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Seraikela Kharsawan News : 9 साल में बनी सड़क, 3 साल में ही जर्जर

Updated at : 19 Feb 2026 11:49 PM (IST)
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Seraikela Kharsawan News : 9 साल में बनी सड़क, 3 साल में ही जर्जर

खरसावां-रड़गांव सड़क की पिच जर्जर, विधायक ने विधानसभा में उठाया मामला

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खरसावां. खरसावां को राष्ट्रीय राजमार्ग-33 से जोड़ने वाली महत्वपूर्ण खरसावां-रड़गांव सड़क की जर्जर स्थिति का मामला गुरुवार को विधानसभा में उठा. बजट सत्र के दूसरे दिन शून्यकाल के दौरान खरसावां विधायक दशरथ गागराई ने सदन के माध्यम से सरकार का ध्यान इस ओर आकृष्ट कराया और सड़क की ””राइडिंग क्वालिटी”” में सुधार के लिए तत्काल स्वीकृति देने की मांग की.

54 करोड़ रुपये की लागत से चौड़ीकरण व जीर्णोद्धार शुरू हुआ था

विधायक ने सदन को अवगत कराया कि इस सड़क के निर्माण की कहानी बेहद अजीब है. वर्ष 2012-13 में पीडब्ल्यूडी में शामिल होने के बाद 54 करोड़ रुपये की लागत से इसका चौड़ीकरण और जीर्णोद्धार शुरू हुआ था. 2014-15 में शुरू हुआ काम 9 साल की लंबी प्रतीक्षा के बाद 2022-23 में पूरा हुआ. लेकिन गुणवत्ता में कमी और ओवरलोड वाहनों के चलते यह सड़क तीन साल भी नहीं टिक सकी और अब पूरी तरह से उखड़ चुकी है. करीब 29.8 किमी लंबी यह सड़क वर्तमान में मौत का जाल बन गयी है.

स्क़िड कर रहे वाहन:

सड़क की पिच पूरी तरह उखड़ चुकी है और बिखरी हुई गिट्टियों के कारण बाइक व स्कूटी चालक ब्रेक लगाते ही गिर रहे हैं.

रायजामा घाटी का संकट:

रायजामा घाटी के पास बने गहरे गड्ढों में अक्सर बड़े वाहन फंस जाते हैं, जिससे घंटों जाम की स्थिति बनी रहती है.

बीमारियों को न्योता:

सड़क से उड़ने वाली धूल के कारण किनारे बसे ग्रामीणों का सांस लेना मुश्किल हो गया है.

50 किमी का अतिरिक्त चक्कर लगाने को मजबूर लोग

खरसावां से रांची, बुंडू और तमाड़ जाने के लिए यह सबसे मुख्य मार्ग है. सड़क खराब होने के कारण अब लोग सरायकेला, कांड्रा और चौका होकर जाने को मजबूर हैं. इस वैकल्पिक रास्ते से लोगों को 50 किलोमीटर की अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है, जिससे समय और ईंधन दोनों की बर्बादी हो रही है.

– सदन के माध्यम से सरकार से मांग करता हूं कि खरसावां-रड़गांव सड़क की राइडिंग क्वालिटी में सुधार कार्य को जल्द स्वीकृति दी जाए, ताकि क्षेत्र की जनता को इस नारकीय स्थिति से मुक्ति मिल सके.

– दशरथ गागराई

, विधायक

एक वर्ष में 40 की मौत, 300 से अधिक घायल

चांडिल. चांडिल क्षेत्र में एनएच-33 के चिलगु स्थित फोरलेन सड़क पर अधूरे पुल को लेकर विधायक सविता महतो ने विधानसभा में शून्यकाल के माध्यम से गंभीर मुद्दा उठाया. उन्होंने सदन को अवगत कराया कि फोरलेन सड़क के एक लेन में स्थित पुल का निर्माण पिछले तीन वर्षों से अधूरा पड़ा है. हाल ही में एनएचएआइ ने उक्त पुल को ध्वस्त कर दिए जाने के कारण एक लेन पूरी तरह बंद हो गया है. लेन बंद रहने से बढ़ी दुर्घटनाएं: विधायक ने कहा कि एक लेन बंद रहने के कारण लगातार सड़क दुर्घटनाएं हो रही हैं. पिछले एक वर्ष में लगभग 40 लोगों की सड़क हादसों में मौत हो चुकी है, जबकि 300 से अधिक लोग घायल हुए हैं. उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि अब तक एनएचएआइ द्वारा अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गयी है. सविता महतो ने सरकार से मांग की कि क्षतिग्रस्त पुल का निर्माण कार्य अविलंब शुरू कराया जाए, ताकि दुर्घटनाओं पर रोक लग सके.

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ATUL PATHAK

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By ATUL PATHAK

ATUL PATHAK is a contributor at Prabhat Khabar.

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