एक-एक घुसपैठिये को चुन-चुनकर झारखंड से बाहर निकालेंगे, साहिबगंज में बोले अमित शाह

साहिबगंज में परिवर्तन सभा को संबोधित करते केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह.
Amit Shah in Jharkhand: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने साहिबगंज में आज कहा कि एक-एक घुसपैठिये को चुन-चुनकर झारखंड से बाहर निकालेंगे.
Amit Shah in Jharkhand: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा है कि झारखंड से एक-एक बांग्लादेशी घुसपैठिये के चुन-चुनकर निकालेंगे. उन्होंने कहा कि यह काम सिर्फ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकार कर सकती है.
साहिबगंज में अमित शाह ने विशाल जनसभा को किया संबोधित
शुक्रवार को साहिबगंज जिले के भोगनाडीह में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के परिवर्तन रथ को हरी झंडी दिखाने के बाद अमित शाह साहिबगंज पहुंचे. यहां पुलिस लाइन मैदान में विशाल परिवर्तन सभा को संबोधित किया. इस अवसर पर उन्होंने हेमंत सोरेन सरकार से कई तीखे सवाल पूछे और लोगों से अपील की कि वे आगामी चुनाव में भाजपा की सरकार बनाएं.
हेमंत सोरेन ने 5 लाख नौकरी देने का वादा किया था, पूरा हुआ?
अमित शाह ने कहा कि आपलोग 5 साल के लिए झारखंड में भाजपा की सरकार बनाएं. हमारी सरकार संताल परगना में घुसपैठ करने वाले बांग्लादेशियों को उल्टा लटकाकर सीधा कर देगी. अमित शाह ने पूछा कि हेमंत सोरेन ने वादा किया था कि हर साल 5 लाख युवाओं को रोजगार देंगे. लोगों को नौकरी मिली क्या. उन्होंने कहा कि नौकरी देने की बजाय हेमंत सोरेन की सरकार युवाओं को दौड़ा रही है. ऐसा दौड़ा रहे हैं कि युवा दौड़ते-दौड़ते मर जाएं.
झारखंड में एक के बाद एक पेपर लीक हो रहे हैं – अमित शाह
अमित शाह ने कहा कि झारखंड में एक के बाद एक पेपर लीक हो रहे हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि पैसे लेकर नौकरियां बांटी जा रहीं हैं. गरीब, युवा आदिवासी को नौकरी नहीं मिलती. उन्होंने कहा कि चुनावों में युवाओं को बेरोजगारी भत्ता देने का वादा किया, महिलाओं को 2500 रुपए पेंशन का वादा किया, नवविवाहित बहनों को सोने का सिक्का देने का वादा किया, सरकार बनने के बाद सारे वादे भुला दिये.
बड़े-बड़े वादे करने वाली झारखंड सरकार ने सिर्फ भ्रष्टाचार दिया
केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि चुनाव के पहले जनता से बड़े-बड़े वादे करने वाली इस सरकार ने झारखंड को सिर्फ भ्रष्टाचार दिया. 1000 करोड़ का खनन घोटाल किया, सेना की जमीन खा गए. इस सरकार ने झारखंड को भ्रष्टाचार के अलावा कुछ नहीं दिया.
मोदी सरकार ने आदिवासी कल्याण के लिए दिए 1.20 लाख करोड़
अमित शाह ने कहा कि जेएमएम और कांग्रेस आदिवासी कल्याण की बात करती है. उन्होंने कहा कि जब कांग्रेस की केंद्र में सरकार थी, तो उसने आदिवासी कल्याण के लिए 20 हजार करोड़ रुपए के बजट का प्रावधान किया था. वर्ष 2013-14 में. केंद्र में मोदी की सरकार बनने के बाद अब उसी विभाग का बजट 1.20 लाख करोड़ रुपए हो गया है. मोदी की सरकार ने आदिवासियों के लिए डीएमएफटी फंड दिया. 63,000 गांवों के विकास के लिए 50 हजार करोड़ रुपए खर्च करने की व्यवस्था की है.
75 साल के लोगों को 10 लाख तक मुफ्त इलाज की सुविधा देंगे
अमित शाह ने संताल परगना की जनता को संबोधित करते हुए कहा- मैं कहकर जाता हूं कि हमारा घोषणा पत्र आएगा. हम 75 साल से ज्यादा आयु के गरीब परिवारों को 10 लाख रुपए तक के मुफ्त इलाज की व्यवस्था करेंगे. आपके धान को उचित दाम पर खरीदेंगे. गांवों को सड़क, एंबुलेंस, अस्पताल और डॉक्टर की सुविधा मिलेगी.
आदिवासी बहनों के बलात्कार पर चुप है झारखंड की सरकार
अमित शाह ने हेमंत सोरेन की सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि झारखंड में बांग्लादेशी घुसपैठियों की मदद करने वाली सरकार है. दूसरी ओर भाजपा है, जो आदिवासियों की चिंता करने वाली पार्टी है. झारखंड में 37 आदिवासी बहनों का बलात्कार हुआ. साहिबगंज और दुमका की बेटी की हत्या कर दी गई, लेकिन यह सरकार कुछ नहीं बोलती.
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By Mithilesh Jha
मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.
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