10 साल की नाबालिग के साथ किया दुष्कर्म, अब अंतिम सांस लेने तक रहेगा जेल में

Published by : KumarVishwat Sen Updated At : 15 May 2026 5:52 PM

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सरायकेला-खरसावां का सिविल कोर्ट. फोटो: प्रभात खबर

Lohardaga News: लोहरदगा के कुड़ू प्रखंड में वज्रपात की चपेट में आने से 65 वर्षीय महिला पाल्हो उरांव की मौत हो गई. घटना में दो बकरियों और एक दुधारू गाय की भी जान चली गई. तेज आंधी-तूफान और बारिश से इलाके में भारी नुकसान हुआ है. इससे जुड़ी खबर नीचे पढ़ें.

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सरायकेला से प्रताप मिश्रा की रिपोर्ट

Seraikela News: झारखंड के सरायकेला-खरसावां जिले में दस वर्षीय नाबालिग बच्ची से दुष्कर्म के मामले में अदालत ने सख्त फैसला सुनाते हुए दोषी को प्राकृतिक जीवन के अंतिम क्षण तक कारावास की सजा सुनाई है. प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश रमाशंकर सिंह की अदालत ने ईचागढ़ थाना क्षेत्र के कुईडीह गांव निवासी परेश उरांव को पॉक्सो एक्ट की धारा 6 के तहत दोषी करार देते हुए यह सजा सुनाई. अदालत ने दोषी पर 20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है. जुर्माना नहीं देने की स्थिति में एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा.

सश्रम कारावास की सजा

इसके अलावा अदालत ने नाबालिग को धमकी देने के मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 351(3) के तहत तीन वर्ष के सश्रम कारावास और एक हजार रुपये जुर्माने की सजा भी सुनाई है. जुर्माना नहीं देने पर दो महीने का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा. अदालत के फैसले के बाद पूरे इलाके में इस मामले की चर्चा हो रही है. मामला ईचागढ़ थाना क्षेत्र का है.मामले को लेकर पीड़िता के पिता ने वर्ष 2024 में ईचागढ़ थाना में आरोपी परेश उरांव के खिलाफ लिखित मामला दर्ज कराया था.

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क्या है मामला

ईचागढ़ थाना में दर्ज मामले में पीड़िता के पिता ने कहा था कि 10 नवंबर 2024 को सुबह में उसकी दस वर्षीय बेटी बकरी चराने गई थी.बकरी चराने के दौरान परेश उरांव वहां आया और बच्ची का मुंह बंद कर उसे घसीटते हुए झाड़ियों की तरफ ले गया और उसके साथ दुष्कर्म किया.दोपहर तक जब बच्ची घर नहीं लौटी तो उसका पिता करीब 1 उसे ढूंढने निकला.काफी खोज बिन करने के बाद भी जब बच्ची नहीं मिली तो उसका पिता तालाब की ओर गया,वहां उसने अपनी बेटी को तालाब के पानी से शरीर से निकले खून को धोते हुए देखा.अपने पिता को देखकर बच्ची रोने लगी और सारी बात बताई.

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लेखक के बारे में

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कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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