राजमहल में दर्दनाक हादसा: गंगा नदी से 16 घंटे बाद दो सगे भाइयों का शव बरामद, गांव में मातम

Updated at : 13 Mar 2026 12:01 PM (IST)
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राजमहल के सरकंडा गांव में गंगा नदी के किनारे खड़ी ग्रामीणों की भीड़. फोटो: प्रभात खबर

Sahibganj News: साहिबगंज के राजमहल थाना क्षेत्र के सरकंडा गांव में गंगा नदी से 16 घंटे बाद दो सगे भाइयों का शव बरामद हुआ. दोनों बच्चे गुरुवार दोपहर से लापता थे. शुक्रवार सुबह नमामि गंगा घाट के पास उनके शव मिले. घटना से गांव में मातम पसरा है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है. इससे संबंधित पूरी खबर नीचे पढ़ें.

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राजमहल से शत्रुघ्न की रिपोर्ट

Sahibganj News: झारखंड के साहिबगंज जिले के राजमहल थाना क्षेत्र अंतर्गत सरकंडा गांव में एक बेहद दर्दनाक घटना सामने आई है. गंगा नदी में डूबने से दो मासूम सगे भाइयों की मौत हो गई. लगभग 16 घंटे की तलाश के बाद दोनों बच्चों का शव बरामद किया गया. इस घटना के बाद पूरे गांव में मातमी सन्नाटा पसर गया है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है.

घर के सामने से अचानक लापता हो गए थे दोनों बच्चे

मिली जानकारी के अनुसार, सरकंडा गांव निवासी सेटू चौरसिया के दो पुत्र 8 वर्षीय आर्यन कुमार और 4 वर्षीय राघव कुमार गुरुवार दोपहर करीब 1 बजे घर के सामने खेलते-खेलते अचानक लापता हो गए. जब काफी देर तक दोनों बच्चे घर नहीं लौटे तो परिजनों को चिंता हुई. परिवार और ग्रामीणों ने आसपास के इलाकों में बच्चों की काफी खोजबीन की, लेकिन देर रात तक उनका कोई सुराग नहीं मिल पाया. बच्चों के नहीं मिलने से परिजनों को आशंका होने लगी कि कहीं उनका अपहरण तो नहीं कर लिया गया है.

गंगा नदी किनारे मिली बच्चे की पैंट, बढ़ी आशंका

गुरुवार रात करीब 9 बजे नमामि गंगे घाट के पास गंगा नदी किनारे एक बच्चे की पैंट मिली. पैंट मिलने के बाद परिजनों की चिंता और बढ़ गई. इसके बाद ग्रामीणों और परिजनों ने मछली पकड़ने वाले जाल की मदद से गंगा नदी में देर रात तक बच्चों की तलाश शुरू की. हालांकि रात में कोई सफलता नहीं मिली और खोजबीन जारी रही.

सुबह नदी में तैरता मिला पहला शव

शुक्रवार सुबह घर से लगभग 150 मीटर दूर नमामि गंगा सीढ़ी घाट के पास गंगा नदी में एक बच्चे का शव तैरता हुआ दिखाई दिया. यह खबर गांव में आग की तरह फैल गई और कुछ ही देर में बड़ी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल पर जुट गए. ग्रामीणों और परिजनों ने दूसरे बच्चे की तलाश शुरू की. कुछ ही दूरी पर दूसरे बच्चे का शव भी नदी में मिल गया. दोनों मासूम भाइयों का शव देखकर गांव में शोक की लहर दौड़ गई.

सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस

घटना की जानकारी मिलते ही राजमहल थाना पुलिस मौके पर पहुंची. पुलिस ने दोनों बच्चों के शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए राजमहल अनुमंडलीय अस्पताल भेज दिया. घटना के बाद ग्रामीणों के बीच तरह-तरह की चर्चाएं होने लगीं, जबकि परिजन दहाड़ मारकर रोने लगे. पूरे गांव में शोक और दुख का माहौल बन गया.

होली मनाने मुंबई से गांव आया था परिवार

मृतक बच्चों के पिता सेटू चौरसिया ने बताया कि वह अपनी पत्नी और दोनों बच्चों के साथ मुंबई में मजदूरी करते थे. होली का त्योहार मनाने के लिए वह कई वर्षों बाद अपने परिवार के साथ गांव आए थे. परिवार जल्द ही दोबारा मजदूरी के लिए मुंबई लौटने की तैयारी कर रहा था, लेकिन इसी बीच यह दर्दनाक हादसा हो गया.

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मां का रो-रोकर बुरा हाल

इस घटना ने पूरे परिवार को तोड़कर रख दिया है. मृतक बच्चों की मां बार-बार रोते हुए कह रही थी कि उसके सिर्फ यही दो बेटे थे और अब उसके बुढ़ापे का सहारा भी छिन गया. वह बार-बार बेहोश हो जा रही थी और गांव के लोग किसी तरह उन्हें संभालने की कोशिश कर रहे थे. इस हृदयविदारक घटना से पूरे इलाके में गहरा दुख और शोक का माहौल है.

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KumarVishwat Sen

लेखक के बारे में

By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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