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जल संरक्षण के प्रयासों में अहम भूमिका निभा सकते हैं स्वयंसेवक : डीसी

Updated at : 20 Mar 2025 8:47 PM (IST)
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जल संरक्षण के प्रयासों में अहम भूमिका निभा सकते हैं स्वयंसेवक : डीसी

21वीं सदी में सूखती नदियां और घटते जल स्रोत जैसे पर्यावरणीय चुनौतियों का कर रहे हैं सामना

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साहिबगंज. गंगा नदी के संरक्षण और स्थानीय समुदाय की भागीदारी को बढ़ावा देने के उद्देश्य से गंगा प्रहरी कॉन्क्लेव का आयोजन साहिबगंज में किया गया. यह दो दिवसीय कार्यक्रम गंगा के पर्यावरणीय महत्व, जल संरक्षण और सतत विकास जैसे विषयों पर केंद्रित रहा. कार्यक्रम में डीसी हेमंत सती मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे. उन्होंने गंगा प्रहरी दलों की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि 21वीं सदी में हम कई पर्यावरणीय चुनौतियों का सामना कर रहे हैं, जिनमें सूखती नदियां और घटते जल स्रोत प्रमुख हैं. ऐसे में गंगा प्रहरी जैसे स्थानीय स्वयंसेवक जल संरक्षण के प्रयासों में अहम भूमिका निभा सकते हैं. उन्होंने जल प्रदूषण रोकने और गंगा नदी की स्वच्छता बनाये रखने में समुदाय की भागीदारी को आवश्यक बताया. पुलिस अधीक्षक अमित कुमार सिंह और वन प्रमंडल पदाधिकारी प्रबल गर्ग भी कार्यक्रम में विशेष अतिथि के रूप में शामिल हुए. उन्होंने कहा कि जल संरक्षण और जैव विविधता की सुरक्षा के लिए गंगा प्रहरी और वन विभाग के बीच समन्वय अत्यंत आवश्यक है. उन्होंने जल प्रदूषण रोकने और स्थानीय स्तर पर जागरूकता फैलाने में गंगा प्रहरियों की भूमिका को रेखांकित किया. कार्यक्रम के दौरान यह जानकारी दी गयी कि जिले में करीब 200 गंगा प्रहरी सक्रिय रूप से कार्यरत हैं. ये स्वयंसेवक न केवल गंगा नदी की स्वच्छता सुनिश्चित करते हैं, बल्कि स्थानीय लोगों को जागरूक करने और जल स्रोतों की रक्षा करने में भी योगदान देते हैं. डीसी ने कहा कि प्रशासन इन गंगा प्रहरियों को और अधिक सशक्त बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है. उन्होंने कहा कि जलकुंभी जैसे जल संकट बढ़ाने वाले पौधों को हटाने और उनका उपयोग करने की दिशा में आजीविका के अवसर भी प्रदान किये जाएंगे. गंगा प्रहरियों को इस संबंध में विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिससे वे आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकें. इसके अलावा, स्थानीय स्तर पर ब्यूटी प्रोडक्ट्स, जैविक उत्पाद और अन्य छोटे उद्योगों को भी बढ़ावा दिया जाएगा. कार्यक्रम के दौरान गंगा प्रहरियों को जल संरक्षण, प्रदूषण नियंत्रण और स्थानीय पारिस्थितिकी तंत्र की रक्षा के तरीकों पर विशेष प्रशिक्षण दिया गया. डीएफओ प्रबल गर्ग ने कहा कि इस कार्यक्रम ने न केवल जल संरक्षण को लेकर लोगों को जागरूक किया, बल्कि स्थानीय स्तर पर गंगा प्रहरी जैसे सामुदायिक संगठनों की भूमिका को भी सशक्त किया. कार्यक्रम में भारतीय वन जीव संस्थान के डॉ संध्या जोशी, हेमलता खंडूरी, एकता शर्मा, सुनीता रावत, प्रशांत तड़ियाल, मुकेश देवराड़ी, रश्मि दास, राजशेखर, प्रिया, श्वेता, विनीता, प्रभा आदि के द्वारा कार्यक्रम को सफलतापूर्वक आयोजन किया गया. इस कार्यक्रम में 200 से अधिक गंगा प्रहरियों ने भाग लिया.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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