जिला मुख्यालय से महज 3 किमी दूर, पत्थरों और गड्ढों के बीच आवाजाही को मजबूर लोग

फोटो: बैठक के पश्चात जर्जर सड़क को दिखाते ग्रामीण | Prabhat Khabar Network
सरायकेला के रांगाडीह गांव में सड़क की हालत बेहद जर्जर है। ग्रामीण गड्ढों और पत्थरों के बीच चलने को मजबूर हैं। प्रशासन से जल्द निर्माण की मांग की गई है।
सरायकेला. प्रखंड के इटाकुदर पंचायत अंतर्गत गुमानडीह तालाब के समीप आरईओ पथ से रांगाडीह तक जाने वाली सड़क बेहद जर्जर हो चुकी है. जिला मुख्यालय से तीन किलोमीटर दूर स्थित रांगाडीह के लोग अलग राज्य गठन के 25 वर्षों बाद भी एक पक्की सड़क के लिए तरस रहे हैं. सड़क की स्थिति इतनी दयनीय है कि इस पर बड़े-बड़े नुकीले पत्थर उभर आए हैं और जगह-जगह गहरे गड्ढे बन गये हैं. बरसात में इन गड्ढों में जलजमाव होने से स्थिति और भी नारकीय हो जाती है. उभरे पत्थरों से आए दिन दोपहिया और चारपहिया वाहन पंचर हो रहे हैं, जिससे ग्रामीणों को आवागमन में भारी परेशानी और दुर्घटनाओं का सामना करना पड़ रहा है. ग्रामीणों ने प्रशासन से अविलंब सड़क निर्माण कराने की मांग कि है.
ग्राम प्रधान की अध्यक्षता में प्रस्ताव पारित, अधिकारियों को सौपेंगे ज्ञापन
सड़क की इसी बदहाली से तंग आकर रांगाडीह में एक ग्राम सभा का आयोजन किया गया. ग्राम प्रधान कुसुन मुंडरी की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में ग्रामीणों ने सर्वसम्मति से सड़क निर्माण को लेकर एक प्रस्ताव पारित किया. बैठक में निर्णय लिया गया कि जर्जर सड़क से हो रही परेशानियों को देखते हुए जल्द ही प्रखंड व जिला स्तर के अधिकारियों को लिखित रूप से अवगत कराया जाएगा और जल्द निर्माण की मांग की जाएगी. बैठक में मुख्य रूप से सुलोचना सरदार, नरसिंह सरदार, पुष्पा सरदार, बबलू बोदरा, राजू सरदार, राजेश सरदार, शकुंतला सरदार, श्रीपति सरदार, चंदन सरदार आदि ग्रामीण उपस्थित थे.
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