सरायकेला में गजराज का तांडव, वनघर गांव में हाथी ने तोड़े 4 घर, साल भर का अनाज एक ही दिन में कर गये चट
Published by : Sameer Oraon Updated At : 09 Apr 2026 4:18 PM
जिस घर को हाथी ने तबाह किया उस घर के दृश्य
Saraikela Elephant Attack: सरायकेला के चांडिल स्थित नीमडीह प्रखंड में जंगली हाथी के उत्पात से ग्रामीण दहशत में हैं. डिटार-वनघर गांव में बीती रात झुंड से बिछड़े एक हाथी ने चार घरों को ध्वस्त कर दिया और वहां रखे अनाज को सफाचट कर दिया. ग्रामीणों ने पूरी रात जागकर किसी तरह अपनी जान बचाई और सुबह सामूहिक प्रयास से हाथी को जंगल की ओर खदेड़ा.
Saraikela Elephant Attack, सरायकेला (हिमांशु गोप): सरायकेला-खरसावां जिले के चांडिल स्थित नीमडीह प्रखंड अंतर्गत डिटार-वनघर गांव में बुधवार की मध्यरात्रि एक जंगली हाथी ने जमकर उत्पात मचाया. झुंड से बिछड़कर रिहायशी इलाके में घुसे इस हाथी ने न केवल घरों को क्षतिग्रस्त किया, बल्कि ग्रामीणों के बीच भारी दहशत पैदा कर दी. हाथी के अचानक हमले से गांव में अफरा-तफरी मच गई और लोग अपनी जान बचाने के लिए सुरक्षित स्थानों की ओर भागने लगे. पूरी रात ग्रामीण हाथों में मशालें और लाठियां लेकर अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा के लिए पहरा देते रहे.
चार घरों को किया ध्वस्त, साल भर की पूंजी चट की
प्राप्त जानकारी के अनुसार, हाथी ने वनघर निवासी राधानाथ महतो, हरिपद महतो, कृष्णपद महतो और मिलन महतो के घरों को अपना निशाना बनाया. विशालकाय गजराज ने इन घरों की दीवारों को तोड़कर उन्हें पूरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया. घर के भीतर रखे धान और अन्य अनाजों को भी हाथी ने खाकर और रौंदकर बर्बाद कर दिया, जिससे इन गरीब परिवारों के सामने अब भोजन का संकट खड़ा हो गया है. पीड़ित परिवारों का कहना है कि साल भर की मेहनत की कमाई इस एक रात के तांडव में मिट्टी में मिल गई है.
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ग्रामीणों के अदम्य साहस से टला बड़ा हादसा
हाथी के उग्र स्वभाव को देखते हुए ग्रामीणों ने सूझबूझ और साहस का परिचय दिया. पूरे गांव ने एकजुट होकर शोर मचाया और टीन के डिब्बे पीटकर हाथी को डराने की कोशिश की. गुरुवार की सुबह तक यह जद्दोजहद चलती रही. अंततः सामूहिक प्रयासों के बाद हाथी को गांव की सीमा से बाहर खदेड़ने में सफलता मिली और वह वापस घने जंगल की ओर लौट गया. तब जाकर ग्रामीणों ने चैन की सांस ली, हालांकि गांव में अब भी हाथी के दोबारा लौटने की आशंका को लेकर भय बना हुआ है.
मुआवजे की मांग और प्रशासन की भूमिका
घटना के पश्चात आक्रोशित ग्रामीणों ने वन विभाग से तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की है. ग्रामीणों का आरोप है कि जंगली हाथियों के हमले की जानकारी होने के बावजूद विभाग द्वारा सुरक्षा के ठोस इंतजाम नहीं किए जाते हैं. ग्रामीणों ने मांग उठाई है कि प्रभावित परिवारों के नुकसान का तत्काल आकलन किया जाए और उन्हें उचित मुआवजा प्रदान किया जाए. साथ ही, गांव के आसपास गश्त बढ़ाने की भी अपील की गई है ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की जनहानि को टाला जा सके.
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By Sameer Oraon
समीर उरांव, डिजिटल मीडिया में सीनियर जर्नलिस्ट हैं और वर्तमान में प्रभात खबर.कॉम में सीनियर कटेंट राइटर के पद पर हैं. झारखंड, लाइफ स्टाइल और स्पोर्ट्स जगत की खबरों के अनुभवी लेखक समीर को न्यूज वर्ल्ड में 5 साल से ज्यादा का वर्क एक्सपीरियंस है. वह खबरों की नब्ज पकड़कर आसान शब्दों में रीडर्स तक पहुंचाना बखूबी जानते हैं. साल 2019 में बतौर भारतीय जनसंचार संस्थान से पत्रकारिता करने के बाद उन्होंने हिंदी खबर चैनल में बतौर इंटर्न अपना करियर शुरू किया. इसके बाद समीर ने डेली हंट से होते हुए प्रभात खबर जा पहुंचे. जहां उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग और वैल्यू ऐडेड आर्टिकल्स लिखे, जो रीडर्स के लिए उपयोगी है. कई साल के अनुभव से समीर पाठकों की जिज्ञासाओं का ध्यान रखते हुए SEO-ऑप्टिमाइज्ड, डेटा ड्रिवन और मल्टीपल एंगल्स पर रीडर्स फर्स्ट अप्रोच राइटिंग कर रहे हैं.
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