खरसावां.
कुचाई के चंपत में शनिवार को वनाधिकार पत्थलगड़ी (बोर्ड गड़ी) का 7वां स्थापना दिवस ग्राम मुंडा सोगड़ा मुंडा की अध्यक्षता में मनाया गया. मौके पर पाहन पांडू मुंडा ने साथियों के साथ पत्थलगड़ी स्थल पर पूजा की. ग्रामीणों ने जंगल के साथ जैव विविधताओं को संरक्षित करने का संकल्प लिया, ताकि वनोपज से जीविकोपार्जन हो सके. विधायक प्रतिनिधि धर्मेंद्र सिंह मुंडा ने कहा कि जंगल से आदिवासियों का अस्तित्व जुड़ा है. उन्होंने वनों की रक्षा करने की अपील की. रांची आइसीएफजी के सोहनलाल कुम्हार ने सामुदायिक वन संसाधनों का संरक्षण, प्रबंधन व पुनर्जीवित करने पर बल दिया.वनों का घनत्व को बढ़ाने संग जैव विविधताओं को भी बचाएं
रांची वनाधिकार कानून सेल के ओखोरी प्रवास ने ग्रामीणों से जंगलों का संरक्षण कर घनत्व को बढ़ाने व जैव विविधताओं को बचाने की अपील की. रांची एफआरए सेल के तुषार क्रांति कुंभकार ने कहा कि जंगल का संरक्षण से पारिस्थितिक तंत्र का संतुलन बना रहता है. रांची आइसीएफजी के वनोपज मार्केटिंग मैनेजर कुंदन गुप्ता ने वनोपज का बाजार तैयार करने के तरीके बताये. कार्यक्रम में पहुंचे लोगों को पत्ते की टोपी पहनाकर स्वागत किया गया. कार्यक्रम में सुखराम मुंडा, भरत सिंह मुंडा, मुन्ना सोय, गोपाल सिंह मुंडा, दामु मुंडा, तुलसी मुंडा, रामकृष्ण मुंडारी, वनवारी लाल सोय, साधो सरदार, करम सिंह मुंडा, सितंबर गुंदुवा, पांडु मुंडा, कारु मुंडा, विक्रम मुंडा, कुजरी मुंडा, सोंगड़ा मुंडा, रावकान बांकिरा, नोरेश मुंडा समेत चंपत, रायसिंहदिरी, बड़ाबांडी, छोटाबांडी, छोटासेगोई, बड़ासेगोई, बाड़ेडीह, पुनीबुढ़ी, जोड़ासरजोम, दामादिरी, डांगो, भुरकुण्डा, रामायसाल, सेरेंदा, छोटचाकड़ी आदि गांवों से लोग पहुंचे थे.
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