लुप्त हो रही संताल परगना की जल, जंगल, जमीन

Updated:
विज्ञापन

भोगनाडीह में संताल परगना स्थापना दिवस का किया गया आयोजन, बोले भाजपा नेता लोबिन हेम्ब्रम

विज्ञापन

बरहेट. संताल परगना स्थापना दिवस पर भोगनाडीह फुटबॉल स्टेडियम में रविवार को समारोह का आयोजन किया गया. बतौर मुख्य अतिथि बोरियो के पूर्व विधायक सह भाजपा नेता लोबिन हेम्ब्रम के अलावा बबलू हांसदा, सुरजू टुडू, प्रेम मरांडी, ईश्वर मरांडी, बड़का टुडू, सुनील हेम्ब्रम उपस्थित रहे. अतिथियों का स्वागत आदिवासी रीति-रिवाज से किया गया. इस समारोह में साहिबगंज, गोड्डा, पाकुड़ एवं दुमका के बुद्धिजीवी वर्ग के अलावे सैकड़ों की तादाद में महिला-पुरूष शामिल हुए. समारोह का संचालन वंशज मंडल मुर्मू ने किया. इस अवसर पर मुख्य अतिथि सह पूर्व विधायक लोबिन हेम्ब्रम ने कहा कि संताल परगना की जल, जंगल एवं जमीन लुप्त हो रही है. जिसके संरक्षण के लिये कानून तो बनाया गया है, लेकिन सरकार इसे लागू नहीं कर रही है. सीएनटी, एसपीटी, पी-पेसा एक्ट से मिलने वाले अधिकारों से हेमंत सोरेन ने आदवासियों को वंचित रखा है. अगर हेमंत सोरेन आदिवासियों को अपने परिवार जैसा मानते हैं, तो झारखंड एवं आदिवासी के हित में बने इन कानूनों को लागू करें. उन्होंने खुले मंच से कहा कि अगर सरकार 1932 खतियान आधारित स्थानीय नीति लागू करती है, तो मैं राजनीति से संन्यास ले लूंगा. उन्होंने मंच से आदिवासी समाज से हड़िया-दारू का सेवन नहीं करने तथा अपनी संस्कृति को आगे बढ़ाने की अपील की. वहीं, अपने संबोधन में वंशज मंडल मुर्मू ने कहा कि हमारे वीर शहीद सिदो, कान्हू, चांद, भैरव, फूलो, झानो एवं भगवान बिरसा मुंडा ने आदिवासियों को हक दिलाने के लिए साम्राज्यवादी ताकतों से लड़ाई की थी. लेकिन, आज तक आदिवासी रक्षा के लिए कानून को मजबूती से लागू नहीं किया गया एवं वर्तमान में आदिवासी विकास से कोसों दूर हैं. राज्य सरकार द्वारा युवाओं को रोजगार दिलाने के नाम पर छला जाना किसी से छिपा नहीं है. अब समय आ गया है, जब हमें अपने हक-अधिकार के लिये लड़ना होगा. इसीलिए, इस स्थापना दिवस समारोह के मंच से हम सभी अपने अधिकारों के लिए आवाज बुलंद करते हैं. मौके पर मनोज मुर्मू, मनोज हांसदा, माइकल टुडू, होपना के अलावे अन्य मौजूद थे. समारोह में दिखी आदिवासी संस्कृति की झलक .. संताल परगना स्थापना दिवस पर आयोजित समारोह में आदिवासी संस्कृति एवं नृत्य की झलक दिखी. पारंपरिक परिधान पहनकर महिलाएं एवं पुरुष मांदर की थाप पर जमकर झूमे. संताल परगना के साहिबगंज,गोड्डा, दुमका एवं पाकुड़ जिले से पहुंचे लोगों द्वारा लगाये गये सिदो-कान्हू अमर रहे, चांद भैरव अमर रहे, फूलो-झानो अमर रहे के नारे से पूरा समारोह स्थल गूंज उठा.

आपके शहर में

विज्ञापन

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola