बिंदुवासिनी मंदिर में शतचंडी महायज्ञ आज से

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बिंदुवासिनी मंदिर में शतचंडी महायज्ञ आज से

आज से बिन्दुवासिनी मंदिर में शतचंडी महायज्ञ का आयोजन होगा, जो कि पांच दिनों तक चलेगा.

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चैत्र नवरात्र पर माता की भक्ति में डूबा क्षेत्र प्रतिनिधि, बरहरवा प्रसिद्ध धार्मिक स्थल बिंदुधाम मंदिर में चैत्र नवरात्र के अवसर पर कलश स्थापना के साथ मां दुर्गा की पूजा-अर्चना की जा रही है. इस अवसर पर पूरा परिसर या देवी सर्वभूतेषु शक्ति-रूपेण संस्थिता, नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः… के मंत्रोच्चार से गूंज रहा है. चारों ओर माता बिंदुवासिनी और दुर्गा माता के जयकारे गूंज रहे हैं. बच्चे, वृद्ध, युवा, महिलाएं और पुरुष सभी माता की भक्ति में लीन हैं. चैत्र नवरात्र की पंचमी को मंदिर में शतचंडी महायज्ञ का शुभारंभ हो रहा है. बिंदुधाम मंदिर प्रबंध समिति ने महायज्ञ की सभी तैयारियाँ पूरी कर ली हैं. समिति के पूजा प्रभारी विक्रम शर्मा ने बताया कि महायज्ञ शुरू करने से पहले सभी आचार्यों और वर्णित ब्राह्मणों का पंचांग पूजन, ब्राह्मण वरण, मंडप प्रवेश और रुद्राभिषेक के उपरांत अग्नि प्रवेश कराया जाएगा. इस यज्ञ के दौरान भक्तगण यज्ञ मंडप की परिक्रमा कर अपने परिवार और समाज के कल्याण की कामना करते हैं. बनारस से आए चार विद्वान आचार्य, विधि-विधान से होगा महायज्ञ बिंदुवासिनी मंदिर में बरहरवा सहित विभिन्न राज्यों से श्रद्धालु माँ की पूजा-अर्चना करने और अपनी मनोकामनाएं मांगने आते हैं. चैत्र नवरात्र के अवसर पर यहाँ वर्ष 1961 से शतचंडी महायज्ञ का आयोजन किया जा रहा है. इस परंपरा की शुरुआत पहाड़ी बाबा ने की थी, और तब से यह यज्ञ निरंतर होता आ रहा है. भक्तजन यज्ञ मंडप की परिक्रमा कर अपनी इच्छाओं की पूर्ति की प्रार्थना करते हैं. इस वर्ष महायज्ञ में बनारस के चार प्रमुख आचार्य संतेश्वर मिश्रा, ब्रह्मा परमानंद तिवारी, आचार्य सत्येंद्र पांडेय और आचार्य विमल पांडेय शामिल हो रहे हैं. इनके अलावा, 17 अन्य वर्णित ब्राह्मण भी इस यज्ञ में आहुति देंगे. श्रद्धालुओं के लिए भव्य रूप से सजाया गया बिंदुवासिनी मंदिर बिंदुधाम प्रबंध समिति ने इस वर्ष चैत्र नवरात्र की विशेष पूजा-अर्चना के लिए भव्य तैयारियाँ की हैं. मंदिर परिसर को रंग-बिरंगे फूलों से आकर्षक रूप में सजाया गया है. मंदिर के पश्चिमी द्वार पर एक भव्य प्रवेश द्वार का निर्माण किया गया है, वहीं श्रद्धालुओं के लिए एक विशेष सेल्फी स्टैंड भी बनाया गया है, जहाँ लोग तस्वीरें खींचकर अपनी धार्मिक यात्रा की यादें संजो रहे हैं. यहां लगने वाला शतचंडी महायज्ञ और एक माह तक चलने वाला रामनवमी मेला दूर-दराज से भक्तों को आकर्षित करता है. झारखंड के विभिन्न जिलों के अलावा, बिहार, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल सहित अन्य राज्यों से भी श्रद्धालु मां बिंदुवासिनी के दर्शन के लिए यहाँ पहुंचते हैं. मंदिर प्रबंधन समिति के कार्यकारी अध्यक्ष शक्तिनाथ अमन और दिनेश कर्मकार ने बताया कि दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं कर ली गयी हैं. मंदिर परिसर में यात्रिका और उत्सव भवन तैयार कर लिये गये हैं, जहां भक्तों के ठहरने की सुविधा उपलब्ध है. इसके अलावा, शतचंडी महायज्ञ के दौरान श्रद्धालुओं के लिए शरबत और नारायण भोग की विशेष व्यवस्था की गयी है. श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मंदिर प्रबंधन समिति के सभी सदस्य पूरी तत्परता से कार्य कर रहे हैं. स्वास्थ्य सेवाओं के लिए मेडिकल टीम को तैनात किया गया है, वहीं कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन भी अलर्ट मोड में है. मां बिंदुवासिनी की कृपा सभी भक्तों पर बनी रहे और यह धार्मिक आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हो, इसी मंगलकामना के साथ भक्तजन श्रद्धा और भक्ति से मंदिर में जुटे हुए हैं.

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Bikash Jaswal

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