जेल में घुसा सांप और डकैत को लिया डंस, अस्पताल में हो रहा इलाज

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राजमहल उपकारा में सांप के काटने के बाद अनुमंडल अस्पताल में इलाजरत डकैत सोहन कुमार यादव. फोटो: प्रभात खबर

राजमहल उपकारा में सांप के काटने के बाद अनुमंडल अस्पताल में इलाजरत डकैत सोहन कुमार यादव. फोटो: प्रभात खबर

राजमहल उपकारा में बुधवार को अफरा-तफरी मच गई जब जेल परिसर में साफ-सफाई कर रहे एक कैदी को जहरीले सांप ने डंस लिया. घायल कैदी को आनन-फानन में राजमहल अनुमंडल अस्पताल पहुंचाया गया. इस घटना के बाद जेल परिसर की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे हैं.

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Rajmahal Sub Jail: झारखंड के साहिबगंज जिले के राजमहल उपकारा में बुधवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब जेल परिसर में घुसे एक जहरीले सांप ने एक कैदी को डंस लिया. घटना के तुरंत बाद जेल प्रशासन हरकत में आया और घायल कैदी को तत्काल राजमहल अनुमंडल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है. चिकित्सकों के अनुसार फिलहाल कैदी की हालत पर लगातार नजर रखी जा रही है.

जेल परिसर में साफ-सफाई के दौरान हुआ हादसा

जानकारी के अनुसार, घायल कैदी की पहचान 23 वर्षीय सोहन कुमार यादव के रूप में हुई है. वह स्वर्गीय बिरजू यादव का पुत्र है और वर्तमान में राजमहल उपकारा में न्यायिक हिरासत में बंद है. बताया गया कि बुधवार को सोहन कुमार यादव अन्य बंदियों के साथ जेल परिसर में साफ-सफाई का कार्य कर रहा था. इसी दौरान झाड़ियों के बीच से अचानक एक जहरीला सांप निकल आया और उसके पैर में डंस लिया. सांप के काटते ही कैदी की तबीयत बिगड़ने लगी, जिससे मौके पर मौजूद अन्य बंदियों और जेल कर्मियों में हड़कंप मच गया.

जेल प्रशासन ने तुरंत अस्पताल पहुंचाया

घटना की जानकारी मिलते ही जेल प्रशासन ने बिना समय गंवाए घायल कैदी को राजमहल अनुमंडल अस्पताल पहुंचाया. अस्पताल में चिकित्सक डॉ. सौरभ कुमार और उनकी टीम ने प्राथमिक उपचार शुरू किया. डॉक्टरों ने आवश्यक दवाएं देने के साथ कैदी को निगरानी में रखा है. चिकित्सकों का कहना है कि मरीज की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है. उसकी स्वास्थ्य स्थिति पर नजर रखी जा रही है और जरूरत पड़ने पर आगे की चिकित्सा व्यवस्था भी की जाएगी.

चोरी के मामले में न्यायिक हिरासत में है कैदी

अस्पताल में इलाज के दौरान सोहन कुमार यादव ने बताया कि वह बरहरवा थाना कांड संख्या 177/26 में दर्ज एक मामले में न्यायिक हिरासत में है. उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 305 और 331(4) के तहत मामला दर्ज है. इसी मामले में वह राजमहल उपकारा में बंद था. उसने बताया कि रोज की तरह वह अन्य बंदियों के साथ जेल परिसर की साफ-सफाई कर रहा था. इसी दौरान झाड़ियों में छिपे सांप ने अचानक हमला कर दिया और उसके पैर में काट लिया.

जेल परिसर की सुरक्षा और साफ-सफाई पर उठे सवाल

इस घटना के बाद जेल परिसर की सुरक्षा व्यवस्था और साफ-सफाई को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं. जिस स्थान पर बंदी काम कर रहे थे, वहां झाड़ियां होने के कारण सांप के छिपे होने की संभावना जताई जा रही है. स्थानीय लोगों का कहना है कि बरसात के मौसम में सांपों के निकलने की घटनाएं बढ़ जाती हैं. ऐसे में जेल परिसर समेत अन्य सरकारी परिसरों में नियमित रूप से झाड़ियों की सफाई और कीटनाशक छिड़काव कराया जाना चाहिए, ताकि ऐसी घटनाओं से बचा जा सके.

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जांच में जुटा जेल प्रशासन

घटना के बाद राजमहल उपकारा प्रशासन ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है. यह पता लगाया जा रहा है कि सांप जेल परिसर में कैसे पहुंचा और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए क्या अतिरिक्त सुरक्षा उपाय किए जा सकते हैं. फिलहाल अस्पताल में भर्ती कैदी का इलाज जारी है और चिकित्सकों के अनुसार उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है. वहीं जेल प्रशासन ने परिसर की साफ-सफाई और सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की दिशा में आवश्यक कदम उठाने की बात कही है.

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कुमार विश्वत सेन

लेखक के बारे में

By कुमार विश्वत सेन

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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