केंद्रीय विद्यालय पहुंच बचपन याद कर पूर्ववर्ती छात्र भावुक

Updated at : 10 Mar 2025 6:12 PM (IST)
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केंद्रीय विद्यालय पहुंच बचपन याद कर पूर्ववर्ती छात्र भावुक

केंद्रीय विद्यालय डकरा के खुलने की खुशी में पूर्ववर्ती छात्रों ने मिलकर रविवार शाम को विद्यालय परिसर में होली मिलन समारोह सह इफ्तार पार्टी की.

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केंद्रीय विद्यालय डकरा के खुलने की खुशी में होली मिलन और इफ्तार एक साथ

प्रतिनिधि, डकरा

केंद्रीय विद्यालय डकरा के खुलने की खुशी में पूर्ववर्ती छात्रों ने मिलकर रविवार शाम को विद्यालय परिसर में होली मिलन समारोह सह इफ्तार पार्टी की. बहुत कम समय में मिली सूचना के बावजूद लगभग 50 लोग दूर-दूर से आकर इसमें शामिल हुए. कार्यक्रम में जब सभी अपना परिचय दे रहे थे तो वह कौन-सी कक्षा में किस शिक्षक से पिटाई खाए और स्टेज पर कितनी बार मुर्गा बनाये गये. सभी को याद करते हुए होली के त्योहार को ऐसा हंसी-ठिठोली से भर दिया कि लोगों ने कुछ घंटे बचपन को जी लिया. पुन: विद्यालय खुलने और इसके लिए प्रयास करने वालों के प्रति आभार व्यक्त किया गया. खासकर स्थानीय सांसद सह केंद्रीय रक्षा राज्यमंत्री संजय सेठ व इस मुद्दे को हमेशा जिंदा रखने के लिए प्रभात खबर को धन्यवाद दिया. मुस्लिम भाई के रोजा खोलते ही रंग-गुलाल और गीत-संगीत के साथ ऐसी होली खेली गयी जैसे दो घंटे में सभी अपने बचपन के दौर में पहुंच गये. क्लास रुम में गाने वाले पुराने छात्रों ने माइक पर गीत गाकर माहौल को और यादगार बना दिया. इस अवसर पर राजीव चटर्जी, अनील जैन, चन्द्रजीत वर्मा,भरत थापा, संतोष त्यागी, अशोक प्रताप सिंह, फकरुद्दीन अंसारी ममलु, जाबिर हुसैन भोला, गोपाल तुरी, अमर सतनामी, विरेन्द्र चौहान, राम अयोध्या सिंह, मिथिलेश प्रसाद, सुधांशु शेखर, सुमंतो दास, रामप्रताप सिंह, आनंद सिंह, सुबोध पांडेय कार्तिक, संजय सिंह, इरफान अंसारी, अजीत कुमार, मनोज कुमार, सुनील कुमार, विक्रांत कुमार सहित कई लोग मौजूद थे.

प्रभात खबर में छपी खबरों को किया याद

वर्ष 1995 के बाद केंद्रीय विद्यालय डकरा जब कई कारणों से जर्जर स्थिति में पहुंच गया था तब वर्ष 2000 में छपी खबर कि कभी भी बंद हो सकता है केंद्रीय विद्यालय डकरा. इसके बाद लगातार समय-समय पर प्रभात खबर इसे उठाता रहा. जब प्रभात खबर से ही लोगों को पता चला कि जल्द विद्यालय पुनः खुलेगा. वक्ताओं ने कहा कि वर्ष 2000 में छपी खबर को गंभीरता से संज्ञान लिया जाता तो विद्यालय बंद नहीं होता. कहा कि सचमुच प्रभात खबर अखबार नहीं आंदोलन है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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