सरायकेला जंगल के 170 किमी दायरे में एक भी बाघ नहीं, 22 को अंतिम गणना

Updated at : 12 May 2018 6:09 AM (IST)
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सरायकेला जंगल के 170 किमी दायरे में एक भी बाघ नहीं, 22 को अंतिम गणना

जंगल में दो-दो किमी की परिधि में बनायी गयी थीं 85 जीपीएस ट्रांजिट लाइनें प्रत्यक्ष दिखे जानवरों के साथ-साथ उनके पदचिह्न व मल के आधार पर हुई गणना लकड़बग्घा के पदचिह्न व मल मिले सरायकेला : सरायकेला वन प्रमंडल के जंगलों में जानवरों की संख्या लगातार घट रही है. इसका खुलासा पहली बार जीआइएस एक्सपर्ट […]

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जंगल में दो-दो किमी की परिधि में बनायी गयी थीं 85 जीपीएस ट्रांजिट लाइनें

प्रत्यक्ष दिखे जानवरों के साथ-साथ उनके पदचिह्न व मल के आधार पर हुई गणना
लकड़बग्घा के पदचिह्न व मल मिले
सरायकेला : सरायकेला वन प्रमंडल के जंगलों में जानवरों की संख्या लगातार घट रही है. इसका खुलासा पहली बार जीआइएस एक्सपर्ट टीम द्वारा जीपीएस ट्रांजिट के आधार पर जंगलों में किये गये पशु गणना के आधार पर हुआ है. इस गणना में जंगली जानवरों की संख्या बहुत कम होने के सबूत मिले हैं, जिसके आधार पर रिपोर्ट तैयार की गयी है. देहरादून की जीआइएस एक्सपर्ट टीम द्वारा सरायकेला वन प्रमंडल में 170 किमी वन क्षेत्र के गणना के लिए दो-दो किमी की परिधि में कुल 85 जीपीएस ट्रांजिट लाइन जंगलों और पहाड़ों पर बनाये गये थे. इस ट्रांजिट लाइन के दोनों छोर पर प्रत्यक्ष रूप से देखे गये जानवरों एवं उनके पद चिह्न व मिले मल को आधार बनाते हुए पशु गणना का काम पूरा किया गया. इस गणना कार्य मे पूरे प्रमंडल में 70 वन कर्मियों को लगाया गया था.
इस गणना रिपोर्ट के अनुसार सरायकेला वन प्रमंडल के वन क्षेत्रों में न तो बाघ मिले और न ही उनके पदचिह्न या मल मिले. इससे स्पष्ट होता है कि सरायकेला वन प्रमंडल के जंगलों में बाघ नहीं हैं. वहीं जंगलों में हाथी, मोर, सुअर, भेड़िया, सियार के अलावा लकड़बग्घा के पदचिह्न व मल मिले हैं. इस गणना कार्य के दौरान जंगलों के पेड़-पौधे व घास का भी अध्ययन किया गया.
साल के सबसे बड़े व गर्म दिन जलाशयों पर रहेगी नजर
पद चिह्नों व मल के आधार पर गणना पूरी होने के बाद वन कर्मियों द्वारा 22 मई को जंगली क्षेत्र के जलाशयों पर अंतिम गणना के लिए पशुओं पर नजर रखेंगे. ज्ञात हो कि 22 मई वर्ष अधिक गर्मी भी होती है. जंगली जानवर पर्याप्त मात्रा में पानी पीकर अपनी प्यास बुझाने के लिए जलाशयों में पहुंचेंगे. इसलिए वनकर्मी संबंधित जलाशयों में नजर रखते हुए पशुओं की गणना करेंगे.
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