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Seraikela Kharsawan News : नदियों का जलस्तर बढ़ा, धान के बिचड़े हुये बर्बाद

Updated at : 09 Jul 2025 10:26 PM (IST)
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Seraikela Kharsawan News : नदियों का जलस्तर बढ़ा, धान के बिचड़े हुये बर्बाद

सरायकेला-खरसावां. लगातार बारिश से सब्जियां हुईं खराब, जर्जर सड़कों से चोटिल हो रहे लोग

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सरायकेला. सरायकेला सहित आसपास क्षेत्र में मंगलवार रात हो रही लगातार हो रही बारिश से जनजीवन बेहाल हो गया है. बारिश से खरकई व संजय नदी का जलस्तर बढ़ गया है. संजय नदी का जलस्तर खप्परसाही पुलिया से महज डेढ़ फीट नीचे है. अगर बारिश की रफ्तार यही रही तो पुलिया डूबने में देर नहीं लगेगी. बारिश के कारण शहर में सन्नाटा पसरा रहा. स्कूलों में भी उपस्थिति कम रही.

बारिश से सड़कें हुईं जर्जर, बिरसा चौक में बना गड्डा :

बारिश के कारण जिला मुख्यालय की अधिकतर सड़कें जर्जर हो गयी हैं. पिच उखड़ने लगे हैं. गैरेज चौक समीप हाटसाही में सड़क पर जल जमाव हो गया है. बिरसा चौक के समीप बड़ा गड्ढा बन गया है. गड्ढे में पानी भरने से दुर्घटना की आशंका बढ़ गयी है. स्थानीय लोगों ने चौक में बने गड्ढे की अविलंब मरम्मत की मांग की है. लगातार बारिश के कारण सब्जियों को भारी क्षति हुई है. जलजमाव के कारण धान के बिचड़े सड़ गये हैं. बारिश के कारण सब्जियों की कीमत आसमान छू रही है. महंगाई के कारण आम लोगों की थाली से हरी सब्जियां गायब हो गयी हैं. जिला मुख्यालय में 120 रु बरबट्टी, 60 रु टमाटर प्रतिकिलो बिक रहा है. वहीं लौकी, ओल, झींगा सहित अन्य सब्जियों के दाम भी आसमान छू रहे हैं.

जिले में नौ दिनों में हुई 1312.3 मिमी बारिश

सरायकेला- खरसावां में जुलाई माह के नौ दिनों में 1312.3 मिमी बारिश का रिकॉर्ड दर्ज किया गया है. बुधवार को जिले में 216.6 मिमी बारिश हुई. इसमें सबसे अधिक गम्हरिया में 35 मिमी बारिश हुई है. साथ ही सरायकेला में 21 मिमी, खरसावां 24 मिमी, कुचाई 31.2 मिमी, चांडिल 32 मिमी, नीमडीह 31.8 मिमी, ईचागढ़ 20.6 मिमी, कुकड़ू 21 मिमी बारिश दर्ज की गयी है.

जुलाई में हुई बारिश(मिमी)

एक जुलाई 250.9दो जुलाई 062.5 तीन जुलाई 064.7चार जुलाई 030.6 पांच जुलाई 176.8 छह जुलाई 148.6 सात जुलाई 250.5 आठ जुलाई 111.1 नौ जुलाई 216.6

दितसाही के आंगनबाड़ी केंद्र में घुसा पानी

खरसावां में बुधवार की सुबह से शाम तक लगातार बारिश से आम जनजीवन पर खासा असर पड़ा है. दिनभर लोग घरों में दुबके रहे. कई जगहों पर जल जमाव हो गया. दितसाही के आंगनबाड़ी केंद्र में बारिश का पानी घुसने से बच्चों को परेशानी हुई. पानी की निकासी नहीं होने से बच्चे परेशान रहे. कुछ स्कूल परिसरों में भी बारिश का पानी घुस गया. दूसरी ओर, खरसावां-कुचाई में कई जगहों पर सड़कों में बने गड्ढों में जलजमाव से परेशानी रही. खरसावां के बेहरासाही, पुराना हाटसाई में नाली का गंदा पानी सड़कों पर बह रहा था.

बारिश छूटने के बाद शुरू होगा कृषि कार्य :

बारिश के कारण खेतों में कृषि कार्य बाधित रहा. ढलान वाले खेतों में लबालब पानी भर गया है. इस वजह से धान की रोपाई भी बाधित हो रही है. बारिश छूटने के बाद ही कृषि कार्य में तेजी आयेगी.

बिजली की आंख मिचौली से उपभोक्ता परेशान :

दिनभर हुई बारिश के कारण खरसावां में बिजली की आंख मिचौली जारी रही. बारिश के साथ हवा चलने के कारण बिजली के लाइन में तीन बार फॉल्ट आयी, जिससे सुबह से लेकर दोपहर 12 बजे तक कई क्षेत्रों में बिजली की आपूर्ति बाधित रही. बारिश के कारण बिजली मिस्त्रियों को दुरुस्त करने में घंटो मशक्कत करनी पड़ी.

खेलारीसाही व पोंडाकाटा में दो घर ढहे

बारिश के कारण खरसावां व कुचाई में कई कच्चे मकान ढह गये. खरसावां के खेलारीसाई के बूंदी नायक का कच्चा घर ढह गया. घर में रखा सामान भी बर्बाद हो गया. बंदी नायक अपने पडोसी के घर पर रहने को विवश है. बूंदी नायक ने प्रशासन से आर्थिक सहयोग की मांग की है, ताकि घर की मरम्मत करा सके. साथ ही कुचाई के पोंडाकाटा गांव में बारिश से गोमिया बांकिरा का खपरैल घर धंस गया. इससे उसका परिवार बेघर हो गया. घर ढहने से 50 हजार रुपये का सामान बर्बाद हो गया. वहीं गोमिया बांकिरा अपने दिव्यांग बच्ची के साथ इसी खपरैल घर में रहते है. अब वह पूरी तरह से बेघर हो गया है. आपदा राहत कोष से घर की मरम्मत के लिए गोमिया ने प्रशासन से गुहार लगायी है.

बारिश से खूंटी में खपरैल का घर गिरा, बाल-बाल बचा परिवार

चांडिल अनुमंडल क्षेत्र में लगातार हो रही झमाझम बारिश से जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया है. बारिश से चांडिल के खूंटी गांव निवासी छुटूलाल महतो का खपरैल का घर गिरकर क्षतिग्रस्त गया. हालांकि, छुटूलाल महतो का परिवार बाल-बाल बच गया. उनका परिवार दूसरे के घर में रह रहा है. लगातार झमाझम बारिश से फिर चांडिल अनुमंडल क्षेत्र के नदी व नाले उफान पर हैं. कपाली नगर परिषद क्षेत्र के कई जगहों पर जलजमाव हो गया है. बारिश के कारण दिहाड़ी मजदूरों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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ATUL PATHAK

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By ATUL PATHAK

ATUL PATHAK is a contributor at Prabhat Khabar.

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