइ के उग्रवादी जुटे हैं. सूचना की जानकारी विद्यापति सिंह ने एसपी राजीव रंजन सिंह को दी.

एसपी के आदेश पर टीम का गठन किया गया, जिसमें बानो थाना प्रभारी, कोलेबिरा थाना प्रभारी, महाबुआंग थाना प्रभारी शामिल थे. पुलिस टीम गिरजाटोली रात लगभग 9.30 बजे पहुंचे. पीएलएफआइ उग्रवादी उकौली पंचायत के सिकोरदा स्थित एक घर में शराब पी रहे थे, जिसकी जानकारी विद्यापति सिंह को मिली. वे उस घर में घुस गये, जहां उग्रवादी आंगन में बैठ कर शराब पी रहे थे. पुलिस और उग्रवादी आमने-सामने हो गये. दोनों के बीच की दूरी लगभग पांच मीटर थी.

विद्यापति व आरक्षी ने सभी उग्रवादियों से कहा कि वे लोग हथियार डाल कर हाथ ऊपर करें. वे लोग चारों तरफ से घिर गये है. इसी क्रम में एक पुलिसकर्मी के हाथ से टॉर्च गिर गया. पलक झपकते ही कॉक कर जमीन पर रखे एके 47 उठा उग्रवादी गुजू गोप ने अंधाधुंध फायरिंग कर भागने लगा. गोलीबारी में विद्यापति सिंह व आरक्षी तुराम विरूली को गोली लग गयी. गोली लगने के बाद भी विद्यापति तथा आरक्षी तुराम ने उग्रवादियों पर ताबड़तोड़ फायरिंग की.

बानो में मुठभेड़…
इसी के साथ अन्य पुलिस पदाधिकारी व जवानों ने भी फायरिंग शुरू कर दी. दोनों ओर से चली गोली बारी में एक महिला को भी गोली लगी है. पुलिस ने महिला सहित एक अन्य युवक को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है. पुलिस दोनों से पूछताछ कर रही है.
सभी पुलिसकर्मी एक साथ जाते तो नहीं घटती घटना
घटनास्थल पर टीम में शामिल सभी पुलिस के जवान एक साथ नहीं पहुंचे. अगर सभी पुलिसकर्मी एक साथ घर को घेर लेते तो इस तरह की घटना नहीं घटती. उग्रवादी घर के आंगन में बैठे थे. घर के आसपास छोटा-छोटा चट्टान है, जहां पर पुलिस पोजिशन लेकर उग्रवादियों को आत्मसमर्पण के लिए बाध्य कर सकती थी या मुठभेड़ में मार गिरा सकती .
बॉक्स
गोली लगने के बाद भी दिखायी दिलेरी
एसपी राजीव रंजन सिंह ने बताया कि गिरजाटोली में उग्रवादियों के होने की सूचना मिली थी. छापामारी के क्रम में दोनों ओर से मुठभेड़ हो गयी. मुठभेड़ के दौरान बानाे थाना प्रभारी विद्यापति सिंह व आरक्षी तुराम विरूली गोली लगने से घायल हो गये फिर भी दोनों ने दिलेरी दिखाते हुए उग्रवादियों पर फायरिंग की. उन्हें अफसोस है कि उन्होंने अपने दो जांबाज सिपाही खो दिया.
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