साहिबगंज में पुनर्वास नीति के तहत 22 करोड़ की लागत से बनेगी नयी कॉलोनी

समदा बंदरगाह के विस्थापित 227 परिवारों के लिए बनेंगे फ्लैट
साहिबगंज
समदा में मल्टी मॉडल बंदरगाह के विस्थापित 227 परिवारों के लिए सुसज्जित और सुविधा सम्पन्न कॉलोनी का निर्माण कार्य इसी सप्ताह आरंभ होगा. एसी गौतम भगत के नेतृत्व में टीम ने बांसकोला का निरीक्षण किया. 22 करोड़ की लागत से 227 फ्लैटों का निर्माण किया जाएगा. प्राप्त जानकारी के अनुसार पांच संवेदकों को चार करोड़ 25 लाख की योजना का वितरण कर निर्माण कार्य सौंपा गया है. इन संवेदकों में अनील यादव, गणेश तिवारी, गुडडू रब्बानी, शंकर और एक अन्य शामिल हैं. निरीक्षण के दौरान जिला भू-अर्जन पदाधिकारी छूटेश्वर दास, आरईओ के कार्यपालक अभियंता रामाकांत प्रसाद सहित अन्य पदाधिकारी और संवेदक उपस्थित थे.
दूसरे चरण में लॉजिस्टिक पार्क और फ्रंट विलेज का निर्माण प्रस्तावितसमदा मल्टी मॉडल बंदरगाह के प्रथम चरण का कार्य पांच वर्ष पूर्व ही पूर्ण हो चुका है. दूसरे चरण में लॉजिस्टिक पार्क और फ्रंट विलेज का निर्माण प्रस्तावित है, जिसके लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है. भविष्य में इसका कार्य आरंभ किया जाएगा. पहले चरण में जमीन अधिग्रहण के बाद विस्थापित परिवारों के लिए लगभग 167 मकानों का निर्माण बंदरगाह के समीप खाली पड़ी भूमि पर किया गया था. सूत्रों के अनुसार इनमें से कई परिवार अब तक शिफ्ट नहीं हुए हैं. उनका कहना है कि बनाए गए फ्लैटों में पानी सहित अन्य बुनियादी सुविधाओं की भारी कमी है. हल्की बारिश में भी मकानों के आसपास कई फीट पानी जमा हो जाता है, जिससे आवागमन में कठिनाई होती है. जल निकासी की समुचित व्यवस्था न होने के कारण वहां रहना मुश्किल हो गया है. इसी वजह से कई विस्थापित परिवार आज भी जैसे-तैसे दिन काटने को मजबूर हैं. डीसी हेमंत सती ने इन विस्थापित परिवारों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए पहले से बने मकानों में पानी, बिजली और अन्य आवश्यक सुविधाओं को सुधारने का निर्देश दिया है. भविष्य में समदा बंदरगाह को रेलवे और हवाई मार्ग से जोड़ने की योजना है. हल्दिया-वाराणसी के बीच स्थित यह बंदरगाह चालू होने पर क्षेत्रीय व्यापार को गति मिलेगी. यहां से अनाज, पत्थर और अन्य वस्तुओं को जलमार्ग से बाहर भेजने तथा आवश्यक वस्तुओं को मंगाने की योजना है.
क्या कहते हैं डीसीपुनर्वास एवं पुनःस्थापना नीति के तहत जिला प्रशासन ने साहिबगंज-महाराजपुर रोड किनारे हाथीगढ़ में आवश्यक जमीन चिह्नित कर ली है. यहां चार कतारों में 227 फ्लैटों का निर्माण किया जाएगा, जिस पर लगभग 22 करोड़ रुपए खर्च होंगे. एक वर्ष के भीतर निर्माण कार्य पूर्ण कर 15 अगस्त 2026 को संबंधित विस्थापित परिवारों को फ्लैट की चाबी सौंपी जाएगी.
हेमंत सती, डीसी, साहिबगंजडिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
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