Hec News : एचइसी नगर प्रशासन विभाग अवैध निर्माण को लेकर नोटिस भी चस्पा नहीं करा पा रहा
Published by : Prabhat Khabar News Desk Updated At : 05 Jan 2025 9:51 PM
प्रतिदिन आठ से 10 अवैध निर्माण की आ रही शिकायत
रांची. एचइसी आवासीय परिसर में लगातार अवैध निर्माण हो रहा है. जिसके कारण अब खेल के मैदान और खाली जगह नजर नहीं आ रहे हैं. लोगों को जहां खाली जगह दिखायी देती है, वहां अपनी सहूलियत के हिसाब से निर्माण कर रहे हैं. मकान, दुकान व गैरेज धड़ल्ले से बना रहे हैं. जिसकी शिकायत भी लोगों द्वारा प्रबंधन को लिखित और दूरभाष से की जाती है, लेकिन प्रबंधन द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है. एचइसी के एक अधिकारी ने बताया कि आये दिन आठ से 10 अवैध निर्माण की शिकायत एचइसी नगर प्रशासन विभाग को मिल रही है. प्रबंधन द्वारा प्राप्त सूचना के आधार पर नोटिस बनाया जाता है, लेकिन सुरक्षाकर्मी भय के कारण नोटिस देने या चिपकाने भी नहीं जाते हैं. लोगों द्वारा कहा जाता है कि सभी ने अवैध निर्माण किया है. जो पहले से अवैध निर्माण किये हैं, उनका पहले तोड़ें. वहीं नगर प्रशासन विभाग के एक कर्मी ने बताया कि अस्थायी कर्मियों के भरोसे एचइसी आवासीय परिसर की सुरक्षा की जा रही है. अवैध निर्माण हटाने के लिए चार से पांच कर्मी जाते हैं, जिन्हें लोग भगा देते हैं. वहीं कई लोगों द्वारा कहा जाता है कि पैसा देकर निर्माण कराये हैं, इसलिए नोटिस नहीं लेंगे.
उत्पादन ही एचइसी को बचाने का एकमात्र रास्ता
रांची. हटिया मजदूर यूनियन (सीटू) के अध्यक्ष भवन सिंह ने कहा कि उत्पादन बढ़ने से ही वेतन भुगतान होगा. प्रबंधन वेतन के प्रति संजीदा है और आकांक्षा से राशि जल्द ही आने की संभावना है, यह सभी को मालूम है. केंद्र सरकार एचइसी को आर्थिक मदद नहीं कर रही है. ऐसे में एचइसी को बचाने और आगे बढ़ाने के लिए उत्पादन ही एकमात्र रास्ता है. उन्होंने अस्थायी कर्मी, स्थायी कर्मी और अधिकारियों से मिलकर उत्पादन करने की बात कही. जहां तक पिछले 28 माह के बकाया वेतन की बात है, तो वह वेतन भुगतान के बाद ही पता चलेगा. इसलिए श्रमिक संगठनों के नेता कर्मियों को उत्पादन बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित करें.
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar News Desk
यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










