ग्राम प्रधानों ने लिया बड़ा फैसला, यहां जानें गांवों के लिए तय हुआ नया रोडमैप में क्या है खास

Updated:
विज्ञापन

खरसावां के रामगढ़ में आयोजित बैठक में उपस्थित विभिन्न गांवों के ग्राम प्रधान.

खरसावां में पारंपरिक ग्राम प्रधानों की बैठक में स्वशासन व्यवस्था को मजबूत करने और पेसा नियमावली के प्रति ग्रामीणों को जागरूक करने का संकल्प लिया गया।

विज्ञापन

खरसावां : खरसावां के रामगढ़ गांव में आयोजित पारंपरिक ग्राम प्रधानों की बैठक में गांवों के विकास, ग्रामसभा की मजबूती और पेसा नियमावली को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए. बैठक में ग्राम प्रधानों से एकजुट होकर पारंपरिक स्वशासन व्यवस्था को मजबूत करने और लोगों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने का आह्वान किया गया. साथ ही हर महीने ग्रामसभा आयोजित करने पर भी जोर दिया गया.

पेसा नियमावली को लेकर ग्राम प्रधानों को किया गया जागरूक

रामगढ़ गांव में पारंपरिक ग्राम प्रधान राणा सिंहदेव के आवास पर पारंपरिक ग्राम-प्रधान संघ की बैठक आयोजित की गई. बैठक की शुरुआत करते हुए संघ के संरक्षक राणा सिंहदेव ने ग्राम प्रधानों से पारंपरिक व्यवस्था और ग्रामहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की अपील की. बैठक में कहा गया कि पेसा नियमावली के प्रावधानों की जानकारी गांव-गांव तक पहुंचाई जानी चाहिए. इसके लिए ग्रामसभा के सदस्यों को जागरूक करने और लोगों को उनके अधिकारों के प्रति सचेत करने पर जोर दिया गया.

हर महीने ग्रामसभा आयोजित करने का लिया गया निर्णय

बैठक में ग्राम प्रधानों को अपने-अपने गांवों में नियमित रूप से ग्रामसभा आयोजित करने का निर्देश दिया गया. इसके साथ ही ग्रामसभा का शून्य बैलेंस पर बैंक खाता खोलने और उसकी जानकारी प्रखंड कार्यालय में उपलब्ध कराने को कहा गया. बैठक में वक्ताओं ने कहा कि हर समुदाय की अपनी अलग पहचान, संस्कृति और परंपराएं होती हैं. इन्हें संरक्षित कर नई पीढ़ी तक पहुंचाना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है. ग्राम प्रधानों से सामाजिक एकता और पारंपरिक मूल्यों को मजबूत करने की दिशा में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की गई.

मां पाउड़ी की परंपरा को आगे बढ़ाने का लिया संकल्प

बैठक के दौरान राजवाड़ी काल से चली आ रही परंपराओं पर भी चर्चा हुई. अभिभावक ग्राम प्रधान लिंगेश्वर प्रधान ने ऐतिहासिक और सांस्कृतिक परंपराओं की जानकारी साझा की. इस दौरान मां पाउड़ी स्थान पर गांवों की खुशहाली के लिए होने वाली पूजा-अर्चना की परंपरा को आगे भी जारी रखने का सामूहिक संकल्प लिया गया.


विज्ञापन
शचिंद्र कुमार दाश

लेखक के बारे में

By शचिंद्र कुमार दाश

शचिंद्र कुमार दाश प्रभात खबर के वरीय संवाददाता हैं और हिंदी पत्रकारिता में 25 वर्षों से अधिक का अनुभव रखते हैं। वे झारखंड और ओडिशा की राजनीति, प्रशासन, ग्रामीण विकास, सामाजिक सरोकार, कानून-व्यवस्था तथा जनहित से जुड़े मुद्दों की रिपोर्टिंग करते हैं। इसके साथ ही कला, भाषा, संस्कृति, आध्यात्म और समसामयिक विषयों पर लेखन में उनकी विशेष रुचि है। नई जानकारियां जुटाना और उन्हें प्रमाणिक तथ्यों के साथ पाठकों तक पहुंचाना उनकी कार्यशैली की प्रमुख विशेषता है। उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, शिक्षा, खेल, पर्यावरण, साहित्य, संस्कृति से जुड़े विषयों को समेटती है। शचिंद्र कुमार दाश ग्राउंड रिपोर्टिंग पर विशेष जोर देते हैं। वे घटनास्थल पर पहुंचकर तथ्यों के आधार पर समाचार प्रस्तुत करने तथा आम लोगों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाने का प्रयास करते हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola