बिहार के 43 शहरों की बदलेगी सूरत, अब बिना नक्शा पास कराए नहीं बनेगा मकान

Updated at : 25 Mar 2026 7:07 AM (IST)
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Bihar News

उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा

Bihar News: बिहार में शहरी विकास को नई दिशा देने की तैयारी तेज हो गई है. राज्य के 43 प्रमुख शहरों में एक साल के भीतर मास्टरप्लान लागू करने की योजना है, जिससे अब बिना नक्शा पास कराए मकान बनाना संभव नहीं होगा. इसके साथ ही छह महीने में 23 नागरिक सेवाओं को ऑनलाइन करने का लक्ष्य भी रखा गया है, जो शहरी प्रशासन को अधिक पारदर्शी और सुविधाजनक बनाएगा.

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Bihar News: बिहार में शहरीकरण को एक नई और व्यवस्थित दिशा देने के लिए नगर विकास एवं आवास विभाग ने कमर कस ली है. उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने हाल ही में विभाग की 100 दिनों की उपलब्धियों का लेखा-जोखा पेश करते हुए राज्य के लिए एक महत्वाकांक्षी विजन साझा किया.

नई कार्ययोजना के तहत अगले एक साल के भीतर बिहार के सभी जिला मुख्यालयों समेत सोनपुर और बगहा जैसे 43 प्रमुख शहरों का अपना ‘मास्टरप्लान’ होगा. अब शहरों का विस्तार अनियोजित तरीके से नहीं, बल्कि एक तय ब्लूप्रिंट के आधार पर होगा, जिससे आने वाले समय में ट्रैफिक जाम और जलजमाव जैसी समस्याओं से मुक्ति मिल सकेगी.

100 दिन का रिपोर्ट कार्ड

उपमुख्यमंत्री सह नगर विकास मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने विभाग के 100 दिनों के कामकाज को सामने रखते हुए कहा कि पहले शुरू की गई योजनाओं को भी समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा. सरकार का फोकस शहरों को आधुनिक, सुव्यवस्थित और नागरिकों के अनुकूल बनाना है.

प्लानिंग से बनेगा हर शहर

नगर विकास एवं आवास विभाग ने स्पष्ट किया है कि नए मास्टरप्लान के तहत शहरों का विकास पूरी तरह योजनाबद्ध तरीके से होगा. इसमें सड़क, यातायात, जल निकासी और आवासीय क्षेत्रों का संतुलित विकास शामिल है.

अब कोई भी व्यक्ति बिना स्वीकृत नक्शे के निर्माण नहीं कर सकेगा. इससे अवैध निर्माण पर लगाम लगेगी और शहरों का ढांचा व्यवस्थित होगा.

घर बैठे मिलेंगी 23 सेवाएं

अगले छह महीनों के भीतर 23 प्रमुख नागरिक सेवाओं को पूरी तरह ऑनलाइन कर दिया जाएगा. अब घर का नक्शा पास कराने के लिए आपको नगर निगम या परिषद के चक्कर काटने की जरूरत नहीं होगी.

एक सेंट्रलाइज्ड पोर्टल के जरिए आप घर बैठे आवेदन कर सकेंगे और तय समय सीमा के भीतर डिजिटल सिग्नेचर वाला नक्शा प्राप्त कर सकेंगे.

CAG करेगा ऑडिट

नगर निकायों में होने वाली वित्तीय अनियमितताओं को रोकने के लिए सरकार ने अब महालेखाकार (CAG) से ऑडिट कराने का फैसला लिया है. विजय सिन्हा ने दो टूक शब्दों में कहा कि जनता के पैसे का हिसाब अब बारीकी से होगा और किसी भी स्तर पर गड़बड़ी पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.

143 निकायों में कूड़ा निस्तारण

राज्य के 143 नगर निकायों में कचरा प्रबंधन के लिए ठोस रणनीति बनाई गई है. अगले दो वर्षों में बिहार के शहरों को ‘जीरो वेस्ट’ बनाने का लक्ष्य रखा गया है, जहां कूड़े का शत-प्रतिशत वैज्ञानिक तरीके से निपटारा सुनिश्चित किया जाएगा.

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Pratyush Prashant

लेखक के बारे में

By Pratyush Prashant

महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.

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