खरसावां.
खरसावां प्रखंड सभागार में ‘पेसा ग्रामसभा के अधिकार एवं जिम्मेदारी’ विषय पर ग्राम प्रधानों के लिए दो दिवसीय प्रशिक्षण सह कार्यशाला का आयोजन किया गया. इस कार्यशाला का उद्देश्य ग्राम सभाओं को सशक्त बनाना और पंचायत स्तर पर बेहतर कार्यप्रणाली विकसित करना था. कार्यशाला में प्रशिक्षक बेबी कुमारी, सूखमती मार्डी और बीडीओ प्रधान माझी ने पेसा कानून की बारीकियों पर विस्तार से प्रकाश डाला. बीडीओ ने बताया कि जब ग्रामसभा सशक्त होगी, तभी विकास योजनाओं का सही चयन, पारदर्शिता और समग्र ग्राम विकास संभव हो सकेगा. उन्होंने मनरेगा, जीपीडीपी जैसी योजनाओं के कार्यान्वयन में ग्रामसभा की भूमिका को भी रेखांकित किया. ग्राम प्रधान महासभा, अंचल समिति खरसावां के प्रखंड अध्यक्ष दुर्योधन प्रधान ने कहा कि पेसा कानून से ग्रामीणों में आत्मनिर्भरता आएगी और उनके मौलिक अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी. उन्होंने कहा कि इससे ग्राम प्रधानों को ग्रामसभा से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी मिली है, जिसे वे अपने-अपने गांवों में लागू करेंगे. प्रशिक्षण में संवादात्मक गतिविधियों और अभ्यासों के माध्यम से ग्राम प्रधानों को व्यावहारिक जानकारी दी गयी. मौके पर संतोष नायक, प्रवीर प्रताप सिंहदेव, राजेश महतो, लक्ष्मी नारायण प्रधान, नीलकंठ नायक, राजेन करमा, गोजु नायक, शिवशंकर हेंब्रम, श्यामसुंदर महतो, धनेश्वरी महतो, मंगला उरांव सहित कुल 70 ग्राम प्रधानों ने भाग लिया.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

