पुलिसकर्मियों ने अन्य राज्यों की तर्ज पर की वर्दी भत्ता देने की मांग

साहिबगंज (फाइल फोटो)
एसपी को 20 हजार, पुलिस अवर निरीक्षक से लेकर पुलिस निरीक्षक को 4500 रुपये मिलता है प्रतिवर्ष
साहिबगंज. झारखंड पुलिस को अव्वल बनाने के लिए विभाग जहां एक तरफ राज्यभर में नये भवन, नये ऑफिस लगातार विकास करते हुए पुलिस पदाधिकारी को सुविधा मुहैया करा रहा है, तो दूसरी तरफ पुलिसकर्मी व पदाधिकारी का दर्द विभाग सुनकर भी अनदेखा कर रहा है. इस दर्द को एक पुलिस कर्मी ने बयां किया है. बढ़ती महंगाई के इस दौर में भी पुलिसकर्मियों को अभी भी वही वर्दी भत्ता दिया जा रहा है जो पिछले 10 वर्षों पूर्व दिया जाता था. इस बात से अंदाजा लगाया जा सकता है कि महंगाई की दर कितनी आगे चली गयी, लेकिन वर्दी भत्ता अब भी पुलिसकर्मियों को वही दिया जा रहा है, जबकि अन्य राज्यों में वर्दी भत्ता में कई वर्ष पूर्व ही इजाफा कर दिया गया है. झारखंड सरकार वर्तमान समय में वर्दी भत्ता के रूप में एसपी को तकरीबन 20 हजार, पुलिस अवर निरीक्षक से लेकर पुलिस निरीक्षक के पद पर तैनात पुलिस पदाधिकारी को 4500 रुपये प्रत्येक वर्ष एवं आरक्षी से लेकर हवलदार पद पर तैनात पुलिसकर्मी को 4000 प्रति वर्ष वर्दी भत्ता के रूप में दे रहा है. वर्ष 2017 के बाद से इसमें कोई तब्दीली नहीं की गई है. हालांकि, पुलिस मेंस एसोसिएशन के सदस्यों ने भी झारखंड सरकार व विभाग से वर्दी भत्ता बढ़ाने की मांग लगातार उठाया है. अपने चुनाव के मुख्य एजेंडा में वर्दी भत्ता को हमेशा से शामिल किया है. बावजूद इस गंभीर मुद्दे पर कोई निर्णय निकल कर सामने नहीं आया है. सबसे बड़ी बात यह है कि डीएसपी रैंक के पदाधिकारी को अबतक वेतन भत्ता के रूप में शून्य रखा गया है. पूर्व में उनका 1000 रुपये प्रतिवर्ष वर्दी भत्ता तय किया गया था. वर्तमान समय में उस पर भी विचार नहीं किए गये. गौरतलब है कि सातवां वेतन लागू होने के बाद वर्दी भत्ता में वृद्धि को लेकर पुलिस मुख्यालय ने गृह विभाग को प्रस्ताव भी भेजा है. जिले में हैं 400 पुलिस पदाधिकारी और जवान जिलेभर में तकरीबन 400 पुलिस पदाधिकारी व पुलिस के जवान हैं. सभी का औसत अगर 4000 रुपये की दर से भी गुना किया जाए तो तकरीबन 16 लाख रुपये प्रतिवर्ष जिले में पुलिस के वर्दी भत्ता के रूप में सरकार का खर्च हो रहा है. पुलिस एसोसिएशन ने हमेशा इसे बढ़ाने की मांग जारी रखा है. पुलिस मेंस एसोसिएशन के अध्यक्ष राम प्रसाद का कहना है कि चुनाव के बाद से दो बार हमारे एसोसिएशन के सदस्यों ने मुख्यमंत्री से मिलकर इस मामले में प्रस्ताव रखा है. फिर भी इस पर कोई खास विचार नहीं हुआ है. उन्होंने साफ कहा है कि वर्दी भत्ता एक बड़ा मुद्दा है. सरकार को इस पर विचार करने की आवश्यकता है. और जल्द से जल्द इसका निराकरण भी किया जाना चाहिए. कहते हैं कि एसपी विभाग के निर्देश के अनुसार वर्दी भत्ता पुलिस पदाधिकारी व पुलिस कर्मी को दिए जाते हैं. वर्तमान में तकरीबन 400 लोगों को वर्दी भत्ता दिया जा रहा है. विभाग के निर्देशानुसार ही आगे कार्य किए जाएंगे. -अमित कुमार सिंह, एसपी, साहिबगंज कहते हैं एसोसिएशन के अध्यक्ष वर्दी भत्ता बढ़ाने का मुद्दा हमारे चुनाव के मुख्य एजेंडों में से एक था. संगठन के अध्यक्ष बनने के बाद हम लोगों ने इस संबंध में दो बार प्रांतीय पदाधिकारी से मिलकर बात की है. वर्दी भत्ता वर्तमान समय में 4500 दिए जा रहे हैं. जबकि 10 हजार की मांग का प्रस्ताव रखा है. -राम प्रसाद, अध्यक्ष, पुलिस मेंस एसोसिएशन, साहिबगंज
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