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13, 14, 15, 16, 17 और 18 सितंबर तक झारखंड में गरज-चमक के साथ वर्षा- वज्रपात की आशंका, IMD ने जारी किया येलो अलर्ट

Updated at : 13 Sep 2025 4:11 PM (IST)
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Yollow Alert Jharkhand Weather Forecast

झारखंड में 18 सितंबर तक वर्षा की चेतावनी.

Yollow Alert Jharkhand Weather Forecast:

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Yollow Alert Jharkhand: झारखंड के लिए मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी है. एक या दो दिन के लिए पूरे 6 दिन के लिए. जी हां. 13 सितंबर से लेकर 18 सितंबर तक के लिए भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने येलो अलर्ट जारी किया है. कहा है कि 18 सितंबर की सुबह 8:30 बजे तक राज्य में कहीं-कहीं गरज और आंधी-तूफान के साथ हल्के से मध्यम दर्जे की वर्षा होगी. कुछ जगहों पर वज्रपात होने की भी आशंका है.

15 सितंबर को 14 जिलों में वर्षा-वज्रपात का येलो अलर्ट

मौसम विभाग ने 15 सितंबर के लिए अलग से येलो अलर्ट जारी किया है. इसमें उन जिलों को चिह्नित किया है, जहां वर्षा और वज्रपात होने की संभावना है. इन जिलों में सिमडेगा, पश्चिमी सिंहभूम, खूंटी, पूर्वी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां, बोकारो, धनबाद, गिरिडीह, जामताड़ा, देवघर, दुमका, गोड्डा, पाकुड़ और साहिबगंज जिले में कुछ जगहों पर गर्जन के साथ वर्षा-वज्रपात होने की संभावना है.

16 अगस्त को कई जिलों में 110 मिमी तक हो सकती है वर्षा

मौसम वैज्ञानिक ने बताया है कि 16 अगस्त 2025 को हजारीबाग, कोडरमा, गिरिडीह, देवघर, जामताड़ा, दुमका, गोड्डा, पाकुड़ और साहिबगंज जिले में कहीं-कहीं वर्षा होने की संभावना है. इन जिलों में 7 से 11 सेंटीमीटर यानी 70 से 110 मिलीमीटर तक वर्षा होने की संभावना है.

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Yollow Alert: 17 अगस्त को भी नहीं रुकेगा बारिश का दौर

अगर 17 सितंबर के मौसम की बात करें, तो इस दिन चतरा, हजारीबाग, कोडरमा, गिरिडीह, देवघर, जामताड़ा, दुमका, गोड्डा, साहिबगंज और पाकुड़ जिले में कहीं-कहीं भारी वर्षा होगी. इस दौरान कुछ जगहों पर तेज आंधी भी चल सकती है. मौसम केंद्र ने कहा है कि आंधी की रफ्तार 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे रहने की संभावना है. कुछ जगहों पर वज्रपात भी हो सकता है. यह चेतावनी 18 सितंबर की सुबह 8:30 बजे तक के लिए मान्य रहेगी.

कोडरमा के चंदवारा में एक दिन में हुई 71. 5 मिलीमीटर वर्षा.

झारखंड में सबसे ज्यादा चंदवारा में बरसा मानसून

पिछले 24 घंटे के मौसम की बात करें, तो चंदवारा, तिलैया, तिलैया डीवीसी, कोडरमा डीवीसी, पथरगामा, महारो, सिलाईचक, बालूमाथ, बरही डीवीसी, गुमला बिशुनपुर, देवघर, पांकी, रांची, गोला और पालगंज में 11 मिलीमीटर से 71.5 मिलीमीटर के बीच वर्षा हुई. इस दौरान पूरे झारखंड में 4.5 मिलीमीटर वर्षा हुई, जो सामान्य वर्षा से 38 फीसदी कम है. एक दिन में यहां 7.2 मिमी वर्षा होनी चाहिए थी.

24 घंटे के दौरान झारखंड में कहां-कहां हुई वर्षा

जगह का नामवर्षापात
चंदवारा71.5 मिलीमीटर
तिलैया70.0 मिलीमीटर
तिलैया डीवीसी60.5 मिलीमीटर
कोडरमा डीवीसी55.5 मिलीमीटर
पथरगामा33.2 मिलीमीटर
महारो32.2 मिलीमीटर
सिलाईचक20.0 मिलीमीटर
बालूमाथ19.0 मिलीमीटर
बरही डीवीसी16.2 मिलीमीटर
गुमला बिशुनपुर16.0 मिलीमीटर
देवघर15.4 मिलीमीटर
पांकी15.3 मिलीमीटर
रांची12.2 मिलीमीटर
गोला11.0 मिलीमीटर
पालगंज11.0 मिलीमीटर
स्रोत : मौसम केंद्र रांची

झारखंड में अब तक 1077.9 मिमी बरसा मानसून

समग्र झारखंड में वर्षापात की बात करें, तो अब तक 1077.9 मिलीमीटर वर्षा हुई है, जो सामान्य से 19 फीसदी अधिक है. 1 जून से 13 सितंबर तक मानसून के दौरान झारखंड में 906.9 मिलीमीटर वर्षा को सामान्य वर्षा माना जाता है. इस बार इससे अधिक बारिश हुई है. पाकुड़ समेत कुछ अन्य जिलों को छोड़ दें, तो सभी जिलों में अब तक सामान्य वर्षा हुई है.

इन जिलों में 1000 मिलीमीटर से अधिक बरसा मानसून.

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Mithilesh Jha

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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