तीसरी व चौथी रेल लाइन को लेकर सीमांकन शुरू

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तीसरी व चौथी रेल लाइन को लेकर सीमांकन शुरू

विकास को मिलेगी नयी रफ्तार

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साहिबगंज मालदा रेल मंडल के अंतर्गत साहिबगंज से तीनपहाड़ के बीच तीसरी व चौथी रेल लाइन बिछाने की दिशा में रेलवे प्रशासन ने कार्य में तेजी ला दी है. इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत संबंधित क्षेत्रों में जमीन का सीमांकन एवं डी-मार्केशन कार्य प्रारंभ कर दिया गया है. सीमांकन कार्य पूर्ण होते ही चरणबद्ध तरीके से फेंसिंग निर्माण का कार्य भी शुरू किया जायेगा. कई स्थानों पर रेलवे द्वारा फेंसिंग का कार्य पहले ही पूरा कर लिया गया है, जिससे स्पष्ट है कि रेलवे परियोजना को लेकर पूरी तरह गंभीर है. गौरतलब है कि लगभग 20 दिन पूर्व रेलवे मंत्रालय द्वारा भागलपुर से मालदा तक तीसरी और चौथी रेल लाइन बिछाने को लेकर गजट अधिसूचना जारी की गयी थी. इसके बाद से ही रेलवे प्रशासन ने परियोजना को धरातल पर उतारने की प्रक्रिया तेज कर दी है. भागलपुर से साहिबगंज तक जमीन सीमांकन व फेंसिंग का कार्य पहले ही पूरा किया जा चुका है, जबकि अब साहिबगंज से मालदा तक शेष हिस्से में कार्य प्रगति पर है. इसी क्रम में साहिबगंज से तीनपहाड़ तक रेलवे भूमि का सीमांकन शुरू किया गया है. सोमवार को मालदा रेल मंडल के डिवीजनल इंजीनियर (विद्युत-2) ने साहिबगंज से मदन शाही के बीच सीमांकन कार्य का स्थल निरीक्षण किया. इस दौरान अधिकारियों व कर्मचारियों के साथ जमीन की मापी की गयी. कई स्थानों पर डी-मार्केशन किया गया. निरीक्षण में कुछ जगहों पर रेलवे भूमि पर अतिक्रमण भी पाया गया, जिसे हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गयी है. रेलवे अधिकारियों के अनुसार तीसरी और चौथी रेल लाइन के निर्माण से साहिबगंज जिला व इस पूरे रेलखंड के विकास को नयी गति मिलेगी. मालवाहक ट्रेनों का परिचालन सुचारू होगा, जिससे कोयला, अनाज, सीमेंट, खाद समेत अन्य औद्योगिक सामानों के परिवहन में तेजी आयेगी. विशेषज्ञों का मानना है कि इससे स्थानीय व्यापार, कृषि और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे. रेलवे राजस्व में भी वृद्धि होगी. साथ ही पड़ोसी जिला भागलपुर के पीरपैंती में निर्माणाधीन एनटीपीसी परियोजना के लिए रेल लाइन आर्थिक दृष्टि से अत्यंत लाभकारी साबित होगी. क्या कहते हैं रेल अधिकारी रेलवे में तेजी से विकास कार्य चल रहा है. मालदा डीआरएम के निर्देशानुसार साहिबगंज से तीनपहाड़ के बीच तीसरी और चौथी रेल लाइन को लेकर जमीन का सीमांकन किया जा रहा है. कई स्थानों पर रेलवे की जमीन पर अतिक्रमण पाया गया है, जिसे स्थानीय प्रशासन के सहयोग से अतिक्रमणमुक्त कराया जा रहा है, जहां रेलवे की जमीन पहले से उपलब्ध है. वहां डी-मार्केशन के साथ फेंसिंग कार्य भी प्रारंभ कर दिया गया है. वेद व्यास शरण, सहायक अभियंता, साहिबगंज

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