चांडिल.
सरायकेला-खरसावां जिले में कुड़मी आंदोलन नीमडीह के हेसालॉन्ग रेलवे फाटक पर 12 घंटे (सुबह सात से शाम सात बजे तक) चला. शाम सात बजे आंदोलनकारियों ने दंडाधिकारी गिरजा शंकर महतो को ज्ञापन सौंपा. उन्होंने राज्य और केंद्र सरकार से मांगों पर ध्यान देने की अपील की. दंडाधिकारी ने कहा कि आंदोलन शांतिपूर्ण रहा, इसलिए किसी पर कार्रवाई नहीं होगी. उनकी मांगों को सरकार व वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचाने का आश्वासन दिया. आंदोलन कर रहे आजसू नेता हरेलाल महतो, जेएलकेएम नेता तरुण महतो, कुड़मी नेता प्रभात कुमार महतो ने बताया कि केंद्रीय नेतृत्व के निर्देश और आंदोलनकारियों पर किसी तरह की कार्रवाई नहीं करने की मांग प्रशासन से की. उन्होंने कहा कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं की गयीं, तो भविष्य में पुनः आंदोलन किया जायेगा.ट्रैक पर खाया खाना
आंदोलन के दौरान आंदोलनकारियों ने रेलवे ट्रैक पर बैठकर खाना खाया. महिलाएं छाता लेकर पहुंची थीं. वहीं, ढोल नगाड़े के साथ झारखंड आंदोलनकारी सुनील कुमार महतो, अनूप महतो, जीतू महतो, कालोसोना महतो आदि पटरी पर बैठे रहे.हेंसालॉन्ग फाटक से वापस लौटी बरकाखाना- टाटा पैसेंजर
वहीं, चांडिल रेलवे स्टेशन के पास, पितकी रेलवे फाटक, झिमड़ी रेलवे स्टेशन पर दंडाधिकारियों के साथ पुलिस जवान तैनात थे. रांची-मुरी रेलखंड के हेंसालॉन्ग रेलवे फाटक के पास हजारों लोगों रेल पटरी पर बैठे रहे. बरकखाना-टाटा पैसेंजर को फाटक के पास सुबह आठ बजे रोक दिया. करीब 11:30 बजे बरकाखाना- टाटा पैसेंजर को वापस मुरी की ओर ले जाया गया.चांडिल नहीं पहुंची पैसेंजर सब्जी व्यवसायी परेशान
बरकाखाना-टाटा पैसेंजर शनिवार को चांडिल नहीं पहुंची. इस कारण एक भी सब्जी कारोबारी चांडिल नहीं पहुंच सके. इस कारण स्थानीय लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा.
साढ़े तीन घंटे खड़ी ट्रेन में बैठे रहे यात्री, परेशानी बढ़ी
हेंसालॉन्ग रेलवे फाटक के पास बरकखाना- टाटा पैसेंजर ट्रेन करीब साढ़े तीन घंटा तक खड़ी रही. इससे ट्रेन में सफर कर रहे लोगों के साथ बच्चे, बुजुर्ग व सब्जी कारोबारियों को परेशानी हुई.
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

