सरकार की नहीं, समाज की संपत्ति है गंगा : उमा

साहेबगंज : केंद्रीय मंत्री उमा भारती ने रविवार को साहेबगंज परिसदन में प्रेस वार्ता की. इस दौरान अयोध्या राम मंदिर पर पूछे गये एक सवाल को टालते हुए उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि फिलहाल यह मामला कोर्ट में लंबित है. इसलिए इस पर मैं कोई कमेंट नहीं करूंगी. साहेबगंज में नमामि गंगे परियोजना का […]
साहेबगंज : केंद्रीय मंत्री उमा भारती ने रविवार को साहेबगंज परिसदन में प्रेस वार्ता की. इस दौरान अयोध्या राम मंदिर पर पूछे गये एक सवाल को टालते हुए उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि फिलहाल यह मामला कोर्ट में लंबित है. इसलिए इस पर मैं कोई कमेंट नहीं करूंगी. साहेबगंज में नमामि गंगे परियोजना का निरीक्षण करने पहुंची केंद्रीय मंत्री उमा भारती ने कहा कि गंगा किसी सरकार की संपत्ति नहीं है. यह समाज की संपत्ति है. गंगा को बचाने के लिए समाज में रहने वाले लोगों को ही अपना दायित्व निभाना होगा.
मंत्री ने कहा कि गंगा की सफाई के लिए 20 हजार करोड़ रुपये भी कम होंगे, लेकिन यदि समाज गंगा को स्वच्छ बनाने की ठान ले, तो इतनी बड़ी राशि की आवश्यकता नहीं होगी.
गंगा में गाद जमा होने के लिए उन्होंने गंगा किनारे हो रहे खनन को जिम्मेदार बताते हुए कहा कि गाद हटाने से पहले खनन रोकने की आवश्यकता है. इस पर राज्य सरकार को मॉनिटरिंग करने की आवश्यकता है. साहेबगंज शहर में बन रहे सिवरेज सिस्टम पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि अब तक जिस सिवरेज सिस्टम में काम चल रहा है, उसमें एक बड़े बदलाव की आवश्यकता है. सिवरेज सिस्टम की परिकल्पना ही इस उद्देश्य से ही की गयी थी कि गंगा में शहर का गंदा पानी बिल्कुल न जा सके. मैंने निरीक्षण में पाया कि शहर के दो बड़े-बड़े नाले का गंदा पानी सीधे गंगा में जाता है, जो इस सिस्टम को फेल कर सकता है.
उन दो नालों को भी इस सिवरेज सिस्टम के तहत जोड़ कर बनाने का आदेश दिया गया है, ताकि शहर का गंदा पानी सीधे गंगा में न जा सके. गाद हटाने के लिए सरकार की तरफ से भी कदम उठाया जायेगा. इसके लिए हम योजना तैयार करा रहे हैं. सरकारी योजनाओं पर समाज की भी भागीदारी हो, यह तय होना चाहिए. रविवार की रात वह ट्रेन से दिल्ली रवाना हो गयीं.
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