.रामसर साइट पर जलपक्षी सर्वेक्षण में दर्ज हुई हजारों पक्षियों की उपस्थिति

Edited by ABDHESH SINGH
Updated:
विज्ञापन

उधवा पक्षी आश्रयणी में एशियन वॉटरबर्ड सेंसस सफलतापूर्वक संपन्न

विज्ञापन

उधवा

झारखंड राज्य की एकमात्र रामसर साइट उधवा पक्षी आश्रयणी में वन प्रमंडल के तत्वावधान में दो दिवसीय एशियन वॉटरबर्ड सेंसस के अंतर्गत जलपक्षी सर्वेक्षण बुधवार को सफलतापूर्वक संपन्न हुआ. इस अंतरराष्ट्रीय स्तर के वार्षिक कार्यक्रम के तहत आर्द्रभूमि क्षेत्रों में पाये जाने वाले जलपक्षियों की गणना एवं उनके आवास की गुणवत्ता का आकलन किया गया. सर्वेक्षण टीम में एडब्ल्यूसी समन्वयक सत्य प्रकाश, मंदार नेचर क्लब के संस्थापक डॉ. अरविंद मिश्रा, पक्षी विशेषज्ञ आरुष कुमार, पक्षी पर्यवेक्षक प्रशांत कुमार, वनरक्षी अखिलेश मरांडी सहित अन्य वनकर्मियों की सक्रिय सहभागिता रही.

प्रवासी व स्थायी पक्षियों की कई प्रजातियां दर्ज

सर्वेक्षण के दौरान उधवा पक्षी आश्रयणी में विभिन्न प्रवासी एवं स्थायी जलपक्षी प्रजातियों की उपस्थिति दर्ज की गयी. प्रमुख प्रवासी पक्षियों में नॉर्दर्न पिंटेल, गर्गेनी, रेड-क्रेस्टेड पोचार्ड, यूरेशियन कूट, ब्लैक-हेडेड गल एवं ब्लैक-टेल्ड गॉडविट शामिल रहे. वहीं स्थायी रूप से पाये जाने वाले प्रमुख पक्षियों में फुलवस व्हिसलिंग डक, एशियन ओपनबिल, ओपनबिल स्टॉर्क, ब्लैक-नेक्ड स्टॉर्क, पर्पल हेरॉन, ग्रे हेरॉन, विभिन्न एग्रेट प्रजातियां, व्हाइट-ब्रेस्टेड वाटरहैन तथा किंगफिशर की कई प्रजातियां उल्लेखनीय रहीं. विशेष रूप से इस वर्ष फुलवस व्हिसलिंग डक की उपस्थिति अपेक्षाकृत अधिक देखी गयी, जिसे आश्रयणी के अनुकूल पारिस्थितिकी तंत्र एवं प्रभावी संरक्षण प्रबंधन का सकारात्मक संकेत माना जा रहा है. विशेषज्ञों के अनुसार, रामसर साइट का दर्जा प्राप्त होने के बाद उधवा पक्षी आश्रयणी में संरक्षण, निगरानी एवं आवास प्रबंधन में उल्लेखनीय सुधार हुआ है. इसके परिणामस्वरूप यह क्षेत्र जलपक्षियों के लिए एक सुरक्षित, स्थायी एवं अंतरराष्ट्रीय महत्व का प्रमुख आवास स्थल बन चुका है.

तीन झीलों में 31 हजार से अधिक पक्षियों की गणना

मंदार नेचर क्लब के संस्थापक डॉ. अरविंद मिश्रा ने बताया कि दो दिवसीय एशियन वॉटरबर्ड सेंसस के दौरान पुरुलिया झील में लगभग 10 हजार से अधिक, पतौड़ा झील में करीब 7 हजार तथा ब्रह्मजमालपुर झील में लगभग 14 हजार पक्षियों की उपस्थिति दर्ज की गयी. उन्होंने यह भी जानकारी दिया कि यह पहली बार है जब उधवा पक्षी आश्रयणी क्षेत्र में नॉर्दर्न लेपविंग पक्षी देखा गया है. साथ ही झीलों में जलकुंभी सहित अन्य समस्याओं पर बेहतर नियंत्रण के लिए वन विभाग के पदाधिकारियों एवं कर्मियों के प्रयासों की सराहना करते हुए उन्हें धन्यवाद दिया.

विज्ञापन
ABDHESH SINGH

लेखक के बारे में

By ABDHESH SINGH

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola