सरायकेला.
नाबालिग से दुष्कर्म मामले में शुक्रवार को प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश रामाशंकर सिंह की अदालत ने साक्ष्यों के आधार पर फैसला सुनाया. कोर्ट ने आरोपी सुरेश लोहार को दोषी करार देकर पॉक्सो एक्ट की धारा 6 के तहत 25 वर्ष का सश्रम कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनायी. वहीं, जुर्माना नहीं देने पर एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास होगा. पीडीजे ने दोषी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट के अतिरिक्त भारतीय दंड संहिता 341 के तहत 1 माह का कारावास व 506 के तहत 6 माह का कारावास और एक हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनायी है. जुर्माना नहीं देने पर 15 दिन का अतिरिक्त कारावास की सजा होगी.क्या है मामला
कपाली ओपी क्षेत्र में वर्ष 2023 में नाबालिग पीड़िता ने सुरेश लोहार के खिलाफ लिखित शिकायत की थी. इसमें कहा गया कि नाबालिग 16 फरवरी, 2023 की शाम को अपने छोटे भाई को खोजने के लिए पड़ोस में जा रही थी. इसी दौरान पड़ोस में रहने वाला सुरेश लोहार ने अकेला पाकर जबरदस्ती अपने घर में खींच लिया. दरवाजा बंद कर दिया. नाबालिग ने शोर मचाना चाहा, तो सुरेश ने उसका मुंह बंद कर दिया. उसे जान से मारने की धमकी दी. उसने कहा कि अगर तुम पूरी रात मेरे साथ नहीं रहेगी, तो मैं गांव में सभी को बता दूंगा कि तुम गलत आचरण की लड़की हो. उसकी बात सुनकर नाबालिग डर गयी. रात में सुरेश लोहार ने नाबालिग से कई बार दुष्कर्म किया. सुबह उसे घर भेज दिया. नाबालिग अपने घर पहुंची, तो उसके माता-पिता ने रात भर घर से बाहर रहने के बारे में पूछा. उसने डर से कुछ नहीं बताया. दो दिन बाद 18 फरवरी को उसकी मां ने अकेले में उससे पूछा, तो उसने सारी बात बतायी. इसके बाद नाबालिग ने कपाली ओपी पहुंच कर सुरेश लोहार के खिलाफ लिखित आवेदन दिया.
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