रांची के नामकुम में बाघ के हमले से बैल की मौत, दहशत में ग्रामीण

Updated at : 12 May 2025 8:44 PM (IST)
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Tiger in Ranchi

घटनास्थल पर जांच करती वन विभाग की टीम. फोटो : प्रभात खबर

Tiger in Ranchi: रांची के नामकुम थाना क्षेत्र अंतर्गत हुआंगहातू पंचायत के रायसा टोला में एक बैल की मौत से ग्रामीणों में दहशत है. सोमवार की सुबह सोमरा मुंडा के घर के समीप मृत बैल को ग्रामीणों ने देखा. वनपाल नितेश केशरी ने बताया कि जिस तरह बैल के गले व अन्य अंगों पर चोट और पंचे के निशान हैं, संभवतः बाघ ने ही उस पर हमला किया है, जिसकी वजह से उसकी मौत हुई.

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Tiger in Ranchi| नामकुम (रांची) राजेश वर्मा : झारखंड की राजधानी रांची के नामकुम थाना क्षेत्र अंतर्गत हुआंगहातू पंचायत के रायसा टोला में एक बैल की मौत से ग्रामीणों में दहशत है. ग्रामीणों का मानना है कि इस बैल को बाघ ने मारा है. घटना रविवार की रात हुई. जंगली जानवर ने रोड़े मुंडा के बैल को मार डाला. सोमवार की सुबह सोमरा मुंडा के घर के समीप मृत बैल को ग्रामीणों ने देखा. बाघ आने की सूचना पूरे पंचायत में आग की तरह फैल गयी.

पुलिस और वन विभाग के अधिकारियों ने की जांच

विधायक प्रतिनिधि एतवा उरांव और पंचायत के मुखिया विवेक मुंडा रायसा पहुंचे. उन्होंने पुलिस को इसकी सूचना दी. सूचना मिलने पर साढ़े 8 बजे पुलिस एवं 10 बजे वन विभाग से प्रभारी वनपाल तैमारा नितेश केशरी, वनरक्षी शशि कुमार महतो, वनरक्षी अनल सिंह मुंडा, रांची डिवीजन की वनरक्षी सरिता कुमारी मौके पर पहुंचीं. टीम ने जरूरी जांच की. पशु चिकित्सक को बुलाकर जांच और पंचनामा करवाया.

रात के 11 से साढ़े 11 के बीच हुआ बैल पर हमला

रोड़े मुंडा के अनुसार, घर से कुछ दूरी पर उनके मवेशी थे. रात 11 से साढ़े 11 बजे सभी मवेशी इधर-उधर भागने लगे. ग्रामीणों ने बाघ के दहाड़ने की आवाज सुनी, जिससे सभी डर गये. लोगों में घर से बाहर निकलने की हिम्मत नहीं हुई. गांव के कुत्ते भौंकने लगे, जिसके बाद बाघ जंगल की ओर भाग गया.

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वनपाल बोले- संभवत: बाघ ने ही हमला किया है

वनपाल नितेश केशरी ने बताया कि जिस तरह बैल के गले व अन्य अंगों पर चोट और पंचे के निशान हैं, संभवतः बाघ ने ही उस पर हमला किया है, जिसकी वजह से उसकी मौत हुई. गले की हड्डी टूटी हुई है. इस तरह के हमले बाघ, शेर या अन्य बड़े जंगली जानवर ही कर सकते हैं. बताया कि टीम ने जंगल, नदी व खेत की ओर जाकर पैर के निशान देखने के प्रयास किये, लेकिन कहीं पंजे का निशान नहीं मिला.

घटनास्थल पर दहशतजदा ग्रामीण. फोटो : प्रभात खबर

कुछ दिन पहले रुडुंगकोचा में दिखा था शेर

कुछ दिन पहले प्रखंड के रुडुंगकोचा, बंधुवा, कोचड़ो में भी ग्रामीणों ने शेर आने की सूचना दी थी. खिजरी विधायक राजेश कच्छप की पहल पर पुलिस और वन विभाग की बैठक हुई थी. संभवतः वहां भी बाघ होगा, जो भटककर रायसा पहुंचा होगा.

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ग्रामीणों में दहशत का माहौल

रायसा 10-12 घरों का टोला है. इस टोले में बाघ आने की सूचना के बाद से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है. सभी शाम होते ही घरों में दुबक गये. ग्रामीणों को आशंका है कि टोला के समीप ही जंगल एवं पहाड़ पर बाघ छिपा होगा. विधायक प्रतिनिधि एतवा उरांव ने बताया कि गांव में सुविधा का अभाव है.

ग्रामणों की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाने की मांग

उन्होंने कहा कि इंसान तो घर में रह लेंगे, लेकिन सभी मवेशियों को घर के अंदर रखना मुश्किल है. गर्मी की वजह से परेशानी और बढ़ गयी है. मुखिया विवेक मुंडा ने ग्रामीणों को सतर्क रहने को कहा है. उन्होंने वन विभाग से ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है.

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Mithilesh Jha

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By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 30 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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