झारखंड आंदोलनकारी और आजसू पार्टी के पूर्व केंद्रीय महासचिव दामु बानरा को नम आंखों से दी गई अंतिम विदाई

दामु बानरा के अंतिम यात्रा में शामिल होने पहुंचे विभिन्न राजनीतिक और सामाजिक कार्यकर्ता
झारखंड आंदोलन के एक सच्चे सिपाही, दामु बानरा, जिनका जीवन झारखंड और इसकी अस्मिता के लिए समर्पित रहा, को भावुक विदाई दी गई. मंत्री दीपक बिरूवा और दशरथ गागराई सहित कई प्रमुख नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की, उनके निस्वार्थ योगदान को याद किया.
शचींद्र कुमार दाश / अजय महतो की रिपोर्ट
झारखंड आंदोलन के एक ऐसे सिपाही, जिन्होंने कभी पद, प्रतिष्ठा या व्यक्तिगत लाभ की इच्छा नहीं रखी, जिनका पूरा जीवन झारखंड और झारखंडी अस्मिता के संघर्ष को समर्पित रहा. उन्हें पूरे सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई. झारखंड आंदोलन के वरिष्ठ नेता दामु बानरा अब हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनका संघर्ष, उनका समर्पण और उनकी विरासत हमेशा याद रखी जाएगी. झारखंड आंदोलन के प्रमुख नेताओं में शामिल पश्चिम सिंहभूम जिले के खूंटपानी प्रखंड अंतर्गत गाड़ा राजाबासा गांव निवासी दामु बानरा का बुधवार को उनके पैतृक गांव में सामाजिक रीति-रिवाज के साथ अंतिम संस्कार किया गया. अंतिम यात्रा के दौरान पूरे गांव का माहौल गमगीन रहा. बड़ी संख्या में झारखंड आंदोलनकारी, जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता और ग्रामीण नम आंखों से अपने प्रिय नेता को अंतिम विदाई देने पहुंचे. हर चेहरा इस बात की गवाही दे रहा था कि झारखंड आंदोलन ने आज अपना एक समर्पित और संघर्षशील योद्धा खो दिया है.
इन लोगों ने दी श्रद्धांजलि
दामु बानरा को श्रद्धांजलि देने वालों में मंत्री दीपक बिरूवा, खरसावां विधायक दशरथ गागराई, पूर्व मंत्री रामचंद्र सहिस, जिला परिषद अध्यक्ष सोनाराम बोदरा, पूर्व विधायक सूर्य सिंह बेसरा, शशिभूषण सामड, गोमिया के पूर्व विधायक लंबोदर महतो, आजसू पार्टी के केंद्रीय महासचिव हरेलाल महतो, आंदोलनकारी ललित महतो और अमित महतो सहित कई लोग मौजूद थे. श्रद्धांजलि सभा में लोगों ने दामु बानरा के संघर्षपूर्ण जीवन को याद करते हुए कहा कि उन्होंने कभी किसी पद या व्यक्तिगत लाभ की इच्छा नहीं रखी. उनका पूरा जीवन झारखंड राज्य और यहां की जनता के अधिकारों के लिए समर्पित रहा. दामु बानरा का जीवन इस बात का उदाहरण है कि सच्चा जननेता वही होता है, जो बिना किसी स्वार्थ के समाज और अपने लोगों के लिए संघर्ष करता है. उन्होंने अपनी पूरी जिंदगी झारखंड की पहचान, अधिकार और सम्मान की लड़ाई को समर्पित कर दी. दामु बानरा आज भले ही हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन झारखंड आंदोलन में उनका योगदान, उनका संघर्ष और उनके आदर्श आने वाली पीढ़ियों को हमेशा प्रेरित करते रहेंगे. यही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करे और शोकाकुल परिवार को इस कठिन समय में संबल दे.
अलग झारखंड राज्य आंदोलन में स्वर्गीय दामु बानरा की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण रही : मंत्री दीपक बिरुआ

मंत्री दीपक बिरूवा ने कहा कि अलग झारखंड राज्य आंदोलन में स्वर्गीय दामु बानरा की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण रही. उन्होंने हमेशा जनभावनाओं को सर्वोपरि रखा और कभी किसी निजी स्वार्थ को अपने संघर्ष के बीच नहीं आने दिया. मंत्री ने कहा कि उनकी कमी हमेशा महसूस होगी और राज्य सरकार झारखंड आंदोलनकारियों के सम्मान के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है.
दामु बानरा का केवल सामाजिक क्षति नहीं, बल्कि मेरे लिए व्यक्तिगत क्षति भी है : दशरथ गागराई

खरसावां विधायक दशरथ गागराई ने भावुक होते हुए कहा कि दामु बानरा उनके राजनीतिक मार्गदर्शक थे. उनका निधन केवल सामाजिक क्षति नहीं, बल्कि उनके लिए व्यक्तिगत क्षति भी है. उन्होंने कहा कि दामु बानरा ने समाज, झारखंड आंदोलन और जनहित के लिए जो योगदान दिया, वह आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बना रहेगा. उनका सरल, सहज और संघर्षशील व्यक्तित्व हमेशा लोगों के दिलों में जीवित रहेगा.
दामु दा ने अलग झारखंड राज्य आंदोलन और आजसू के संघर्षों में सक्रिय भूमिका निभाई : रामचंद्र सहिस
पूर्व मंत्री रामचंद्र साहिस ने कहा कि दामु बानरा का निधन केवल एक व्यक्ति का निधन नहीं है, बल्कि झारखंड आंदोलन की एक मजबूत कड़ी का टूट जाना है. उन्होंने अलग झारखंड राज्य आंदोलन और आजसू के संघर्षों में सक्रिय भूमिका निभाई. उनके अनुभव, उनके विचार और उनके संघर्ष ने अनेक आंदोलनकारियों को दिशा दी. आजसू की विचारधारा को गांव-गांव और जन-जन तक पहुंचाने में उनका योगदान हमेशा याद रखा जाएगा.

दामु दादा का संपूर्ण जीवन झारखंड की अस्मिता, अधिकार और जनहित के संघर्ष को समर्पित रहा : हरेलाल महतो
आजसू पार्टी के केंद्रीय महासचिव हरे लाल महतो ने कहा कि स्वर्गीय दामु बानरा जी का संपूर्ण जीवन झारखंड की अस्मिता, अधिकार और जनहित के संघर्ष को समर्पित रहा। उनका योगदान, सादगी, संघर्षशील व्यक्तित्व और संगठन के प्रति अटूट निष्ठा सदैव हम सभी कार्यकर्ताओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी रहेगी. उनका जाना आजसू परिवार एवं झारखंड आंदोलन के लिए अपूरणीय क्षति है. ईश्वर से प्रार्थना है कि पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें तथा शोकाकुल परिवार और समर्थकों को इस असहनीय दुःख को सहने की शक्ति प्रदान करें.
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लेखक के बारे में
By श्वेता वैद्य
श्वेता वैद्य प्रभात खबर डिजिटल में जूनियर कंटेंट राइटर के तौर पर काम करती हैं. उन्हें कंटेंट राइटिंग के क्षेत्र में एक साल से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में श्वेता झारखंड बीट को कवर कर रही हैं, जहां वह राज्य की ताजा खबरें, लोगों की भलाई से जुड़े मुद्दे, सरकारी योजनाओं, स्थानीय प्रशासन, शिक्षा, रोजगार और सामाजिक विषयों पर आधारित स्टोरीज तैयार करती हैं. श्वेता की हर बार कोशिश यही रहती है कि बात आसान, साफ और सीधे तरीके से लोगों तक पहुंचे, जिससे कि हर कोई उसे बिना दिक्कत के समझ सके. कंटेंट राइटर के तौर पर उनका फोकस होता है कि कंटेंट सिंपल, रिलेटेबल और यूजर-फ्रेंडली हो.
झारखंड बीट से पहले उन्होंने लाइफस्टाइल बीट के लिए भी कंटेंट लिखा. इस बीट में उन्होंने रेसिपी, फैशन, ब्यूटी टिप्स, होम डेकोर, किचन टिप्स, गार्डनिंग टिप्स और लेटेस्ट मेहंदी डिजाइन्स जैसे रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े विषयों पर आर्टिकल लिखे.
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