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साहिबगंज में एक करोड़ 98 लाख की लागत से बनेगा आधुनिक हस्तशिल्प प्रशिक्षण केंद्र

Updated at : 30 Dec 2025 8:36 PM (IST)
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sahibganj

साहिबगंज (फाइल फोटो)

योजना एवं विकास विभाग ने इस परियोजना को स्वीकृति दे दी है. उपायुक्त हेमंत सती के प्रयास से यह केंद्र जिले के साक्षरता मोड़ के समीप खादी ग्रामोद्योग समिति की खाली पड़ी जमीन पर बनेगा.

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साहिबगंज. नये वर्ष में साहिबगंज जिले के लोगों को कौशल विकास की दिशा में बड़ी सौगात मिलने जा रही है. जिले में एक करोड़ 98 लाख रुपये की लागत से अत्याधुनिक हस्तशिल्प प्रशिक्षण केंद्र का निर्माण किया जायेगा. योजना एवं विकास विभाग ने इस परियोजना को स्वीकृति दे दी है. उपायुक्त हेमंत सती के प्रयास से यह केंद्र जिले के साक्षरता मोड़ के समीप खादी ग्रामोद्योग समिति की खाली पड़ी जमीन पर बनेगा. तीन मंजिला इस प्रशिक्षण केंद्र में पारंपरिक और स्थानीय संसाधनों पर आधारित हस्तशिल्प का व्यावसायिक प्रशिक्षण दिया जायेगा. भवन के प्रथम तल्ले पर सिल्क, दूसरे तल्ले पर जूट, जबकि तीसरे तल्ले पर बांस एवं जलकुंभी से बनी कलाकृतियों का प्रशिक्षण दिया जायेगा. प्रत्येक विधा में 40-40 प्रशिक्षुओं का बैच संचालित होगा, जिससे एक समय में कुल 120 युवक-युवतियां प्रशिक्षण प्राप्त कर सकेंगे. जिले के बोरियो, बरहेट, मंडरो और पतना प्रखंडों में पहले से बांस आधारित प्रशिक्षण, मंडरो में सिल्क तथा बरहरवा, उधवा व साहिबगंज क्षेत्र में जूट व जलकुंभी से जुड़े प्रशिक्षण की व्यवस्था चल रही है. हालांकि, उच्चस्तरीय तकनीकी मार्गदर्शन और बाजार से जुड़ाव की कमी के कारण स्थानीय प्रतिभाओं को अपेक्षित पहचान नहीं मिल पा रही थी. नये केंद्र में रांची, धनबाद, भागलपुर और कोलकाता से विशेषज्ञ प्रशिक्षक आकर एडवांस लेवल ट्रेनिंग देंगे, जिससे स्थानीय युवाओं का कौशल निखरेगा और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे. आकांक्षा हाट से विदेश तक पहुंच रही साहिबगंज की कलाकृतियां साक्षरता मोड़ के पास स्थित आकांक्षा हाट, जो 33 लाख रुपये की लागत से निर्मित है, पहले से ही बांस और सिल्क की कलाकृतियों का प्रमुख विक्रय केंद्र बन चुका है. हाल ही में यहां से 2750 यूनिट बांस की कलाकृतियां स्पेन भेजी गयीं, जिससे जिले की हस्तशिल्प क्षमता का प्रमाण मिलता है. खादी ग्रामोद्योग के सभापति सह सारठ विधायक चुन्ना सिंह ने प्रशिक्षण केंद्र स्थल और आकांक्षा हाट का निरीक्षण किया था. उनके सहयोग से इस परियोजना को स्वीकृति मिली है. इसके बाद देवघर में भी इसी तरह का प्रशिक्षण केंद्र खोले जाने की योजना है. कोट साहिबगंज में बांस, जूट, सिल्क और जलकुंभी प्रचुर मात्रा में उपलब्ध हैं. जिलास्तर पर ही गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण मिलने से युवाओं का कौशल बढ़ेगा और वे आत्मनिर्भर बन सकेंगे. इसके लिए बाहर से दक्ष प्रशिक्षक आयेंगे. हेमंत सती, उपायुक्त, साहिबगंज

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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RAKESH KUMAR

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