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Jharkhand News: साहिबगंज सदर अस्पताल के कैदी वार्ड से खिड़की तोड़कर 2 कैदी फरार, जांच के लिए बनी एसआईटी

Updated at : 08 Jun 2024 9:04 PM (IST)
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साहिबगंज सदर अस्पताल की इसी खिड़की को तोड़कर फरार हुए 2 कैदी. फोटो : प्रभात खबर

Jharkhand News: झारखंड के साहिबगंज में 2 कैदी के फरार होने से सनसनी फैल गई है. दोनों कैदी साहिबगंज सदर अस्पताल की खिड़की काटकर भाग गए.

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Jharkhand News: साहिगंज सदर अस्पताल स्थित कैदी वार्ड से मंडल कारा के दो बंदी शुक्रवार रात करीब 12 बजे खिड़की तोड़कर फरार हो गये. ड्यूटी पर तैनात हवलदार सुधीर सिंह को जैसे ही जानकारी मिली, उन्होंने जिरवाबाड़ी थानेदार अनिश पांडे को सूचना दी. थानेदार घटनास्थल पर पहुंचे और मामले की छानबीन की.

Jharkhand के साहिबगंज में आधी रात को भागे 2 कैदी

जानकारी के अनुसार, 24 मई 2024 को मंडल कारा से समीर अंसारी पिता स्वर्गीय अमानत अंसारी को इलाज के लिए सदर अस्पताल में भर्ती कराया था. रिपोर्ट में जिक्र है कि उन्हें खून की उल्टियां हो रहीं थीं, जिसका इलाज चल रहा था. 6 जून 2024 को मंडल कारा से दूसरे बंदी आमिर अंसारी को भर्ती कराया गया था. आमिर गिर गया था. उसके शरीर के कुछ हिस्सों में चोट लगी थी. उसका भी इलाज चल रहा था. शुक्रवार शाम रोज की तरह सभी बंदी अपने-अपने बेड पर सोने चले गये थे. रात के करीब 12:00 बजे सुरक्षा में तैनात हवलदार ने देखा कि समीर और अमीर अपने बेड पर नहीं हैं. उसने देखा कि पास की खिड़की टूटी हुई है.

अमीर हत्या के आरोप में और समीर दुष्कर्म के मामले में हुआ था गिरफ्तार

आमिर हत्या के आरोप में वर्ष 2023 में जेल गया था. समीर पर दुष्कर्म का आरोप था. उसे तीन माह पूर्व जेल भेजा गया था. शुक्रवार को बंदी के कुछ घर वाले उनसे मिलने के लिए साहिबगंज के सदर अस्पताल आये थे. सूत्र बताते हैं कि काफी देर तक उन लोगों से बातचीत भी हुई. दोनों बंदी के एक साथ फरार होने पर कई सवाल उठ रहे हैं.

ये है साहिबगंज सदर अस्पताल का कैदी वार्ड. फोटो : प्रभात खबर

उठ रहे ये सवाल

  • जब बंदी वार्ड की खिड़की तोड़ रहे थे, उस वक्त क्या जवान ड्यूटी पर तैनात नहीं थे? अगर ड्यूटी पर थे, तो उन्हें इस बात की भनक क्यों नहीं लगी?
  • क्या बंदी को बिना हथकड़ी और रस्से के वार्ड में छोड़ दिया जाता था? जो बंदी भागे हैं, उनके हाथ में हथकड़ी नहीं थी.
  • पुलिस के लगातार ढूंढ़ने के बाद भी दोनों बंदी का कहीं पता नहीं चला. ऐसा तो नहीं कि दिन में जो लोग उनसे मिलने आये थे, उसी समय इन लोगों ने भागने का प्लान बना लिया?
कैदी को पुलिस वैन में लेकर जाते पुलिसकर्मी. फोटो : प्रभात खबर

पहले भी कुछ कैदी अस्पताल से हो चुके हैं फरार

सदर अस्पताल स्थित वार्ड या फिर जेल या फिर कोर्ट परिसर से पहले भी कई बंदी भाग चुके है. इनमें से कुछ को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया. कुछ ऐसे भी हैं, जिनका अब तक कोई सुराग पुलिस को नहीं मिला है.

  • 12 नवंबर, 2022 : बोरियो थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम बेल्टोला निवासी मोहम्मद इमरान साइन जो पॉक्सो एक्ट का आरोपी था, सदर अस्पताल के कैदी वार्ड से पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया था. पूर्व थाना प्रभारी चिरंजीत प्रसाद ने बताया था कि फरार बंदी 24 घंटे तक हथकड़ी लेकर घूमता रहा. इसके बाद बोरियो थाना क्षेत्र अंतर्गत ईदगाह टोला से उसे गिरफ्तार कर लिया गया था.
  • 20 सितंबर, 2000 : कई मामलों में मंडल कारा में बंद इस्माइल मोमिन अपने दो अन्य साथियों के साथ मंडल कारा से फरार हो गया था. सूत्र बताते हैं कि उस दौरान इस्माइल मोमिन को सेल में रखा गया था. बावजूद उसने सेल में लगे चापाकल को उखाड़ कर उसके पाइप के सहारे से मंडलकारा की दीवार फांद कर फरार हो गया था. साथ में उसके दो सहयोगी भी शामिल थे. इस मामले में पूर्व सहायक जेलर एम रहमान ने जिरवाबाड़ी थाना में कांड संख्या 136/2000 दर्ज कराया था.
  • 16 मई, 2000 : नगर थाना क्षेत्र अंतर्गत महाविद्यालय के छात्रावास में हुए छात्र हत्याकांड मामले में बंद मुख्य आरोपी राजू यादव पिता स्वर्गीय अर्जुन यादव न्यायालय परिसर से जवानों को चकमा देकर फरार हो गया था. फरार उस समय हुआ, जब जवान उसको हाजत से निकाल कर न्यायलय ले जा रहे थे. तभी रास्ते में वह फरार हो गया. इस मामले में जिरवाबाड़ी के पूर्व थाना प्रभारी एम के सिन्हा के बयान पर जिरवाबाड़ी थाना कांड संख्या 76/2000 दर्ज किया गया था. उसके बाद से राजू यादव का अब तक कहीं पता नहीं चल पाया.
  • 15 अगस्त, 2016 : सदर अस्पताल कैदी वार्ड से बड़का मरांडी चकमा देकर फरार हो गया था. 19 दिसंबर, 2019 को राजमहल जेल से साहिबगंज सदर अस्पताल शिफ्ट किये गये हत्या का आरोपी कैदी वार्ड से फरार हो गया था. सितंबर 2022 में राजमहल अस्पताल से तीन कैदी फरार हुए थे.
अस्पताल के पास सुनसान सड़क. फोटो : प्रभात खबर

कैदी वार्ड से दो कैदी के भाग जाने की सूचना है. उनकी गिरफ्तारी को लेकर एसआइटी का गठन करने का आदेश जारी किया गया है. दोनों को ट्रेस भी किया जा रहा है. बहुत जल्द उन्हें गिरफ्तार कर लिया जायेगा. इस मामले में जिरवाबाड़ी थाना में प्राथमिकी संख्या 83/24 दर्ज कर ली गयी है. ड्यूटी पर तैनात जवानों पर भी कार्रवाई की जायेगी.

कुमार गौरव, एसपी, साहिबगंज

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Mithilesh Jha

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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