रिहेब एरिया में ग्रामीणों ने दफनाये ताबूत
Updated at : 29 Aug 2016 8:08 AM (IST)
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जीएम से ग्रामीणों की हुई वार्ता के बाद लिया निर्णय शनिवार को ताबूत निकाले जाने का ग्रामीणों ने किया विरोध बोआरीजोर : राजमहल कोल परियोजना के नीमा कला गांव में रविवार को समझौते के बाद ग्रामीणों ने बड़ा भोड़ाय भादो टोला साइट से निकाले गये ताबूत को दफनाने दिया है. इस मामले में रविवार को […]
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जीएम से ग्रामीणों की हुई वार्ता के बाद लिया निर्णय
शनिवार को ताबूत निकाले जाने का ग्रामीणों ने किया विरोध
बोआरीजोर : राजमहल कोल परियोजना के नीमा कला गांव में रविवार को समझौते के बाद ग्रामीणों ने बड़ा भोड़ाय भादो टोला साइट से निकाले गये ताबूत को दफनाने दिया है. इस मामले में रविवार को बड़ी संख्या में ग्रामीणों के साथ इसीएल जीएम शिवाजी राव यादव के बीच वार्ता हुई. समझौता में कहा गया कि नीमाकला एरिया जो रिहेब एरिया है.
मंदिर, तालाब के अलावा कब्रिस्तान का भी निर्माण कराया गया है, जहां शव को दफनाया जायेगा. वहीं भादो टोला में खनन का कार्य हो रहा है. इस कारण खुदाई के दौरान ताबूत को उठाकर ऐसे स्थान में दफनाने का निर्णय लिया गया जहां स्थायी तौर पर ताबूत रहे. इधर शव व ताबूत के दफन के बाद मिट्टी को पूरी तरह से ढंक दिया गया.
खबर छपने के बाद जगी संवेदना
खनन कार्य के दौरान भादो टोला से निकाले गये ताबूत की खबर को प्रभात खबर में प्रकाशित किये जाने के बाद रविवार को इसीएल प्रबंधन की संवेदना जग गयी. प्रबंधन ने ग्रामीणों से वार्ता कर स्थायी तौर पर ताबूत को दफनाने का निर्णय लिया. मानवीय संवेदना को झकझोर देने वाली इस खबर की चर्चा गोड्डा में आम रही.
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