रांची की एक ऐसी कॉलोनी, जहां 30 साल से गंदे पानी के जमाव से परेशान हैं लोग

Published by : KumarVishwat Sen Updated At : 23 May 2026 2:45 PM

विज्ञापन

रांची के पंडरा स्थित विजय पथ कॉलोनी की बदहाल स्थिति. फोटो: प्रभात खबर

Ranchi News: रांची के पंडरा स्थित विजय पथ कॉलोनी के लोग 30 साल से गंदे पानी और जलजमाव की समस्या झेल रहे हैं. नालियां मेन ड्रेनेज से नहीं जुड़ी हैं, जिससे गलियों में बदबूदार पानी जमा है. मच्छरों और बीमारियों के खतरे से लोग परेशान हैं. इससे जुड़ी खबर नीचे पढ़ें.

विज्ञापन

Ranchi News: झारखंड की राजधानी रांची के पंडरा इलाके में स्थित विजय पथ कॉलोनी के लोग पिछले करीब 30 सालों से गंदे पानी के जमाव की समस्या से जूझ रहे हैं. कॉलोनी में नालियों का निर्माण तो कराया गया, लेकिन उन्हें आज तक मेन ड्रेनेज से नहीं जोड़ा गया. इसका नतीजा यह है कि घरों से निकलने वाला गंदा पानी गलियों और खुले मैदानों में जमा होकर लोगों के लिए बड़ी परेशानी बन चुका है.

यह कॉलोनी पंडरा स्थित आरके भोजनालय के पास वार्ड नंबर-32 और हटिया विधानसभा क्षेत्र में आती है. स्थानीय लोगों का कहना है कि वर्षों से शिकायत के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया. गर्मी हो या बरसात, हर मौसम में कॉलोनी के लोग गंदे पानी, बदबू और मच्छरों के बीच रहने को मजबूर हैं.

400 से 500 परिवारों की बढ़ी परेशानी

कॉलोनी की निवासी और डोरंडा स्थित संत अंथोनी स्कूल की शिक्षिका अनिमा सिन्हा ने बताया कि विजय पथ कॉलोनी में लगभग 400 से 500 परिवार रहते हैं. इन सभी घरों का गंदा पानी नालियों के जरिए कॉलोनी के बीच स्थित एक खुले मैदान में जाकर गिरता है. उन्होंने बताया कि पहले किसी तरह पानी उस मैदान में फैलकर निकल जाता था, लेकिन अब वहां निर्माण कार्य शुरू हो गया है. इससे पानी की निकासी पूरी तरह बाधित हो गई है. नतीजतन नालियों का पानी अब गलियों और सड़कों पर जमा हो रहा है. अनिमा सिन्हा के मुताबिक गर्मी के मौसम में भी नालियां उफनकर सड़क पर आ जाती हैं, जबकि बरसात में हालात और ज्यादा खराब हो जाते हैं. लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो जाता है. कई जगहों पर सड़कें पूरी तरह नाली के पानी से भर जाती हैं.

खुले मैदान में बन गया कूड़ा और मच्छरों का अड्डा

स्थानीय लोगों के अनुसार कॉलोनी के बीच मौजूद खुला मैदान अब डंपिंग जोन में तब्दील हो चुका है. यहां लोग कूड़ा-कचरा फेंकते हैं. गंदे पानी के लगातार जमाव के कारण यह इलाका मच्छरों के पनपने का बड़ा केंद्र बन गया है. कॉलोनीवासियों का कहना है कि बदबू इतनी तेज रहती है कि घरों के दरवाजे और खिड़कियां तक बंद रखनी पड़ती हैं. मच्छरों की वजह से डेंगू, मलेरिया और अन्य बीमारियों का खतरा लगातार बना रहता है. बच्चों की स्थिति सबसे ज्यादा खराब है. गलियों में गंदा पानी जमा रहने के कारण वे बाहर खेल नहीं पाते. कई बार बच्चे पानी में गिरकर बीमार हो जाते हैं. बुजुर्गों और महिलाओं को भी आने-जाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है.

वर्षों से जनप्रतिनिधियों से लगाई जा रही गुहार

स्थानीय निवासियों का कहना है कि उन्होंने कई बार जनप्रतिनिधियों और प्रशासन से इस समस्या की शिकायत की. लोगों ने विधायक से मिलकर पानी निकासी के लिए मोटर की व्यवस्था भी करवाई थी, ताकि जमा पानी बाहर निकाला जा सके. हालांकि, वर्तमान में वह मोटर भी काम नहीं कर रही है. ऐसे में समस्या फिर गंभीर हो गई है. लोगों का कहना है कि अस्थायी उपायों से राहत नहीं मिलने वाली. जब तक कॉलोनी की नालियों को मेन ड्रेनेज लाइन से नहीं जोड़ा जाएगा, तब तक समस्या बनी रहेगी.

इसे भी पढ़ें: डीएवी कपिलदेव के पूर्व प्रिंसिपल को तीन साल की सजा, यौन उत्पीड़न मामले में कोर्ट का फैसला

बरसात से पहले समाधान की मांग

अब जबकि मानसून आने वाला है, विजय पथ कॉलोनी के लोगों की चिंता और बढ़ गई है. स्थानीय निवासियों का कहना है कि यदि समय रहते पानी निकासी की स्थायी व्यवस्था नहीं की गई, तो बरसात में स्थिति और भयावह हो सकती है. लोगों ने नगर निगम और प्रशासन से मांग की है कि कॉलोनी की नालियों को मुख्य ड्रेनेज से जोड़ा जाए और बीच के खुले मैदान की सफाई कर वहां जल निकासी की समुचित व्यवस्था की जाए. करीब तीन दशक से गंदे पानी की समस्या झेल रहे विजय पथ कॉलोनी के लोगों को अब उम्मीद है कि उनकी परेशानी पर प्रशासन गंभीरता से ध्यान देगा और उन्हें इस नारकीय स्थिति से राहत मिलेगी.

इसे भी पढ़ें: जेटेट से गैर-झारखंडी भाषाओं को हटाने की मांग तेज, मंत्री योगेंद्र प्रसाद के आवास पर हुई अहम बैठक

विज्ञापन
KumarVishwat Sen

लेखक के बारे में

By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola