Seraikela Kharsawan News : अनुसूचित क्षेत्रों में निकाय चुनाव का विरोध, दो घंटे एनएच जाम
Published by : ATUL PATHAK Updated At : 24 Feb 2026 12:34 AM
गोविंदपुर में एनएच-220 रहा जाम, वाहनों की लगी लंबी कतारें
राजनगर.
अनुसूचित क्षेत्र में नगर निकाय गठन और चुनाव पर रोक लगाने की मांग को लेकर सोमवार को तीन दिवसीय कोल्हान बंद के अंतिम दिन आदिवासी छात्र एकता मंच के बैनर तले कार्यकर्ताओं ने राजनगर थाना के गोविंदपुर में हाता-चाईबासा मुख्य मार्ग एनएच-220 को पूरी तरह जाम कर दिया. आंदोलनकारियों ने दुलाल हांसदा के नेतृत्व में सुबह करीब 6:00 बजे ही सड़क पर मोर्चा संभाल लिया. सड़क जाम होने के कारण एनएच के दोनों ओर गाड़ियों की लंबी कतारें लग गयीं. यात्री बसों से लेकर मालवाहक ट्रकों के पहिये थम गये. इससे यात्रियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा. आंदोलन का नेतृत्व कर रहे दुलाल हांसदा ने निकाय चुनावों को असंवैधानिक बताते हुए कहा कि नगरपालिका गठन के नियम सामान्य क्षेत्रों (जैसे दिल्ली-कोलकाता) के लिए है.अनुसूचित क्षेत्रों में अनुच्छेद 244 (1) प्रभावी है. उन्होंने कहा कि अनुच्छेद 243 जेडसी (1) के अनुसार अनुसूचित क्षेत्रों में बिना विशेष संशोधनों के नगर निगम गठन या चुनाव कराना संवैधानिक रूप से मान्य नहीं है.
पुलिस की वार्ता के बाद खुला जाम
जाम की सूचना मिलते ही राजनगर थाना के एएसआइ परमेश्वर पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे. उन्होंने आंदोलनकारियों को समझाया और उनकी मांगों को संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाने का आश्वासन दिया. लगभग ढाई घंटे के विरोध प्रदर्शन के बाद सुबह 8:30 बजे जाम समाप्त हुआ और यातायात सुचारू हो सका. प्रदर्शन के दौरान दुलाल हांसदा, कल्याण हांसदा, डुमका मुर्मू, विजय हांसदा, रतन मुर्मू, बिशु सोरेन, काम हांसदा, आकाश मुखी, मुंटू मार्डी, चुनुराम सोरेन सहित बड़ी संख्या में आदिवासी छात्र एकता मंच के कार्यकर्ता मौजूद रहे.
कोल्हान बंद : एनएन-33 पर बैठा आदिवासी संगठन
चांडिल. पांचवीं अनुसूची क्षेत्र में नगरपालिका चुनाव कराये जाने के विरोध में सोमवार को आदिवासी संगठनों ने कोल्हान बंद का आह्वान किया. बंद का असर चांडिल अनुमंडल क्षेत्र में मिला जुला रहा. चांडिल में आंशिक असर देखने को मिला. प्रदर्शनकारियों ने टाटा -रांची मार्ग एनएच-33 को चिलगू तिलका माझी मोड़ के पास कुछ देर के लिए जाम कर दिया. अचानक हुए सड़क जाम के कारण दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गयी. बंद की सूचना मिलते ही चांडिल पुलिस चिलगू पहुंचकर तुरंत जाम को हटाया. इस दौरान आदिवासी संगठनों के नेताओं ने कहा कि यह क्षेत्र पांचवीं अनुसूची के अंतर्गत आता है, जहां पारंपरिक स्वशासन व्यवस्था और आदिवासी रीति-रिवाजों को संवैधानिक संरक्षण प्राप्त है. ऐसे क्षेत्र में नगरपालिका चुनाव कराना असंवैधानिक है.
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