खेत में खेल रहे 11 साल के बच्चे को सांप ने डंसा; 3 दिन तक अस्पताल में चली जिंदगी की जंग, आखिर थम गईं सांसें

सांकेतिक तस्वीर
जमुई के सिकंदरा में खेलते समय 11 साल के शुभम की सर्पदंश से मौत हो गई। तीन दिनों तक चले इलाज के बाद उसकी जान नहीं बचाई जा सकी। जानें सांप काटने पर क्या कदम उठाने चाहिए।
Snake Bite Death: जमुई जिले के सिकंदरा प्रखंड अंतर्गत सिझौड़ी गांव में सर्पदंश से 11 वर्षीय मासूम शुभम कुमार की मौत हो गई. रविवार को खेत में खेलते समय जहरीले सांप के डंसने के बाद परिजन उसे लगातार विभिन्न अस्पतालों में इलाज के लिए लेकर दौड़ते रहे, लेकिन तीन दिन तक जिंदगी और मौत से जूझने के बाद मंगलवार को पटना ले जाने के दौरान रास्ते में ही उसकी मौत हो गई. बुधवार को पोस्टमार्टम के बाद शव गांव पहुंचते ही परिजनों में कोहराम मच गया.
खेत में खेलते समय जहरीले सांप ने बनाया शिकार
मृतक के पिता टुनटुन महतो ने बताया कि रविवार को वह खेत में कृषि कार्य कर रहे थे, जबकि उनका 11 वर्षीय पुत्र शुभम कुमार पास में ही खेल रहा था. इसी दौरान झाड़ियों से निकले एक जहरीले सांप ने बच्चे को डंस लिया. बेटे की चीख सुनकर जब तक वे पहुंचे, तब तक सांप वहां से निकल चुका था और बच्चे की तबीयत बिगड़ने लगी.
तीन जिलों के अस्पतालों में चला इलाज
Snake Bite Death: घटना के बाद परिजन शुभम को लेकर पहले शेखपुरा पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए रेफर कर दिया. इसके बाद बिहारशरीफ में भी इलाज कराया गया, लेकिन हालत में सुधार नहीं होने पर चिकित्सकों ने उसे पटना ले जाने की सलाह दी. परिजन बेहतर इलाज की उम्मीद में पटना जा रहे थे, लेकिन मंगलवार को रास्ते में ही शुभम ने दम तोड़ दिया.
शव पहुंचते ही गांव में पसरा मातम
बुधवार को सदर अस्पताल में पोस्टमार्टम के बाद शुभम का शव परिजनों को सौंप दिया गया. दोपहर में जैसे ही शव सिझौड़ी गांव पहुंचा, पूरे गांव में मातम छा गया. बेटे का शव देखकर मां का रो-रोकर बुरा हाल हो गया. परिजनों की चीख-पुकार सुनकर आसपास के ग्रामीण भी भावुक हो उठे और सांत्वना देने के लिए बड़ी संख्या में लोग मृतक के घर पहुंचे.
ग्रामीणों में शोक का माहौल
घटना के बाद पूरे गांव में शोक की लहर है. ग्रामीणों ने बताया कि शुभम बेहद मिलनसार और चंचल स्वभाव का था. उसकी असमय मौत से गांव के लोग भी गहरे सदमे में हैं. सभी ने शोकाकुल परिवार को ढांढस बंधाते हुए प्रशासन से पीड़ित परिवार को सरकारी सहायता उपलब्ध कराने की मांग की.
सांप काटने पर क्या करें और क्या न करें, जानें चिकित्सकों की राय
क्या करें (तुरंत अपनाएं ये कदम)
- शांत रहें और ढांढस बंधाएं: पीड़ित व्यक्ति को घबराने न दें, क्योंकि घबराहट से दिल की धड़कन बढ़ती है और जहर शरीर में तेजी से फैलता है.
- अंगों को स्थिर रखें: जिस अंग (हाथ या पैर) पर सांप ने काटा है, उसे बिल्कुल न हिलाएं। उसे सीधा और दिल के स्तर से नीचे रखने की कोशिश करें.
- गहने और तंग कपड़े हटाएं: डंसे हुए अंग से तुरंत घड़ी, अंगूठी, चूड़ी या तंग कपड़े हटा दें, क्योंकि सूजन आने पर ये रक्तप्रवाह को रोक सकते हैं.
- घाव को साफ करें: यदि संभव हो, तो घाव को साफ पानी या साबुन से हल्के से धो लें, लेकिन उस पर दबाव न डालें.
- बिना समय गंवाएं अस्पताल भागें: मरीज को सीधे निकटतम सरकारी अस्पताल (सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र) ले जाएं, जहां एंटी-वेनम (Anti-Snake Venom) उपलब्ध हो.
क्या बिल्कुल न करें (ये गलतियां हो सकती हैं जानलेवा)
- झाड़-फूंक या मंदिर-मजार के चक्कर में न पड़ें: ओझा, गुणी, तांत्रिक या किसी मंदिर में नीर (जल) पिलाने के फेर में कीमती समय बर्बाद न करें.
- चीरा न लगाएं (कट न मारें): ब्लेड या चाकू से घाव पर चीरा लगाने की गलती बिल्कुल न करें, इससे संक्रमण और ब्लीडिंग का खतरा बढ़ जाता है.
- मुंह से जहर चूसने की कोशिश न करें: फिल्मों की तरह मुंह से जहर खींचने (सक्शन) का प्रयास न करें, इससे चूसने वाले की जान को भी खतरा हो सकता है.
- कसकर पट्टी या डोरी न बांधें (टूर्निकेट): पुराने तरीकों की तरह अंग को रस्सी या कपड़े से अत्यधिक कसकर न बांधें, इससे उस हिस्से का रक्तसंचार पूरी तरह बंद हो सकता है और अंग सड़ सकता है.
- कोई दवा या जड़ी-बूटी न दें: डॉक्टर की सलाह के बिना मरीज को कोई भी घरेलू नुस्खा, जड़ी-बूटी या दर्द निवारक दवा (जैसे एस्पिरिन) न खिलाएं.
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