झारखंड हाइकोर्ट ने सरकार से पूछा- अंगरक्षक देने के क्या है नियम

झारखंड हाइकोर्ट ने राज्य सरकार को यह बताने का निर्देश दिया कि किसी को सुरक्षा के नाम पर अंगरक्षक देने का क्या नियम है.
Jharkhand High Court latest news, bodyguards providing rules in jharkhand रांची : झारखंड हाइकोर्ट के जस्टिस आनंद सेन की अदालत ने धनबाद पुलिस द्वारा अंगरक्षक उपलब्ध नहीं कराने को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए राज्य सरकार को जवाब देने का निर्देश दिया. अदालत ने राज्य सरकार को यह भी बताने का निर्देश दिया कि किसी को सुरक्षा के नाम पर अंगरक्षक देने का क्या नियम है. प्रार्थी को अंगरक्षक क्यों नहीं दिया जा रहा है. जवाब देने के लिए सरकार को आठ सप्ताह का समय प्रदान किया. उक्त निर्देश देने के बाद अदालत ने सुनवाई स्थगित कर दी. उल्लेखनीय है कि प्रार्थी ने सुरक्षा के लिए अंगरक्षक देने की मांग की है.
रांची. इंवायरमेंटल क्लियरेंस के मामले में जवाब देने के लिए केंद्र सरकार को समय मिल गया है. हाइकोर्ट के जस्टिस राजेश शंकर की अदालत ने रांची के 50 से अधिक प्रोजेक्ट के निर्माण कार्य पर रोक लगाने को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए अगली सुनवाई के लिए तीन मार्च की तिथि निर्धारित की. अदालत ने केंद्रीय वन, पर्यावरण व क्लाइमेट चेंज मंत्रालय की ओर से जवाब दायर करने का निर्देश दिया. इसके बाद सुनवाई स्थगित कर दी गयी. राज्य सरकार की ओर से अपर महाधिवक्ता सचिन कुमार ने अदालत को बताया कि एनजीटी के आदेश के आलोक में बिना इंवायरमेंटल क्लियरेंस के चल रहे निर्माण कार्यों पर रोक लगा दी गयी है.
रांची. हाइकोर्ट के जज संजय कुमार द्विवेदी की अदालत ने संगीत शिक्षक नियुक्ति मामले में दायर याचिकाओं पर सुनवाई की. अदालत ने कहा कि संगीत शिक्षकों के खिलाफ किसी प्रकार की पीड़क कार्रवाई करने पर पूर्व में लगायी गयी रोक बरकरार रहेगी. साथ ही अदालत ने सरकार को दस्तावेज दायर करने के लिए समय प्रदान किया. इसके बाद सुनवाई चार सप्ताह के लिए स्थगित कर दी. प्रार्थियों ने सरकार के उस आदेश को चुनाैती दी है, जिसमें शिक्षा पदाधिकारियों को प्रयाग संगीत समिति इलाहाबाद व प्राचीन कला केंद्र चंडीगढ़ की डिग्री के आधार पर नियुक्त संगीत शिक्षकों को चिह्नित कर सेवा से हटाने काे कहा गया है.
Posted by : Sameer Oraon
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