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Seraikela Kharsawan News : परंपरा व तकनीक के संतुलन से ही पर्यावरण सुरक्षित रहेगा

Updated at : 29 Aug 2025 11:45 PM (IST)
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Seraikela Kharsawan News : परंपरा व तकनीक के संतुलन से ही पर्यावरण सुरक्षित रहेगा

सरायकेला के मॉडल महाविद्यालय में ‘पर्यावरणीय संरक्षकता : परंपरा, तकनीकी व भविष्य’ विषय पर दो दिवसीय अंतर विषय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया.

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खरसावां.

सरायकेला के मॉडल महाविद्यालय में ‘पर्यावरणीय संरक्षकता : परंपरा, तकनीकी व भविष्य’ विषय पर दो दिवसीय अंतर विषय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया. मॉडल महाविद्यालय के डॉ उमाशंकर सिंह की अध्यक्षता में हुई संगोष्ठी में शिक्षाविदों ने अपनी बातों को रखा. संगोष्ठी में केयू के सीसीडीसी डॉ आरके चौधरी ने असंतुलित नगरीकरण, पारिस्थिति की तिरोहित तकनीकी विस्तार एवं औद्योगिक अपशिष्ट कुप्रबंधन के परिप्रेक्ष्य में प्रगाढ़ होते पर्यावरण संकट को रेखांकित किया. उन्होंने जनमानस को पर्यावरण हितैषी परंपराओं की ओर पुनर्वापसी करने का आह्वान किया.

तकनीकी नवाचार एवं अनुप्रयोग को स्थापित करें

डॉ. विमल कुमार सिंह सिदो कान्हू मुर्मू विश्वविद्यालय (दुमका) के पूर्व कार्यवाहक कुलपति डॉ विमल कुमार सिंह ने भारतीय ज्ञान परंपरा में निहित पर्यावरणीय सचेतना, भारतीय संस्कृति द्वारा अर्वाचीन काल से संपोषित पारिस्थितिकीय मूल्यों तथा लोक जीवन शैली में पिरोए सर्वकल्याण के दर्शन पर प्रकाश डाला. उन्होंने कहा कि वर्तमान समय का अस्तित्व संकट मूलतः पर्यावरणीय संरक्षकता की अमूर्त भारतीय विरासत से विचलन का परिणाम है. भारतीय सभ्यता में विकास और पर्यावरण सदैव एक-दूसरे के पूरक रहे हैं.

प्रकृति से मानव का सौहार्द्रपूर्ण संबंध ही मानवता का आधार : डॉ पीके

पाणि संगोष्ठी में नेताजी सुभाष विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. पीके पाणि ने पर्यावरणीय विनियमन का उल्लेख किया. उन्होंने कहा कि इस जगत के पर्यावरणीय परिदृश्य में सकारात्मक बदलाव तथा संतुलन की पुनर्स्थापना के लिए लोक आचरण में प्रकृति की प्राथमिकताओं को स्थान देना आवश्यक है. उनके अनुसार, प्रकृति से मानव का सौहार्दपूर्ण साहचर्य ही सुदीर्घ मानवता का आधार है. राष्ट्रीय संगोष्ठी में रिसोर्स पर्सन के रूप में ओडिशा के डॉ. अभिषेक शर्मा एवं महाराष्ट्र के डॉ किशोर कुमार ओझा भी उपस्थित रहे

संगोष्ठी को कई लोगों ने किया संबोधित

डिग्री कॉलेज खरसावां के प्राचार्य डॉ मुस्ताक अहमद, कोल्हान विश्वविद्यालय में अंग्रेजी विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष डॉ एके पॉल ने भी संबोधित किया. इस दौरान आइसीटी आधारित शोध पत्र प्रस्तुत किए गए. राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन मॉडल महाविद्यालय सरायकेला-खरसवां के डॉ उमा शंकर सिंह की अध्यक्षता में हुई डॉ राजेश कुमार मंडल के संयोजकत्व एवं श्री पंकज कुमार श्रीवास्तव के समन्वयन में सम्पन्न हुआ. कार्यक्रम के आयोजक सचिव एलबीएसएम कॉलेज जमशेदपुर के वाणिज्य विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. विजय प्रकाश, प्रान की निदेशक श्रीमती संगीत कुमारी, डॉ वैष्णव चरण मुखी, अमित कुमार नाथ, नंदकिशोर प्रसाद, डॉ सविता कुमारी, डॉ एसडी राम, डॉ विष्णु शंकर सिन्हा, डॉ मानदेव प्रसाद, डॉ मौसमी पॉल, डॉ दिव्यांशु, डॉ अरविन्द प्रसाद पंडित आदि उपस्थित थे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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